सिनेमा ही किसी देश की खूबसूरती दिखाने का सबसे अच्छा माध्यम कोरोना काल में डोमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा

1 min


विश्व का हर देश चाहता है की उनके देश में आकर सभी देशों के लोग शूटिंग करे क्योंकि सिनेमा ही किसी देश की खूबसूरती, वहां की संस्कृति दिखाने का सबसे अच्छा माध्यम है, फिल्म ही एक ऐसा माध्यम है जो दर्शको को दूसरा देश देखने के लिए आकर्षित करता है साथ ही टूरिज्म को भी बढ़ावा देने का काम करता है यह कहना था 13वें ग्लोबल फ़िल्म फेस्टिवल नोएडा के दूसरे दिन एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप मारवाह का, उन्होंने आगे कहा कि आज हम बहुत दूर होकर भी एक साथ बैठे है यह भी ऐसी तकनीक है जिससे लोग एक दूसरे के साथ जुड़े हुए है और कोई भी इंसान स्वयं को अकेला महसूस नहीं कर सकता और यह कहना गलत नहीं होगा की हम सबके हाथ में मोबाइल नाम की ऐसी तकनीक है जिससे हम जब चाहे शार्ट फिल्मे बनाकर विश्व पटल पर भेज सकते है। इस अवसर पर स्लोवेनिया के राजदूत डॉ. मार्जन सेन्सेन, टीएएआई स्किल एंड एजुकेशन के चेयरमैन राजन सहगल, हॉलैंड के फिल्म मेकर फरहाद, स्क्रीनराइटर कमलेश पांडे, फिल्म एक्टर जसविंदर गार्डनर, फिल्म निर्देशक राजू पारेसकर और फिल्म मेकर बृजेश राय शामिल हुए। आज के सेमिनार का विषय था ” ए  पावरफुल वे टू प्रमोट टूरिज्म” जिस पर सभी ने अपने अपने विचार रखे। डॉ. मार्जन सेन्सेन ने कहा कि स्लोवेनिया एक छोटा सा पर खूबसूरत देश है जोकि वेस्टर्न और ईस्टर्न यूरोप के बीच में है इसीलिए लोग यहाँ आकर शूटिंग करना पसंद करते है।  हमारे देश में शूटिंग करना काफी सस्ता भी है, यहाँ आपको बहुत सी हिल एरिया और ग्रास फील्ड की शूटिंग लोकेशन मिल जाएगी। फरहाद ने कहा कि कोरोना काल में किसी देश में जाकर शूटिंग करना बहुत मुश्किल हो रहा है इस वक़्त हमे अपने देश की खूबसूरत लोकेशन को बढ़ावा देना चाहिए। राजन सहगल ने कहा कि कोविड के कारण डोमेस्टिक शूटिंग काफी बढ़ा है जिससे हमारे देश के लोग अपने ही देश की नयी नयी जगह देख पा रहे है।
फेस्टिवल के विभिन्न सेमिनार में रोमानिया के राजदूत राडू ऑक्टेवियन डोबरे, एक्टर प्रियंका चौहान, कास्टिंग डायरेक्टर सुषमा कौल, म्यूजिक कंपोजर दिलिप सेन, कर्नाटक सरकार के एम. एस. खूबा, फिल्म डायरेक्टर संजीव त्यागी, फिल्म निर्देशक पंकज पराशर, रोमेल गुलज़ार, तरुण कुमार, फिल्म डायरेक्टर फ़राज़ हैदर, एनिमेटर रमेश मीर, फिल्ममेकर भुवन लाल और सिनेमेटोग्राफर ज़ाहिर नक़वी ने भाग लिया। फ़िल्म फेस्टिवल  में आईसीएमईआई एक्सीलेंस अवॉर्ड दिए गए जिसमें कई हस्तियों जैसे फिल्म एक्टर जसविंदर गार्डनर, आचार्य सतेन्द्र नारायण, सुमन माहेश्वरी, भाविशा बुद्धदेव, नवीन काकरन, मनदीप सिंह चटवाल, जितेंद्र, अमित गोयंका, डॉ. नभित कपूर, अंजू हांडा, इंदरजीत घोष, राम अवतार, रीना त्यागी, गौरव गुप्ता, एम. यू. दुआ, डॉ. संजीव लायेक, आदित्य टिक्कू, डॉ. नेम सिंह प्रेमी, मोहम्मद ए. के. अशरफ, पीटर फेरिस, ऋषभ मल्होत्रा, इला रानी शर्मा, जयशंकर, अब्दुल देवाले मुहम्मद, यू.एस. सोंथालिया, प्रिन्सेस एन्जेलीक्वें मॉनेट, वैदेही तमन, भारत घई, रिथम दत्ता, प्रणब, रविंद्र भंडारी, अनुराग रस्तोगी, भरत गौबा, सहदेव रॉउत, जे. पी. सिंह, कुमार राकेश, डॉ. एंटोनी राजू को उनके कार्यो के लिए सम्मानित किया गया।

Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये