बिना कहानी की फिल्म ‘2016 द एंड’

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रेटिंग**

निर्माता निर्देशक जयदीप चोपड़ा की फिल्म ‘2016 द एंड’ के नाम से पता चल जाता है कि फिल्म एक साल पुरानी है। क्योंकि टाइटल के अनुसार फिल्म को दो हजार सोलह में रिलीज होना था। फिल्म ऐसे चार दोस्तों पर आधारित है जो एक हादसे के तहत फंस जाते हैं।

4 दिन बाद दुनिया खत्म हो जाएगी

दिव्येंदु शर्मा एक सिंगल शख्स है जिसके पास कोई नौकरी नहीं है, वहीं उसके दोस्तों में हर्षद चोपड़ा ऐसे अमीर बाप का बेटा है जो बेटे से भी छोटी लड़की से शादी कर मस्त है लिहाजा वो परिवार होते भी अकेला है। प्रिया बनर्जी की मजबूरी हैं कि वो एक ऐसे बॉस के नीचे काम करती है जो उस पर बुरी नजर रखता है और किकू शारदा एक ऐसे  अमीर स्वामी का इकलोता बेटा है जिसका बाप उसे भी अपनी तरह स्वामी बनते हुये देखना चाहता है। एक दिन उनका एक मशहूर ज्योतिषि स्व. टाम ऑल्टर से मिलना होता है जिसने भविष्यवाणी की हुई है कि एक ग्रह जो तेजी से पृथ्वी की तरफ आ रहा है जो इतना पावरफुल है कि उसके पृथ्वी से टकराते ही भीषण आग लगेगी और इसके बाद सृष्टि खत्म हो जायेगी।

टॉम ऑल्टर की आखिरी फिल्म !

इतना बता कर टॉम ऑल्टर हार्ट अटैक के सदके मर जाते हैं, उसके बाद वे पुलिस इंसपेक्टर नरेन्द्र ओझा के संपर्क में आते हैं। ये चारों दोस्त सोचते हैं कि एक सप्ताह बाद तो मर जाना ही है, तो क्यों न इन सात दिनों को खूब एन्जॉय किया जाये। लिहाजा ये चारों एक क्लब में खूब शराब पीते हैं। अगले दिन जब इन्हें होश आता है तो पता चलता है कि ये अपने होम टाउन मुरादाबाद से छह सो किलोमीटर दूर एक ऐसे छोटे से टाउन में एक मंहगी और खूबसूरत कार में पड़े हुये हैं। उन्हें आश्चर्य है कि वे उस कार में कब बैठे और कब इतनी दूर आ गये। जब वे कार की डिग्गी खोलते हैं वहां उन्हें नोटो से ठुंसा हुआ एक बैग मिलता है।

गोवा पहुंचते हैं चारों दोस्त

बस इसके बाद ये उस कार और उसमें करोड़ों रूपयों से ऐश करने का प्रोग्राम बनाते है। उनका पहला टारगेट है गोवा । वहां जाकर उन्हें पता चलता है कि उनके पीछे मुरादाबाद का पुलिस इंसपेक्टर भी लगा हुआ है। इसके अलावा वो गैंगस्टर राहुल राय भी उन्हें तलाश कर रहा है क्योंकि वो कार और उसमें पड़ा ढेर सारा रोकड़ा उसी का है। उसके बाद क्या होता है ये फिल्म देखने के बाद पता चलेगा।

फिल्म ऐसे चार दोस्तों की है जो सोचते हैं कि सात दिन बाद तो दुनिया खत्म हो जानी है इसलिये क्यों न इन सात दिनों को खूब एन्जॉय किया जाये। ये है फिल्म की वन लाइन स्टोरी, जिसे जर्नी के तहत रबर की तरह लंबा किया गया है। इसके अलावा फिल्म में न तो कोई ट्वीस्ट है और न ही कोई रोमांच। बस चारों दोस्त एक कार में घूमते रहते है, गोवा के समुद्र तट का मजा लेते रहते हैं।

फिल्म में कौन-कौन ?

दिव्येन्दू शर्मा की पिछले दिनों रिलीज फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ में उसके काम की काफी तारीफ हुई थी। किकू शारदा को भी सभी जानते हैं। इनके अलावा हर्षद चोपड़ा और प्रिया बनर्जी इन चारों की रूटीन भूमिकायें हैं जिन्हें चारां ने एंजॉय करते हुये निभाया। इसके अलावा नरेन्द्र ओझा इंसपेक्टर की भूमिका में ठीक ठाक काम कर गये लेकिन एक अरसे बाद राहुल राय नगेटिव रोल में दिखाई दिये लेकिन अभिनय में वे आज भी कोरे हैं।

अंत में फिल्म को लेकर यही कहा जायेगा कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं जो दर्शक को अपनी तरफ आकर्षित कर सके।


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Mayapuri

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