सौदागर के तीस साल पूरे होने पर शोमैन सुभाष घई ने शेयर किया अनूठा किस्सा

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शोमैन सुभाष घई ने सौदागर के तीस साल पूरे होने पर  शेयर किया फिल्मफेयर अवार्ड से जुड़ा एक अनूठा किस्सा

राज कुमार और दिलीप कुमार, दो दिग्गज अभिनेताओं को एक साथ एक ही सेट पर लाना उर उनके साथ फिल्म बनाना और उस फिल्म को बड़े पैमाने पर रिलीज़ करना, ये काम सिवाए शोमैन सुभाष घई के कोई और कर ही नहीं सकता था। सौदागर सन 1991 में रिलीज़ हुई एक ऐसी फिल्म थी जिसके गाने, एक्टिंग, डायलॉग सब इतने हिट हुए थे कि बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर ‘इमली का बूटा बेरी का बेर, इमली खट्टी मीठे बेर’ गाना चढ़ गया था।

सुभाष घई ने इन दिग्गज अभिनेताओं के साथ-साथ दो न्यू कमर्स ‘विवेक मुशरन और मनीषा कोइराला को भी फिल्म में लीड रोल दिया था। इसी फिल्म को आज तीस साल पूरे हुए हैं।  9 अगस्त 1991 की सुबह दो महान अभिनेताओ की ये फिल्म रिलीज़ हुई थी, जिसे एक महान दिग्दर्शक ‘सुभाष घई’ ने पर्दे पर लाना मुमकिन कर दिखाया था।

इसकी यादों में खोते हुए सुभाष घई कहते हैं “जब मुझे 1992 में सौदागर के लिए फिल्मफेयर मिला था तब मैंने वरिष्ठ फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी, जो तब फिल्मफेयर ज्यूरी के चेयरमैन थे; से पूछा कि इतनी बड़ी-बड़ी बढ़िया-बढ़िया फिल्मों के नोमिनेशन के बावजूद फिल्मफेयर अबकी सौदागर को क्यों मिला?”

तो इस पर हृषिकेश मुखर्जी मुस्कुराते हुए बोले “जिस तरह से आपने लिजेंड्री एक्टर्स के साथ न्यू कमर्स को एक ही स्क्रीन पर इस ख़ूबसूरती और आसानी से दिखाया है कि कहानी बहुत अच्छे से बयां होती है, यह मेरे और ज्यूरी दोनों के लिए देखना बहुत दिलचस्प था”

सुभाष घई आगे कहते हैं – “ऋषि दा का ये कमेंट मेरे लिए उस अवार्ड्स से भी बढ़कर था। आज सौदागर तो तीस साल पूरे हुए हैं, मज़े की बात है कि ये पिछले तीस साल में थिएटर के बाद लगातार टीवी पर पसंद की जा रही है और आज भी बहुत लोकप्रिय है”

हम आशा करते हैं कि सौदागर ऐसे ही सदियों तक दर्शकों द्वारा पसंद की जाती रहेगी और नये फिल्ममेकर्स के लिए सदा एक प्रेरणा बनी रहेगी।

सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’

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