रेखा की जलन सुचित्रा सेन

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Rekha

 

मायापुरी अकं 4,1974

कहते है दो की लड़ाई में तीसरे का भला हो जाता है। इसी तरह शर्मिला और राखी की लड़ाई में ‘आँधी’ की लॉटरी सुचित्रा सेन के नाम खुल गई। (सुचित्रा सेन और उसकी बेटी मुनमुन को लेकर बहुत पहले बी. आर.इशारा ने एक फिल्म की घोषणा की थी किन्तु वह अभी तक शुरू नही हुई)। आँधी के निर्माता जे। ओम प्रकाश ने सुचित्रा सेन के बम्बई आगमन पर एक पार्टी का आयोजन किया और ‘देवदास’ पारो का नये सिरे से परिचय करवाया गया। सुचित्रा सेन हाथ बांधे हर एक के पास जाकर परिचय देती। इसी तरह वह रेखा के पास पहुंची तो रेखा ने आंखें चढ़ा कर शून्य में देखना शुरू कर दिया और सुचित्रा से परिचय नहीं लिया (रेखा जे. ओम प्रकाश की फिल्म ‘आक्रमण’ की हीरोइन तब भी रेखा ने वैसा ही शुष्क व्यवहार किया।

रेखा और सुचित्रा सेन का क्षेत्र एक दूसरे से एकदम जुदा है फिर यह ईर्ष्या किस लिए थी, समझ में नही आता ?

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Mayapuri