इस फिल्म फेस्टिवल में कुल 3000 बेहतरीन फिल्मों का समावेश

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इनमें से कुछ फिल्में बर्लिन, रॉटरडैम, सनडांस जैसे प्रसिद्ध फिल्म फेस्टिवल का भी हिस्सा रह चुकी हैं और इस फिल्म फेस्टिवल में कई फिल्में ऐसी हैं जो अब तक अज्ञात रही हैं। जागरण फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत अगले महीने जुलाई से दिल्ली में की जाएगी, जहाँ एक तरफ इस फिल्म फेस्टिवल में न्यूज़ीलैंड की फिल्म “ली तमहोरिस, महना, फ्रांस और बेल्जियम से बोली लनरस की फिल्म “द फर्स्ट”, “द लास्ट”, टोरंटो से बारबरा एडर की ऑस्ट्रीअन फिल्म “थैंक्यू फॉर बॉम्बिंग” जैसी फिल्म दिखाई जाएगी वहीं दूसरी तरफ लोन इंडोलेयं और Chatô  डिस्कॉर्डिया’,  गुलिहर्मो फ़ॉन्ट्स द किंग ऑफ़ ब्राज़ील जो ब्राज़ीलियन के जीवन पर आधारित है और इस फिल्म ने ब्राज़ील में कुल 13 अवॉर्ड जीते हैं, इस तरह की अज्ञात फिल्में भी इस फेस्टिवल का हिस्सा हैं।

जागरण फिल्म फेस्टिवल के स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि “डिस्कॉर्डिया बहुत ही बेहतरीन और यूनिक फिल्म है, इस फिल्म की सिनेमेटिक ट्रीटमेंट, कैमरा एंगल, कम से कम डायलॉग और फिल्म के सब्जेक्ट ने फेस्टिवल की प्रीव्यू टीम को बहुत ही प्रभावित किया।

ली तमहोरी को उनकी फिल्मों ‘डाई अनदर डे’ (2002) और ‘स्टेट ऑफ़ द यूनियन’ के लिए जाना जाता है। अब उनकी “महना” फिल्म जागरण फिल्म फेस्टिवल में होगी यह फिल्म न्यूजीलैंड के 1960 के दशक की कहानी है जो कि न्यूजीलैंड के दो समुदाय महंस और पॉट्स के ऊपर है।

इस बार 3000 हजार फिल्में शामिल हुई हैं इसीलिए प्रीव्यू टीम को महीने भर थका देने वाली मेहनत करनी पड़ी है। इस समीक्षा टीम में शामिल हैं प्रसिद्ध फिल्म क्रिटिक्स सैबल चटर्जी, मंजुल शिरोडकर, शरद दत्त पूर्व मुख्य निर्माता दूरदर्शन, विनोद कपूर पूर्व उप महानिदेशक और कॉलमनिस्ट, छायाकार संजय दत्तानी और के एस साहनी, पूर्व संयुक्त निदेशक, फिल्म समारोह निदेशालय।

 


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