मल्लिका साराभाई

1 min


हैप्पी बर्थडे मल्लिका साराभाई

मशहूर क्लासिकल डांस (भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी) और सोशल एक्टिविस्ट मन्च अभिनेत्री, निदेशक मल्लिका साराभाई का जन्म 9 मई, 1954 को अहमदाबाद में हुआ। बचपन से खुले विचारों वाली मल्लिका नर्तकी मृणालिनी साराभाई और प्रमुख अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की बेटी हैं।1974 में उन्होंने अहमदाबाद के आईआईएम से एमबीए की डिग्री ली और फिर 1976 में गुजरात यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। मल्लिका पीएम मोदी की कट्टर विरोधी रही मल्लिका ने मां के विरोध के बावजूद कॉलेज के दोस्त के साथ सालों तक बिपिन शाह के साथ लिव-इन रिलेशन में रहीं। बिपिन से उनकी मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी। सालों साथ रहने बाद दोनों ने शादी की। हालांकि, शादी के सात साल बाद इनका तलाक हो गया था। उनके दो बच्चे बेटा रेवांता और बेटी अनाहिता साराभाई हैं।

मल्लिका ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और मात्र 15 साल की उम्र में पीटर ब्रुक के नाटक ‘महाभारत’ में द्रौपदी की भूमिका निभाई थी। 1989 में उन्होंने दिल को छू लेने वाला नाटक ‘शक्ति: द पावर ऑफ वुमन’ में सोलो परफॉर्मेंस दी थी। इसके बाद उन्होंने सामाजिक मुद्दों को लेकर कई नाटकों का निर्देशन किया। मल्लिका ने ‘अनसुनी’ नाटक की स्क्रिप्ट लिखी थी, जो हर्ष मंदर की किताब ‘अनहिअर्ड वॉइसेस ‘ पर आधारित था। बाद में अरविंद गौड़ ने इस नाटक को डायरेक्ट किया था। 2009 में उन्होंने बर्टोल्ट ब्रेख्त का प्ले ‘दी गुड पर्सन ऑफ़ सजचवान’ के हिंदी अनुवादित नाटक ‘अहमदाबाद की औरत भली रामकली’ में बेहतरीन अभिनय किया था। इस नाटक का भी निर्देशन अरविंद गौड़ ने किया था। उन्होंने 2012 में फिल्ममेकर यादवन चंद्रन के साथ मिलकर एक इंटरनेशनल प्रोडक्शन तैयार किया था, जिसका नाम ‘वीमेन विथ ब्रोकन विंग्स ‘ था। ये नाटक उन हजारों महिलाओं को समर्पित था, जो किसी न किसी प्रकार की हिंसा का शिकार हुई हैं।मल्लिका, दर्पणा अकादमी ऑफ आर्टस् (अहमदाबाद) की निदेशक भी है।

   मल्लिका ने कई हिंदी गुजरती फिल्मो में भी काम किया जैसे ‘मुट्ठी भर चावल’ (1975), ‘हिमालय से  ऊंचा’ (1975), ‘मेना गुर्जरी ’ (1975), ‘मानियारो (1980), और ‘कथा’ (1983) आदि

  नृत्य, संगीत, अभिनय और डायरेक्शन के बाद मल्लिका ने राजनीति में हाथ आजमाने की सोची। उन्होंने मार्च 2009 में गांधीनगर गुजरात से भाजपा के उम्मीदवार वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। हालांकि, वो हार गईं।

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये