गायत्री देवी

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गायत्री के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि

गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था। गायत्री देवी कूच बिहार की राजकुमारी और जयपुर की महारानी थी। इनके पिता का नाम ‘महाराजा जीतेंद्र नारायण’ था जो कूच बिहार के राजा थे। इनकी माता का नाम ‘इंदिरा राजे’ था। इंदिरा राजे वडोदरा की राजकुमारी थीं। गायत्री देवी के दो भाई और दो बहिनें थीं। पाँच भाई बहनों में उनका नंबर चौथा था। गायत्री देवी की शिक्षा महल में, शांति निकेतन में, लंदन और स्विट्‌जरलैंड में हुई। 9 मई 1940 को जयपुर के अंतिम महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय ने गायत्री देवी से विवाह कर उन्हें अपनी तीसरी धर्मपत्नी का दर्जा दिया। उनके बेटे प्रिंस जगत सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1949 में हुआ था।

 जयपुर की महारानी गायत्री देवी एक जिंदादिल महिला थीं।जिसके चलते ये बे रोक टोक हर वो काम करती थी जिसे उस समय की महिलाए सोच भी नहीं सकती थी ।गायत्री देवी को कार चलाने का बड़ा शौक़ था।जयपुर राजघराने के रूढ़िवादी रिवाजों की परवाह किए बगैर महारानी अपनी कार लेकर अकेले ही जयपुर की सैर को निकल जाती थी।इसी तरह घुड़सवारी की शौकीन गायत्री देवी अपने महाराजा के साथ घोड़े पर बैठकर घुड़सवारी भी करती थीं। शिकार की शौकीन इस महिला ने महज 12 साल की उम्र में बघेरे का शिकार किया था। इसके अलावा गायत्री देवी को पोलो, बैडमिंटन, टेबल टेनिस आदि खेलों में भी विशेष रुचि थी। राजस्थान में पोलो को बुलंदियों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही। बालिकाओं की शिक्षा के लिए 1943 में जयपुर में पहला पब्लिक स्कूल ‘महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल’ (एमजीडी) प्रारंभ करने का श्रेय भी महारानी गायत्री देवी को ही जाता है। वे जयपुर के “महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल की संस्थापक अध्यक्ष होने के साथ ही महाराजा सवाई बेनीवोलेंट ट्रस्ट, महारानी गायत्री देवी सैनिक कल्याण कोष, सवाई मानसिंह पब्लिक स्कूल और सवाई रामसिंह कला मंदिर की भी अध्यक्ष थीं। वह महाराजा जयपुर म्यूजियम ट्रस्ट की ट्रस्टी भी थीं।

सन् 1962 में गायत्री देवी स्वर्गीय राजगोपालाचार्य की पार्टी ‘स्वतंत्र पार्टी’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी। इसके बाद 1962, 1967 व 1971 के चुनावों में गायत्री देवी जयपुर संसदीय क्षेत्र से ‘स्वतंत्र पार्टी’ के टिकिट पर लोकसभा की सदस्य चुनी गईं।गायत्री देवी केवल जयपुर की महारानी ही नहीं थीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शख़्सियत थीं। उनकी ‘ए प्रिंसेस रिमेम्बर्स’ तथा ‘ए गवर्नमेंट्स गेट वे’ नामक पुस्तकें अंग्रेज़ी में प्रकाशित हो चुकी हैं।90 वर्ष की आयु में 29 जुलाई 2009, जयपुर में गायत्री देवी का निधन हो गया।

 

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Mayapuri