उसके रहम से, माँ की दुआ से और सुर ओर ताल की राह पर चलते चलते ए. आर. रहमान कहाँ से कहाँ आ गए

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कुछ साल पहले, ए. एस. दिलीप कुमार (यानि ए. आर. रहमान) नाम का एक छोटा लड़का, जिसके पिता प्रतिभाशाली संगीतकार इलैयाराजा के साथ काम करने वाले संगीतकार थे, वह सिर्फ संगीत की आवाज सुनने के लिए उस्ताद के रिकॉर्डिंग स्टूडियो के नीचे खड़े रहता था। उनके पिता का कम उम्र में ही पैसों की तंगी के चलते देहांत हो गया था और दिलीप की माँ को घर का गुजारा करने के लिए दिलीप के पिता के संगीत वाद्ययंत्र (म्यूजिकल इन्सटूमेन्टस) को बेचना पड़ा था। –अली पीटर जॉन

दिलीप तब जिंगल के प्रमुख संगीतकार बन गए थे, जब मास्टर निर्देशक मणिरत्नम ने उन्हें अपनी फिल्म ‘रोजा’ के लिए संगीत देने की चुनौती दी थी और यह उनके अमेजिंग करियर की गाथा की एक शुरूआत थी और यह एक नई रिदम की खोज करने के लिए उनकी यात्रा के दौरान था और दिलीप और उनका परिवार तब कई अंतहीन समस्याओं का सामना भी कर रहे थे और उन्होंने ईश्वर और शांति को खोजने की कोशिश भी की थी और इस्लाम में उन्हें सभी के जवाब और जो वे चाहते थे मिला था और वह इस्लाम में परिवर्तित् हो गए थे। और दिलीप को एक नया नाम मिला जो ए. आर. रहमान था, जो एक ऐसा नाम हैं जो अब अपनी शर्तों पर इस संगीत की दुनिया पर राज करता है।

रहमान दक्षिण, हिंदी और यहां तक कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बनाई गई असाधारण फिल्मों के संगीत के पीछे का नाम है। रहमान वह मशहूर सिंगर हैं जिन्होंने भारत में संगीत के लिए सभी प्रमुख पुरस्कार जीते हैं और साथ ही उन्होंने ऑस्कर अवॉर्ड और ग्रैमी अवॉर्ड भी जीते हैं।

रहमान अभी भी बड़े संगीत के बड़े मालिक हैं और उन्हें अभी भी किसी भी तरह की प्रतियोगिता की तलाश है। वह सनराइज म्यूजिक के पीछे के भी आदमी है जो संगीत के विभिन्न क्षेत्रों में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उनका म्यूजिक स्कूल है।

और अब रहमान एक ऐसे निर्माता और लेखक हैं जो दुनिया के विभिन हिस्सों में फिल्मों के निर्माण के तरीके में बदलाव लाने का प्रयास करना चाहते हैं।

रहमान ने अपने दोस्त और शाॅर्ट फिल्म निर्माता विश्वेश कृष्णमूर्ति के साथ दो साल पहले ‘99 डेज’ नामक एक फिल्म पर काम शुरू किया, लेकिन रहमान जैसे एक मास्टर के रास्ते में भी कई बाधाएं आई थीं। और अन्य सभी बाधाओं से बढकर महामारी जैसी बाधा उनके सामने आई और फिल्म जो एक साल पहले पूरी हो गई थी और पिछले साल रिलीज होने वाली थी, अब सकारात्मक रूप से 16 अप्रैल (2021) को रिलीज होगी।

फिल्म मंे एक युवक की कहानी है जो रहमान द्वारा लिखित है और इसे एक संगीतकार के रूप में बनाने के लिए उनका संघर्ष है। क्या यह फिल्म रहमान के जीवन और उनके संगीत पर किसी तरह की बायोपिक होगी? इसका जवाब तो ‘99 डेज’ के रिलीज होने के बाद ही मिलेगा।

रहमान ने कुछ नए कलाकारों का परिचय दिया जिन्हें अनगिनत ऑडिशन के बाद चुना गया था। बाकि फिल्म के अनुभवी कलाकारों में मनीषा कोईराला और लिसा रे शामिल हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से कुछ प्रसिद्ध नाम भी हैं जो इसमें गेस्ट अपिरन्स के रूप में दिखाई देगे और दिलचस्प बात यह है की इसमें प्रसिद्ध और विवादास्पद स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा भी एक कैमियो रोल में नजर आएगे।

और अगर यह रहमान द्वारा लिखित और निर्मित फिल्म है, तो इसमें हमारे समय में सबसे महान उस्ताद के संगीत के जादू का स्पर्श जरुर होगा। तो चलिए एक नए ए.आर.रहमान का स्वागत करने के लिए तैयार हो जाइये, जो मुझे यकीन है कि वह आप या किसी को भी निराश नहीं करेंगे।

 जिस इंसान में खुदा नजर आए उसको इंसान क्या रोंक पाएगा?

अनु- छवि शर्मा 


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Mayapuri

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