विक्की डोनर के साथ प्रोड्यूसर बने जॉन अब्राहम

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3.a

 

प्रासंगिक, सामयिक और अस्थिर फिल्म

कुछ पुरूष और महिलाएं खास पैदा होते है। उन्हें भगवान खास कामों के लिए खुद चुनता है। उन लोगों को सिर्फ अपनी इच्छाएं बतानी होती है और उनकी वह इच्छा पूरी हो जाती है। इन लोगों से चार्ल्स डार्विन की वह बात सच साबित होती है जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ आदमी एक समान पैदा होते है लेकिन कुछ में ज़्यादा ही समानता होती है। हमारे जॉन अब्राहम उन्हीं खास चुने हुए इंसानों में से एक है। वह अभिनेता बनना चाहते थे और अपने इस क्षेत्र में टॉप पर पहुंचने के लिए उन्हें बहुत थोड़ा समय लगा। जब उन्होंने अपने आपको बतौर स्टार एक्टर स्थापित कर लिया तो वह इंडस्ट्री को कुछ वापिस करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने प्रोड्यूसर बनने का फैसला किया। वह अपनी फिल्म के लिए एक बहुत दिलचस्प विषय चुनना चाहते थे और उन्हें वह विषय मिल भी गया। वह शूजीत सिरकर जैसे डायरेक्टर से अपनी पहली फिल्म डायरेक्ट करवाना चाहते थे और उनकी यह इच्छा भी पूरी हो गई। वह इरोज़ इंटरनेशनल को अपनी फिल्म के साथ जोड़ना चाहते थे और इरोज़ खुद जॉन की पहली फिल्म के साथ जुड़ना चाहते थे। वह जॉन की अच्छी छवि के नाते फिल्म के साथ नहीं जुड़े बल्कि फिल्म का विषय सुनील लुल्ला को काफी पसंद आया इसलिए वह इस फिल्म को अपना समर्थन देना चाहते थे। उसके पास एक और पार्टनर के तौर पर राइजि़ंग सन प्रोडक्शंस के रॉनी लहरी भी जुड़ गए। फिर जॉन की जे.ए.प्रोडक्शंस, इरोज़ और राइजि़ंग सन ने एक साथ मिलकर अपनी फिल्म ‘विक्की डोनर’ बनाई। फिल्म पूरी हो चुकी है और 20 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है।

यह सब तब शुरू हुआ जब नई लेखिका ज्योति त्रिवेदी जॉन के पास एक पूरी स्क्रिप्ट लेकर पहुंची जिसमें कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग थे। जॉन ने सिर्फ एक बार स्क्रिप्ट को पढ़कर त्रिवेदी के विषय के साथ खुद को प्रोड्यूसर बनाने का फैसला कर दिया। वह इस विषय और लेखक द्वारा इस विषय की प्रस्तुति से बहुत खुश हुए। जॉन शूजीत सिरकर की बहुत इज्ज़त करता है और इसीलिए वह चाहते थे कि उसकी फिल्म को वो ही डायरेक्ट करें। सिर्फ जॉन ही नहीं शूजीत भी उनकी इस फिल्म को डायरेक्ट करना चाहते थे। तीनों पार्टनरों ने मिलकर तय किया कि इस फिल्म को किसी सितारें के साथ नहीं बनाया जाएगा इसलिए जॉन फिल्म में एक्टिंग नहीं कर सकते थे (लेकिन जॉन पर एक गाना फिल्माया गया है जो फिल्म के आखिर में आएगा।) फिल्म की मुख्य जोड़ी के लिए कई आडिशन करने पर एमटीवी के पॉपुलर वीजे आयुष्मान खुराना और यामी गुप्ता को फाईनल किया गया। इन लोगों को एक मशहूर और वर्सेटाइल अभिनेता चाहिए था इसलिए काफी लंबी रिसर्च के बाद इन्होंने मल्टी टैलेंटेड अनु कपूर का नाम तय किया जो स्क्रिप्ट के हिसाब से किरदार के लिए बिलकुल परफेक्ट फिट थे।

यह फिल्म बहुत ही प्रसांगिक है लेकिन इसका विषय दिल को छूने वाला और नाजुक है, जो इस समाज और देश में तेज़ी से बढ़ रहा है। यह निषफलता, कृत्रिम गर्भाधान और सबसे ज़रूरी वीर्य (स्पर्म) दान के बारे में है जो अभी भी देश के कई राज्यों में वर्जित है। फिल्म इस नाजुक विषय को गंभीरता से देखते हुए आसानी से पेश करती है। फिल्ममेकरों के हिसाब से उन्होंने इस फिल्म के विषय को लेकर रिस्क उठाया है क्योंकि उन्हें पता है कि शायद फिल्म का विषय उन्हें समस्याएं डाल सकता है लेकिन उन्होंने फिल्म बनाने में सभी बातों का ध्यान रखा है ताकि वह किसी के दिल और भावों को कोई चोट ना पहुंचा सके। अपनी पहली फिल्म के प्रोड्यूसर जॉन अब्राहम ने बताया, ‘जब मैंने इस विषय को पहली बार पढ़ा तो मुझे यह बहुत पसंद आया और इसको बनाने के दौरान मुझे इसमें और दिलचस्पी आई। इस फिल्म ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और भविष्य में बतौर प्रोड्यूसर बड़ी चुनौती लेने के लिए प्रेरित किया। इस फिल्म का विषय इतना दिलचस्प है कि जब मैंने इस फिल्म को पहली बार देखा तो मैं बहुत खुश हुआ कि मैंने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म आज की सभी फिल्मों से बिलकुल अलग फिल्म है। मैं फिल्म के सभी एक्टर्स द्वारा की गई एक्टिंग को देखकर बहुत खुश हूँ। इन एक्टर्स ने फिल्म के किरदारों में जान डाल दी है। मैं इस फिल्म को बार बार देखने का मौका नहीं छोड़ सकता। मुझे पता है कि यह मेरा पहला बच्चा है लेकिन जब आप यह फिल्म देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि ‘विक्की डोनर’ के लिए मैं इतना उत्सुक क्यों हूँ और इस फिल्म में मेरी इतनी दिलचस्पी क्यों थी। यह मेरे बैनर जे.ए.प्रोडक्शंस की पहली फिल्म है।

जॉन और फिल्म की पूरी टीम फिल्म की सही मार्केटिंग करने के लिए सहीं राह पर चल रहे है। यह टीम फिल्म को हर कोने में प्रमोट कर रही है। जॉन, जो एक व्यस्त अभिनेता है, ने अपने प्रोड्यूसरों जिनके साथ वह शूटिंग कर रहे है से, अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए कुछ दिनों की छूट ले ली है। जाॅन इस समय को बर्बाद नहीं कर रहे है क्योंकि जॉन को पता है कि प्रमोशन फिल्म की सफलता के लिए कितना ज़रूरी है। जॉन के पार्टनर और कलाकार आयुष्मान खुराना, यामी और अनु कपूर भी अपने रोल्स और फिल्म को लेकर काफी उत्सुक है। यह सब इस फिल्म को अपने अपने तरीके से प्रमोट कर रहे है।

एक फिल्म जो बहुत महत्वपूर्ण सामाजिक समस्या को उठा रही है, के अपने हाई प्वाइंट है और यह हाई प्वाइंट फिल्म की हाईलाईट हैं। फिल्म में अलग अलग क्षेत्रों के नए कलाकार है। जैसे नए म्यूजि़क डायरेक्टर्स, नए लेखक और नए तकनीकी लोग, जो अपने आपको भाग्यशाली महसूस करते है कि उन्हें इतनी अच्छी और एंटरटेनिंग फिल्म ‘विक्की डोनर’ से अपने करिअर की शुरूआत करने का मौका मिला। कोई इस फिल्म की पहली झलक को देख रहा था और उसने कहा कि जॉन बहुत बहादुर है कि उसने इस फिल्म से अपने प्रोड्यूसर की पारी की शुरूआत की और उसे सफलता ज़रूर मिलेगी। उसे यह कहने की ज़रूरत नहीं थी क्योंकि जैसा कि मैंने कहा है कि जॉन चुनिंदा लोगों में से है, जिनकी हर कामना और इच्छा बिना किसी दो राहें के पूरी हो जाती है।


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Mayapuri

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