ये 8 डायलॉग्स जिन्हें लोग आज भी दोहराते हैं

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हिंदी सिनेमा की फिल्मों में कई चीजें ऐसी होती हैं जो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं फिर चाहे वो फिल्म के कुछ दिलचस्प दृश्य हो या फिर दमदार डायलॉग्स। फिल्म के डायलॉग्स की जहां तक बात की जाए तो कोई डायलॉग कितना पॉपुलर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि वो कितनी जल्दी लोगों की जुबान पर चढ़ पाता है। ऐसे ही कुछ डायलॉग्स हमारी बॉलीवुड की 70 और 80 के दशक की फिल्मों में भी थे जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं ये डायलॉग लोग आज भी दोहराते हैं।

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जिनके घर शीशे के हो वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते (वक्त 1965 )

ये डायलॉग इस फिल्म में राजकुमार (राजा) द्वारा बोला गया है। इस डायलॉग को न केवल उस दौर में बल्कि उसके बाद भी और आज भी लोगों द्वारा दोहराया जाता है। बता दें कि ये डायलॉग अख्तर उल इमान ने लिखा था।

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आज मेरे पास गाड़ी है बंगला है पैसा है तुम्हारे पास क्या है..  मेरे पास मां है  (दीवार 1975)

फिल्म दीवार में अमिताभ बच्चन (विजय) और शशि कपूर (रवि) द्वारा बोले गए ये डायलॉग इतने महत्वपूर्ण थे कि अगर इस डायलॉग को इस फिल्म से निकाल दिया जाए तो ये फिल्म ही कही न कही अधूरी सी मालूम होगी। बता दें कि दीवार ही वो फिल्म थी जिससे अमिताभ बच्चन की एंग्री यंग मैन की छवि उभरकर सामने आई थी।

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कितने आदमी थे (शोले 1975)

शोले अपने आप में एक ऐसी फिल्म है जिसको किसी परिचय की जरूरत नहीं है। इस फिल्म में ये डायलॉग अमजद खान (गब्बर) द्वारा बोला गया था जो आज भी आमतौर पर आपको लोगों की जुबान पर सुनने को मिल जाएगा। इस फिल्म की गिनती सर्वकालिक सुपरहिट फिल्मों में की जाती है।

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डॉन का इंताजार तो 12 मुल्कों की पुलिस कर रही है, मगर डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है (डॉन 1978)

फिल्म में ये डायलॉग अमिताभ बच्चन (डॉन) ने बोला और जिस अंदाज में बोला वो आज भी लोगों को याद है।  बता दें कि ये डायलॉग सलीम जावेद की सुपरहिट जोड़ी ने लिखा था। इस फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

namak halal

 

आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश, आई कैन रन इंग्लिश बीकॉज इंग्लिश इज ए वैरी फनी लैंग्वेज (नमक हलाल 1982)

इंग्लिश भाषा पर तंज कसता ये डायलॉग लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आया था हंसी मजाक के मूड में लोग अक्सर इस डायलॉग का इस्तेमाल करते हैं। फिल्म में ये डायलॉग अमिताभ बच्चन (अर्जुन) द्वारा बोला गया है लेकिन इस डायलॉग को लिखने वाले सुरेंद्र नाथ कौल हैं।

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मोगेम्बो खुश हुआ ( मिस्टर इंडिया 1987)

फिल्म में ये डायलॉग अमरीश पूरी (मोगेम्बो) द्वारा बोला गया और लोग आज भी कई बार खुशी के मौके पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इस डायलॉग को दोहराते नजर आते हैं । बता दें कि ये डायलॉग भी सलीम जावेद ने ही लिखा था। ये फिल्म बच्चों में काफी लोकप्रिय रही।

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रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं नाम है शहंशाह (शहंशाह 1988)

फिल्म में ये डायलॉग बोलने वाले शहंशाह कोई  और नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन (शहंशाह) थे ये डायलॉग भी बल्कि सलीम जावेद द्वारा ही लिखा गया था। बता दें कि इसी संवाद से अमिताभ को शहंशाह की उपाधि मिली।

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दोस्ती का एक उसूल है मैडम नो सोरी नो थैंक्यू (मैंने प्यार किया1989)

युवाओं में आज भी ये डायलॉग खासा चर्चित है इस डायलॉग को सलमान खान (प्रेम)ने पर्दे पर उतारा है और इसे लिखने वाले सुरज बड़जात्या हैं। ये फिल्म उस दौर की सुपरहिट फिल्मों में से एक थी।

 

 

 

 


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Pankaj Namdev

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