बाप-बेटे में मन-मुटाव

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rahul dev burman and asha bhosle

मायापुरी अंक 6.1974

राहुल देव वर्मन को जब महमूद फिल्मों मे लाया तो वह संगीतकार के साथ-साथ कॉमेडियन भी बनना चाहता था। इसीलिए महमूद के साथ ‘भूत बंगला’ में काम किया था। लेकिन उसे सफलता संगीकार के रूप में ही मिली। मजे की बात यह है कि बेटे राहुल देव वर्मन के संगीत से आप सचिन देव वर्मन नाराज है। पिछले दिनों अपनी एक फिल्म के गाने की रिकॉर्डिग वे राहुल के द्धारा करवाना चाहते थे क्योंकि वह खुद बीमार थे। उस गाने में उन्होंने केवल पांच साजिन्दों से ही काम लेना था। लेकिन राहुल ने अपनी आदत के अनुसार सौ-सवा सौ साजिन्दे जमा कर लिये। यह देख कर सचिन देव नाराज होकर रिकॉर्डिंग थियेटर से चले गये। आखिरकार पार्श्व गायक मन्ना डे ने सचिन दा को मनाया और कहा कि इससे बेटे की बदनामी होगी। उन्हें ऐसा नही करना चाहिए। तब सचिन दा ने कहा कि वह क्या कर रहा है। क्या करना चाहता है। मेरी समझ में नही आता। इस प्रकार प्रोडयूसर के पैसों की होली क्यों जला रहा है ? वह साजिन्दों को बेचता है था अपने आपको ? निर्माता उसका नाम बेचते है, साजिन्दों का नही।

आशा भोंसले को लेकर बाप-बेटे में मन मुटाव हो गया है, देखें यह क्यों-रंग लाता है ?


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Mayapuri

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