जरूरत और वक्त

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Reena Roy

मायापुरी अंक 6.1974

कहते है जरूरत ईजाद की मां है और जरूरत पर आदमी गधे को भी बाप बना लेता है। शायद इसीलिए आज की फिल्मों की मारी लड़कियों ब्रेक पाने के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाती हैं जैसे कि फिल्म ‘जरूरत’ में एक जरूरत मन्द लड़की के रूप में रीनारॉय अपने बूढ़े मालिक को भी ‘खुश’ करने से भी नही चुकी थी। लेकिन वह वक्त और,दिन और थे अब रेहाना सुल्तान की तरह वह भी सैक्सी सीन करने में परहेज करने लगी है। यहां तक कि एक फिल्म की शूटिंग केवल इसी बजट से रुकी पड़ी है कि रीनारॉय उसमे रेप सीन में भाग नही लेना चाहती क्योंकि खलनायक रेप करते समय उसके कपड़े फाड़ देता है.

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Mayapuri