संजीव की नई मंजिल विम्मी

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मायापुरी अंक 4,1974

संजीव कुमार एक वैजिटेरियन आदमी समझा जाता है क्योंकि वह गुज्जु भाई (गुजराती) ही नही बनिया भी है। इसलिए किसी कदर कंजूस भी है। किन्तु एक बात आज तक समझ में नही आई कि वह कुंवारा होने के बावजूद शादीशुदा हीरोइनों के चक्कर में क्यों रहता है ? (शादीशुदा हीरोइऩ नूतन उसे तमाचा भी मार चुकी है जिसे संजीव ने किसी तरह सहन भी कर लिया था.)

पता चला है कि आज संजीव कुमार एक और शादीशुदा अभिनेत्री विम्मी के चक्कर में पड़ा है। कहते है कि पार्टी में शराब पीने के पश्चात वह किसी को विम्मी से बात नही करने देता। अगर किसी को विम्मी के साथ बात करते देख लेता है तो उसे मारन की धमकी देता है और हाथापाई के लिए कमर कसने लगता है। हालांकि आम गुजरातियों की तरह वह भी बड़ा डरपोक है। किन्तु यजमान समझा-बुझा कर मामला टाल देते है। अब पता नही इतिहास अपने आपको फिर दोहराने वाला है या संजीव ही किसी नये इतिहास की रचना करने के लिए तैयारी कर रहा है। वास्तविकता क्या है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।


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Mayapuri

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