एक भतीजा जो भाई की तरह था रवि चोपड़ा – अली पीटर जॉन

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रवि चोपड़ा जो बीआर चोपड़ा के इकलौते बेटे थे व यश चोपड़ा के भतीजे भी। यश, रवि चोपड़ा को अपने भाई जैसा मानते थे। बीआर चोपड़ा रवि व यश को अपने बेटे की तरह मानते थे। यश चोपड़ा के साथ काम करने से पहले रवि ने अपने करियर की शुरुआत अपने पिता की फिल्म ‘दास्तान’ (फिल्म में दिलीप कुमार एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और प्रेम चोपड़ा के साथ एक डबल रोल में नजर आए) व ‘धुंध’ (इस फिल्म में नवीन निश्चल, जीनत अमान और डैनी डेन्जोंगपा ने काम किया) से की जिसमें उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया। रवि ने अपने अंकल (यश) को फिल्म ‘इत्तफाक’ (राजेश खन्ना और नंदा) में अस्सिट किया। दोनों चाचा-भतीजा ज्यादा दोस्तों की तरह रहा करते थे। डॉ बलदेव राज चोपड़ा दोनों को अपने बेटों की तरह मानते थे व दोनों ही बीआर चोपड़ा की छत्रछाया में बड़े हुए। यश ने अपनी महत्वाकांक्षाओं को बढ़ते देखा व उन्होंने बीआर फिल्म्स से बाहर अपनी स्वयं की प्रोड्क्शन कंपनी (यश राज फिल्म्स) की शुरुआत की। उनके इस निर्णय से उनका व बीआर चोपड़ा का रिश्ता बिखर सा गया था, डा चोपड़ा जिनके साथ उन्होंने ‘धूल का फूल’, ‘धर्मापुत्र’, ‘वक्त’ जैसी फिल्में बनाई थी। उनके रिश्ते में तनाव आने लगा था व उनके बारे में इंडस्ट्री में बाते भी होने लगी थी इन सब के बावजूद वह एक दूसरे के करीब थे।

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रवि को ‘जमीर’ के निर्देशन के लिए अपना पहला ब्रेक मिला (फिल्म में अमिताभ अभिनीत बच्चन, सायरा बानो और शम्मी कपूर कलाकार के रूप में नजर आए थे) हालांकि एक चरवाहे की तर्ज पर बनी फिल्म बाक्स ऑफिस पर ज्यादा नहीं चली। इसके बाद रवि चोपड़ा ने ‘द बर्निग ट्रेन’ जिसमें धर्मेन्द्र-हेमा, विनोद खन्ना-परबीन बॉबी, जितेन्द्र-नीतू सिंह, डेनी आदि ने काम किया डायरेक्ट की जो हॉलीवुड फिल्म ‘द टावरिंग इनफेरनो’ से प्रभावित थी। इस फिल्म को रवि ने महत्वाकांक्षा के साथ बनाया था पर इस फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर कोई भी कमाल नहीं दिखाया। इसके बाद फिल्मों को बनाने का सिलसिला आगे बढ़ता चला गया। रवि ने ‘मजबूर’, ‘आज की आवाज’, ‘दहलीज’ जैसी फिल्में बनाई। इसके बाद उन्होंने एपिक धारावाहिक ‘महाभारत’ के निर्माण में अपने पिता का हाथ थामा। एक समय ऐसा आया कि उनके पिता गंभीर रूप से बीमार पड़ गए तब रवि ने ‘महाभारत’ बनाने की पूरी जिम्मेदारी ले ली थी जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।

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उम्र के बढ़ने के कारण उनके पिता बहुत बीमार रहने लगे थे। इससे ज्यादा जिंदा रहना उनकी किस्मत में ना था व बीआर चोपड़ा अपने बेटे का सपना साकार होते नहीं देख पाए व उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। समय बीतता चला गया व रवि ने बॉलीवुड की मैजिकल जोड़ी अमिताभ बच्चन व हेमा मालिनी के साथ बेहतरीन फिल्म ‘बागबान’ बनाई। जो की बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म के बाद रवि ने इस मैजिकल जोड़ी के साथ फिल्म ‘बाबुल’ बनाई व फिल्म ने एक बार फिर बॉक्स-ऑफिस पर धमाल मचाया। इस सुपरहिट फिल्म के बाद रवि ने अमिताभ बच्चन के साथ ‘भूतनाथ’ के लिए काम किया। डॉ चोपड़ा के बीमारी के दिनों में यश व रवि दोनों ने एकसाथ नए सिरे से काम शुरू किया था। यश व रवि की बेहतरीन यादें थी जब वह बतौर असिस्टेंट साथ काम किया करते थे और वह एक-दूसरे से मिला करते थे तथा अपना पसंदीदा खाना खाने घर व रेस्टोरेंट जाया करते थे। इसके साथ ही वह अपनी कविताएं, गाने, प्यार को एक दूसरे के साथ बांटा करते थे। रवि ने ‘बंदा ये बिंदास है’ फिल्म का निर्माण किया पर फिल्म एक बड़ी मुसीबत में फंस गई, वाल्ट डिज्नी प्रोडक्शंस (हॉलीवुड कंपनी) ने रवि पर आरोप लगाया कि यह फिल्म उनकी फिल्मों में से एक फिल्म की कहानी है व इस फिल्म में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं किया गया। रवि को इस फिल्म के कारण बहुत भारी मुआवजे का भुगतान करना पड़ा, जिसकी वजह से बीआर फिल्म्स बड़ी मुसीबत में आ गई। तभी रवि को अपने फेफड़े की गंभीर बीमारी का पता चला, इसके बाद वह कभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए।

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वह बहुत बीमार थे जब यश चोपड़ा डेंगू के शिकार हुए थे। रवि उस समय इतने बीमार थे कि वह अपने अंकल व सबसे अच्छे दोस्त यश चोपड़ा की मौत पर प्रतिक्रिया करने की स्थिति में भी नहीं थे। दो साल बाद, रवि ने अपने फेफड़ों की बीमारी के आगे घुटने टेक दिए और दुनिया से अलविदा ले लिया। इन सबके बाद रवि की पत्नी रेणु चोपड़ा, बेटे अभय, कपिल ने अपनी सारे साधन को जुटा कर फिल्म ‘भूतनाथ रिटर्न्स’ निर्मित की। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन का मुख्य रोल रहा। अमिताभ रवि के प्रिय दोस्त थे उन्होंने ‘भूतनाथ रिटर्न्स’ बनाने के लिए उनके परिवार का सहयोग भी किया था। यह फिल्म अंधेरे मे जा चुकी बीआर फिल्म्स को उजाले में ले आई थी। इतने कम समय के भीतर यश व रवि का इस दुनिया से जाने का गम परिवार को सहना पड़ा। यश राज के बेटे आदित्य चोपड़ा द्वारा यश राज फिल्मस का कार्यभार संभाला जाता है। बीआर फिल्म्स अब फिर से वापसी करने को तैयार है अपनी तीन फिल्मों के साथ। रेणु चोपड़ा, अभय और कपिल (दोनों बेटे) ने यश राज फिल्म्स की चमक को दुबारा बनाए रखने की योजना बनाई। रवि चोपड़ा जो इस साल 70 साल के हो जाते लेकिन जब तक वह इस दुनिया में रहे हमेशा ही जीवन और सिनेमा से भरे रहे। ऐसे रिश्ते अमूमन देखने को नही मिलते लेकिन ये हमेशा यादों में ताजा रहते हैं।


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Mayapuri

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