ऋषि कपूर का क्रेज घटा

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मायापुरी अंक 9.1974

बॉबी की भारी सफलता के बाद रातों रात स्टार बन जाने वाले चिन्टू की चर्चा आज कल कम हो चली है। कहा जाता है कि उसे अब हर दो मिनट में एक टेलीफोन कॉल नही आती 1000 पत्र प्रतिदिन नही आते। लड़कियों उसके इर्द गिर्द अब घेरा नही डालती। अब उसे घर के पिछले दरवाजे से भी नही घुसना पड़ता।
दिल्ली में प्रधानमंत्री सहायता कोष के लिये खोले गये स्टार किक्रेट मैच में चिन्टू (ऋषिकपूर) को देख कर वह तालियां नही बजी जो बॉबी के प्रीमियर पर दिल्ली में बजी थी। निर्माता अब उसके पीछे नही भाग रहे। जीनत ने उसके साथ काम करने से इन्कार कर दिया है। जया भादुड़ी के साथ काम करने की उसकी इच्छा अभी भी पूरी नही हुई है। प्रसिद्ध तैराक युवती नफीसा अली बेग चिन्टू के साथ फिल्म में आने का अभी निर्णय नही कर पाई है। नीतू सिंह के साथ 6 फिल्मों में आने के बावजूद उसके संबंध बिगड़ने की चर्चा गर्म है। मौसमी चटर्जी के साथ शूटिंग तारीखें नही मिली है। परवीन बॉबी डैनी के साथ प्यार की पींगे बढ़ा रहो है। सुलक्षणा पंडित के साथ काम करने का ऋषि के फैसले का प्रभाव अब कम हो गया है क्योंकि राजेश खन्ना के साथ उसकी फिल्म तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है।

डिम्पल के बाद ऋषि कपूर ने सिम्पल की ओर कदम बढ़ाये थे मगर उसे भी जीजा जी (राजेश खन्ना) ले उड़ा एंव यह नई टीम शक्ति सामंत पेश कर रहे है जिसकी शूटिंग नवम्बर में प्रारम्भ है। 25 फिल्मों में नायक बनने वाले चिन्टू को साल बीतने पर भी कोई नयी फिल्म नही आई है।

आज उसी चिन्टू ने बताया “मुझे ‘गौसिप्स’ से नफरत है और यहां के पत्रकारों को ‘गौसिप्स के अलावा कोई काम ही नही है। किसी न किसी के बारे में कुछ भी ऊटपंटंग छापते रहते है।

यहां शायद यह महाशय भूल गये थे कि डिम्पल ऋषि के रोमांस के ‘गौसिप्स का प्रचार सबसे अधिक इन्हीं के पूजनीय पिताजी ने कराया था। चिन्टू ने स्वंय माना है। “मैंने तो कभी सोचा भी नही था कि मैं रातों रात स्टार बन जाऊंगा मैं धीरे-धीरे सफलता प्राप्त करना चाहता था। पहले एक्टर और फिर स्टार। मगर अब मुझे स्टार कहा जाता है। लोग मुझसे उम्मीदें करने लगे है।

एक प्रश्न के उत्तर में कपूर खानदान के इस उभरते कलाकार ने बताया, “पहले मैं मजे मे था, पापा का असिस्टेंट था घिसकर काम लिया जाता था। मैं भी खा-पीकर मस्त रहता था…कुछ फिक्र नही थी। अब तो यही सोचता रहता हूं अगली फिल्म हिट न हुई, तो क्या होगा..हमेशा यही डर लगा रहत है चिन्टू प्यारे मारे जाओगे नाक कट जायेगी..उधर यार लोग वैसे ही दिमाग खराब करने की तैयारियां करते रहते है..पापे तू ग्रेट है क्यों रिहर्सल में मगज खपा रहा है..वैसे ही हिट हो जायेगा चिन्टू यार मुहं पर नही कहते, मगर सच्ची बात यह है कि तेरे जैसा कलाकार आज तक पैदा नही हुआ। अब आप ही बताइये अगर ऐसी बातें सुनूंगा तो किसका दिमाग खराब नही हो जायेगा..यह खुशामदें बड़ी धारदार होती है. लाख कवच पहनो छेदकर दिल गुदगुदाने लगती है और फिर सर में घुसने लगता है मैं इसी चिंता में डूबा रहता हूं कि कही यह कवच ढीला न पड़ जाये।

एस.एस सी फेल…स्कूल में जुआ खेलने, सिगरेट फूंकने में मशहूर..हर छठे महीने स्कूल से निकाला दिया जाने वाला चिंतू ‘कमर्शियल एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहता था मगर किस्मत एवं पारिवारिक भूमिका उसे फिल्मों में ले आई।

हालांकि ऋषि कपूर ने कहा था “मैं भाग्य की रेखाओं में विश्वास नही करता, क्योंकि रेखाएं तो बन्दरों के हाथों मैं भी होती है। मुझे काम में विश्वास है। हमारे खानदान ने काम के चल बल पर ही अपने को बनाया है और विश्व में कपूर खानदान ही ऐसा है जिसकी तीन पीढ़ियां अभिनेता रही है…मैं भी अपने बेटे को एक्टर बनाऊंगा।

आपको डैडी की सबसे बढ़िया फिल्म कौन सी लगी ?
इस प्रश्न के उत्तर में चिन्टू ने कहा ‘श्री 420 एंव जिस देश में गंगा बहती है.बरसात भी मुझे काफी पसन्द आई। मैनें पहली फिल्म जो देखी वह थी ”श्री 420”

“आपको किस किस्म की भूमिकाएं पसन्द है ?
जिनमें वास्तविकता की अनुभूति हो बॉबी एंव ‘मेरा नाम जोकर’ ऐसी ही फिल्में थीं जिनमें मैं डूब गया था। मौसमी चटर्जी के साथ बन रही ‘जहरीला इन्सान भी वास्तविकता को छूती है” चिन्टू ने कहा।
लड़कियों के बारे में पूछने पर चिन्टू ने बताय, “मुझे हर सुंदर लड़की से प्यार है। अपनी छुट्टियों को मैं समुंद्र के किनारे सुन्दर लड़कियों के साथ गुजारने में आनन्द महसूस करता हूं दुनिया से दूर-चिन्ताओं से मुक्त नही वही तो एक ऐसी जगह है जहां मैं सब कुछ भूल जाता हूं नही…शादी का इरादा नही है कोई लड़की भी नजर में नही है। नही..कोई सरप्राइज नही दूंगा।
बोला तो नही, पर यह आवाज दिल में जरूर उठी बड़ी चालू चक्की है चिंटू की।

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Mayapuri