दिल फेंक जीतेन्द्र फंसा शादी के चक्कर में

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Sanjeev Kumar and Jeetendra or shobha sippy

 

मायापुरी अंक 9.1974

दिनांक 31 अक्टूबर, दिन गुरूवार बम्बई में एक धमाका हुआ जिस की किसी को कल्पना तक न थी। जीतेन्द्र ने चुपके से शादी कर ली। किसके साथ ? क्या हेमा के साथ ? नही, अपनी पुरानी प्रेमिका शोभा सिप्पी के साथ।

शोभा सिप्पी एयर होस्टेज थी। कुछ वर्ष पूर्व उसकी शामें हमारे बांके हीरो जीतेन्द्र के साथ बीता करती थी। अभी प्रेम की पींगे अधिक ऊंची न उठी थी कि नादान दिल जीतेन्द्र ने शोभा से मंगनी कर ली। शोभा ने नौकरी छोड़ दी और वह विवाह की तारीख का इंतजार करने लगी।

जीतेन्द्र ने थोड़े ही समय में उन्नति की और वह चोटी का स्टार बन गया। सभी ने एकमत होकर घोषणा की कि शोभा का पांव फलदायक हुआ है। शोभा इस बात को सुनती तो बड़ी सुखदायक गुदगुदी अनुभव करती। जीतेन्द्र सुनता तो उसे आघात पहुंचता। बड़ी अजीब स्थिति थी। भला इसमें बुरा मानने की क्या बात थी।

जीतेन्द्र ने तरक्की की और साथ ही वह हीरोइनों का चहेता बन गया। अफसाना पाठकों से छिपा नही है कि जीतेन्द्र हीरोइनों के प्रेमजाल में जा फंसा और इस हद तक वह दीवाना हो गया कि मुमताज से शादी करने के लिए अपना स्वाभिमान तक दांव पर लगाने को तैयार हो गया।

शोभा सिप्पी को जीतेन्द्र के एक एक क्षण का ब्यौरा ज्ञात रहता। वह किसके साथ मुमताज के साथ जीतेन्द्र की गहन मोहब्बत उसे बखूबी पता थी। वह कब मुमताज के साथ किस होटल या फ्लैट में था, किस शहर में यह दोनों शूटिंग करने या शूटिंग के बहाने गये है आदि बाते शोभा को पता चलती रहती। लेकिन इस धीरज वाली बहादुर युवती ने खामोश रहकर सारे तमाशे पर नजरसानी करती रही।

आखिर मुमताज ने जीतू को कोरी ना कह दी। जीतू ने फिर भी उसका पीछा न छोड़ा। वह उसके लिए अपना धर्म तक बदलने को तैयार हो गया। उसने यहां तक कहा कि यदि मुमू चाहेगी तो वह उसे शादी के बाद भी फिल्मों में काम करने से न रोकेगा। लेकिन मोरनी को मोर मिल चुका था।

कुछ दिनों के लिए जीतू ने लीना चंदावरकर को अपने नजदीक आने की कोशिश की। ‘गहरी चाल’ के दिनों में हेमा मालिनी का दिल जीतना चाहा लेकिन सफल न हो सका। इतना खूबसूरत, इतना अच्छा बांका जवान जब स्वाभिमान त्याग कर औरत-दर औरत मुंह मारने की सोचता फिरता है तो औरतें उसे मर्द नही समझती। यही बात इस गभरू जवान के साथ भी हुई। शोभा ये सभी। नाटक बड़े गौर से देखती रही। वह जीतू से मिलने की कोशिशे करती और नाकाम रहती। कभी-कभार जब वह जीतू को किसी मुहूर्त के समय या शूटिंगस्थल पर जा घेरती तो जीतू उसे बुरी तरह दुत्कारता, उसे आईने में अपना मुंह निहारने की घिनौनी सलाह देता। रोती-पीटती शोभा पांव पटखारती वहां से निकल आती।

लेकिन शोभा को नही खोना था, सो वह मंगनी की अंगूठी को सोने से लगाये सुबकती रही, सुबकती रही, मुमताज ने धूमधाम से शादी कर ली। लीना ने एक मुख्यमंत्री का लड़का फांस लिया। रह गयो हेमा जीतू ने हेमा को अपनी पत्नी बनाने की योजना बनाली और शोभा को हमेशा के लिए भूल जाने का षडयंत्र रच लिया।

इस बीच लोगों ने शोभा सिप्पी को बुरा भला कहना आरंभ कर दिया था। कैसी बेशर्म लड़की है, आंखों से देख रही है, फिर भी समझती कुछ नही। उसे चाहिये कि वह जीतू के मुंह पर थूक दे मंगनी की अंगूठी को समुंदर में फेंक दे। कह दे कि वह ऐसे दगावाज और बेवफा जीतू से घृणा करनी है, लेकिन शोभा जाने क्या सोचकर चुप रही और तब तक चुप रही जब तक जीतू ने हेमा से अपना नाटक आरंभ नही किया।

मद्रास में ‘दुल्हान’ सैट पर जीतू हेमा से मंगनी करने की नाटकीय तैयारी कर चुका था कि शोभा मद्रास जा पहुंची धर्मेन्द्र ने उसकी मदद की और हेमा-जीतू सगाई होते-होते रुक गयी। यह किस्सा भी पाठकों को भलीभांति ज्ञात है।

जंगहंसाई का शिकार जब बम्बई पहुंचा तो उसने अपना सारा क्रोध शोभा-सिप्पी पर उगल दिया। शोभा ने यह भी सहन कर लिया। फिर खबरें आयी कि जीतेन्द्र ने शोभा सिप्पी का कुछ दे-दिला कर अपने संबंध समाप्त कर लिये है और वह अब शोभा को दिये गये वचन से पूरी तरह आजाद हो गया है। यह खबर हमें 27 अक्टूबर को सुनने को मिली जब जीतेन्द्र अपनी नयी फिल्म ‘कौन किसका’ किसका के मुहूर्त पर महबूब स्टूडियो में आया था। उस दिन राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर, संजीव कुमार, विद्या सिन्हा, मल्लिका साराभाई और नया नायक दुष्यंत भी मौजूद था। जीतेन्द्र के एक विशेष व्यक्ति ने भीड़ को यह बात कही। किसी को हैरानी न हुई क्योंकि सभी जानते थे कि जीतू-शोभा लगन कभी न होगा। अच्छा ही हुआ दोनों ने संबंध तोड़ लिये।

अधिकांश लोगों का विश्वास था कि हेमा मालिनी जीतेन्द्र से ही विवाह करेगी। और इस पर सभी को संतोष भी था। जोड़ी जमती खूब है। एक आध महीने में यह शुभ खबर सुनने की लोगों को आशा थी। इस बात को लेकर अनेक लोगों में शर्त भी लगा हुई थी। अधिकांश ने शादी हो जाने का संभावना पर ही शर्त लगायी थी।

लेकिन 31 तारीख को शाम के 4:30 बजे तक अविश्वसनीय खबर हवालों के परों पर उड़ती सारे बम्बई नगर में फैल गयी. खबर थी कि आज शाम को मीना कुमारी के प्रसिद्ध निवास-स्थान जानकी कुटीर में समुंदर तट पर, जहां शोभा भी रहती है, जीतू बारात लेकर जा रहा है। किसी को कानों-कान खबर न हुई और शोभा ने अपने प्रेमी को पाने का गंतव्य पूरा कर लिया। जीतेन्द्र शोभा सिप्पी का पति बन गया। लेकिन

कुछ भी हुआ था, लेकिन हम आज तहें दिल से नव-विवाहित पत्नी को शुभकामनाए अर्पित करते है। ईश्वर उनके प्यार को स्थायी करे


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Mayapuri

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