बड़ा मजा उस मिलाप में है

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sunil dutt

(मायापुरी अंक 3,1974)

बात उस समय की है जब सुनील दत्त अपनी नाकामी की सड़ी लाश अपने कंधों पर उठाए फिर रहा था। ऐसे में कोई बड़ी हीरोइऩ उसके साथ काम नही करना चाहती थी। किन्तु योगी कथुरिया नामक एक निर्माता-निर्देशक ने सुनीलदत्त और परवीन बॉबी को लेकर एक गुनाह यह कर डाला कि उनको लेकर ‘एक गुनाह और सही’ नामक फिल्म शुरू कर दी। लेकिन ‘एक गुनाह और सही’ नामक फिल्म शुरू कर दी। लेकिन एक गुनाह और सही’ के सिलसिले में सुनील दत्त को नया जीवन मिलते ही वह इतना व्यस्त हो गया।

योगी कथूरिया जितनी जल्दी फिल्म बनाना चाहता था उतनी ही लेट हो गई है योगी ने इस विलम्ब के लिए सुनीलदत्त को कानूनी नोटिस भी भिजवाया थे। लेकिन अब वही सुनीलदत्त की तारीफ करता फिर रहा है क्योंकि दोनों के कॉमन फ्रैन्ड ओ. पी. रल्हन ने दोनों में सुलह करवा दी है। अब देखें इस सुलह ने दोनों में सुलह के बाद योगी को कितने साल इंतजार करना पड़ता है क्योंकि आज सुनीलदत्त पचासों फिल्मों में काम कर रहे है। अब तो काम नम्बर से ही होगा।


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Mayapuri

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