मूवी रिव्यू: ‘फ्लाइंग जट्ट’ की कमजोर उड़ान

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रेटिंग**

रेमो डिसूजा इससे पहले दो हिट फिल्में दे चुके हैं लेकिन इस बार उन्होंने फिल्म ‘फ्लाइंग जट्ट’ जैसी एक हद तक कमजोर फिल्म बनाई है। सुपर हीरो के नाम पर उन्होंने इधर उधर से कहानी के नाम पर कुछ टुकड़े उठाकर तथा हास्यप्रद तरीके से संदेश देते हुये एक हद तक बचकानापन दिखाया है।

कहानी

कहानी पंजाब के एक ऐसे परिवार की है जिसका मुखिया सरदार करतार सिंह एक ऐसा योद्धा था जो हमेशा दूसरों के काम आता था इसलिये उसे फ्लाइंग जट्ट कहा जाता था। उसके दो बेटे हैं जिनमें अमन यानि टाइगर श्रॉफ एक स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता है लेकिन स्वभाव से वो डरपोक किस्म का ऐसा युवक है जो ऊंचाई से डरता है। उनकी जमीन पर एक दो साल पुराना पेड़ है जिसमें पंजाबियों की धार्मिक आस्था है कि जो वहां मांगने जाता है उसकी इच्छा पूरी हो जाती है। शहर के बिजनेसमेन मल्होत्रा यानि के के मेनन को वो जमीन चाहिये इसलिये वो उसे किसी भी कीमत पर खरीदना चाहता है लेकिन अमन की मां अमृता सिंह उसे किसी भी कीमत पर नहीं बेचना चाहती। इसके बाद मल्होत्रा अपने खास आदमी राका यानि नॉथन जोंस को अमन के पीछे लगा देता है। जब राका अमन को उसी पेड़ के नीचे मार देना चाहता है तो अचानक उसमें कुछ शक्तियों का संचार होना शुरू हो जाता है, साथ ही राका पर भी इसका असर पड़ता है। बाद में अमन की मां उसे उन शक्तियों का प्रयोग असहाय या मजबूर लोगों की भलाई करने के लिये कहती हैं और उसे उसके बाप का नाम देती है फ्लांइग जट्ट। अमन अपने स्कूल की ही एक टीचर जैकलिन से प्यार करता है। आगे राका बुराई का प्रतीक हो दुगनी ताकत के साथ उभरता है और अमन उस बुराई का किस प्रकार खात्मा करने सफल होता है। Punjabi-Superhero-

निर्देशन

रेमो ने इस बार ऐसी फिल्म बनाई जिसे देखने के लिये दिमाग घर पर छोड़ कर जाना पड़ेगा। क्योंकि फिल्म में कमजोर कहानी, ढ़ीली पटकथा और हास्यप्रद संवाद है। जैसे अमृता सिंह एक तरफ तो पेड़ को लेकर धार्मिक आस्था से जुड़ी है दूसरी तरफ कॉमेडी के नाम वो शराब पीकर उल्टी सीधी हरकतें करती है। वैसे भी फिल्म विकी डोनर के बाद न जाने पंजाबी मांओं को शराबी क्यों दिखाया जाने लगा है। इस बात पर अभी तक किसी ने एतराज उठाने की कोशिश नहीं की। फिल्म में अमन के सुपर हीरो बनने की बात छुपाई नहीं जाती लिहाजा वो गली मौहल्लों या सड़कों पर आते जाते लोगों के साथ सत श्री अकाल बोलता हुआ घूमता रहता है। फिल्म में स्पाइडरमैन जैसी विदेशी फिल्म से काफी सीन चोरी किये गये हैं। फिल्म का विलन नॉथन जोंस जिसे बुराई का प्रतीक दिखाया गया है संदेश के नाम पर देश में फैले प्रदूषण से नॉथन को ताकत मिलती है लिहाजा इसके लिये आम आदमी को दोषी बताते हुये हिदायत देने की कोशिश की गई है कि वे अपने शहर को साफ सुथरा रखेगें तो उन्हें राका जैसी विपदाओं से दो चार नहीं होना पड़ेगा । जंहा तक एक्शन की बात की जाये तो सात फिट लंबे चौड़े नॉथन के सामने टाइगर जैसे उससे आधे हीरो का लड़ना एक हद तक हास्यप्रद लगता है। यही नहीं, फिल्म का क्लाइमेक्स उस वक्त जरूरत से ज्यादा हास्यप्रद हो जाता है जब फ्लाइंग जट्ट राका को किसी दूसरे ग्रह पर ले जाकर मारता है क्योंकि पूरी दुनिया यहां तक स्पेस में भी इंसानों द्धारा प्रदूषण फैलाया हुआ है। कह सकते हैं फिल्म कितनी ही जगह इतनी बचकानी हो जाती है कि मुहं से निकलता है फ्लाइंग जट्ट की कमजोर उड़ान।flying-jatt

अभिनय

टाइगर श्रॉफ ने अमन और फ्लाइंग जट्ट की दौहरी भूमिका को बढ़िया ढंग से निभाया हैं उसके भाई की भूमिका निभा रहे कलाकार ने भी अच्छा काम किया। जैकलिन हीरो के साथ सिर्फ किसिंग सीन या गानों के लिये है यानि वो महज शो पीस की तरह है। अमृता सिंह अपनी हल्की फुल्की भूमिका में ठीक रही। के के मेनन जैसे अदाकार के लिये इस बार कुछ खास करने लिये नहीं था। नॉथन जोंस अपने भारी भरकम डीलडोल के साथ बुरे किरदार में एक हद तक बच्चों को लुभाने में कामयाब है।

संगीत

सचिन जिगर का म्यूजिक भी साधारण हैं बस बीट पे बूटी गाना कुछ फेमस हो रहा है।

क्यों देखें

फैंटेसी या सुपरमैन जैसी फिल्में देखने के शौकीन बच्चों को फिल्म निराश तो नहीं करेगी लेकिन फिर भी फ्लांइग जट्ट की उड़ान कमजोर है।


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Mayapuri

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