मेरा कैरियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा है और मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि मेरे पास काम आता रहा है -अनुष्का रमेश

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aanushka

पिछले कुछ महीनों में ऐड कैंपेन, कैलेंडर शूट और म्यूजिक वीडियो जैसे कई प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रही अनुष्का रमेश, अपनी अब तक की यात्रा के बारे में ज्योति वेंकटेश को बताती हैं। और वह महसूस करती है कि लॉकडाउन के दौरान एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री आगे बड़ी है और उनका करियर भी। – ज्योति वेंकटेश

आपने अपने कैरियर में अब तक कौन-कौन से फेमस प्रोजेक्ट्स किए हैं?

     मैंने एक शोर्ट फिल्म ‘कॉकटेल’ के साथ एक अभिनेत्री के रूप में अपनी शुरुआत की थी और इस फिल्म ने 2014 में ‘नासिक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में पुरस्कार भी जीता था, और मैंने चैनल ‘वी’ पर प्रसारित अनोखे गेम शो ‘वी डिस्ट्रेक्शन’ को भी जीता है, मैंने वर्ष 2016 में पंजाबी फिल्म ‘कनाडा डि फ्लाइट’ से फिल्मों में अपना डेब्यू किया था। मैंने विभिन्न ब्रांडों जैसे फेमिना, क्वॉलिटी वॉल्स, लेयस चिप्स के लिए भी मॉडलिंग की है। मैं जल्द ही फिल्म ‘मंगल हो’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू करने जा रही हूं।

आपने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने के बारे में कैसे सोचा?

मैंने वास्तव में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने के बारे में कभी नहीं सोचा था। मुझे लगता है कि यह सिर्फ नियति का खेल है, क्योंकि एक बहुत ही प्रमुख सिनेमेटोग्राफर ने मुझे एक पार्टी में देखा और मुझे सग्जेस्ट किया कि मैं अपनी कुछ तस्वीरे क्लिक कराऊ करूं क्योंकि उन्हें लगा कि मेरे चेहरे को कैमरे के सामने होना चाहिए। मैंने पूरी तरह से इसे हंसी के रूप में लिया क्योंकि मुझे लगा वह मजाक कर रहे थे। लेकिन बाद में, यूँहीं  मजाक मस्ती में, मैंने कुछ पिक्चर्स क्लिक करवाईं और उन्हें प्रसारित किया और तब मुझे पता चला कि वह सही थे! मैं बहुत खुशकिस्मत थी कि किसी तरह से कुछ काम मेरे पास खुद आया। शुरू में, मुझे यकीन नहीं था कि मैं अभिनय करना चाहती हूँ, लेकिन जब मैंने क्राफ्ट का अध्ययन किया और इसे समझा, तो मुझे यकीन हो गया था कि यह वही है जो मैं अपने जीवन में करना चाहती थी!

क्या आपको किसी तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ा हैं?

मैं यह नहीं कहूंगी कि मुझे किसी संघर्ष का सामना करना पड़ा हैं। मुझे लगता है कि एक व्यक्ति के लिए एकमात्र चुनौती है खुद को सही लोगों के साथ जोड़ना, हालाँकि यह फिल्मी बैकग्राउंड के बारे में नहीं है। आपको अपना रास्ता खुद ही बनाना होगा। मैं बहुत खुशकिस्मत रही हूं, कि मुझे ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा, किसी तरह, दोस्तों, रेफरेन्सेस या मेरे द्वारा पहले किए गए काम के कारण मुझे एक के बाद एक अवसर मिलते रहे हैं। मुझे लगता है कि अगर आप दृढ़ रहें और धैर्य रखें तो इस क्षेत्र में आप जो चाहते हैं उसे हासिल करना काफी हद तक संभव हो जाता है।

अगर आप एक अभिनेत्री नहीं होती तो आप क्या बनती और क्यों?

यदि एक एक अभिनेत्री नहीं होती, तो मैं फैशन इंडस्ट्री या हास्पटैलटी से सम्बधित किसी चीज़ से जुडी हुई होती। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे एक्टिंग के अलावा फैशन और फूड में बहुत इंटरेस्ट है। लेकिन ईमानदार से कहू तो, मैं अब खुद को एक अभिनेत्री के अलावा किसी ओर रूप में खुद की कल्पना नहीं कर सकती।

आपका आखिरी प्रोजेक्ट कौन सा था?

मेरे लॉकडाउन के दौरान दो प्रोजेक्ट्स रहे जिनमे से एक ‘रूपम स्टोरीज़’ के लिए ऐड कैंपेन हैं, और दूसरा FitnGlam इंटरनेशनल कैलेंडर सीजन 2 का शूट हैं। यह दुबई में हुआ और यह लॉकडाउन में पहले इंटरनेशनल शूट में से एक था। यह एक ग्रेट एक्सपीरियंस था। मैंने लॉकडाउन के दौरान ‘प्रणाम’ नामक एक म्यूजिक वीडियो भी किया है। इसे सद्गुरु, सोनू कक्कड़ और ऋतुराज मोहंती द्वारा गाया गया है। इसे कंपोज़ सचिन गुप्ता ने किया था। वर्तमान में, मुझे कुछ और प्रोजेक्ट्स का इंतज़ार है।

आप वर्तमान में किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं?

मैं बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म पर काम कर रही हूं जिसका नाम ‘मंगल हो’ है और साथ ही कुछ अन्य प्रोजेक्ट भी हैं जिनकी घोषणा बहुत जल्द की जाएगी।

आपने महामारी की स्थिति को कैसे डील किया? इससे आपने क्या सीखा हैं?

महामारी के समय की स्थिति निश्चित रूप से बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय रहा है। हालाँकि, यह एक बहुत ही सकारात्मक समय था और साथ ही साथ हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिला और हमने उन चीजों की सराहना की जो हमें प्रदान कि गई है। लॉकडाउन के पहले 8-10 दिनों के दौरान मुझे बहुत जोर पड़ा क्योंकि यह एक प्रमुख लाइफ स्टाइल में एक बड़ा बदलाव था। अभिनेता के रूप में, हम हमेशा आगे बढ़ रहे हैं और विभिन्न चीजों के लिए यात्रा भी कर रहे हैं। इसलिए, केवल घर पर ही सीमित रहना, एक बहुत ही कठिन एडजस्टमेंट था, लेकिन मैंने तय किया कि मुझे इसे पॉजिटिव रूप से लेना होगा अन्यथा इस समय को मैनेज करना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा। यह निश्चित था कि हम यह नहीं जानते थे कि यह कब खत्म होगा। मैंने समय का सकारात्मक रूप से उपयोग करने का निर्णय लिया। मैंने सोशल मीडिया पर एक्टिविटी कीं, दोस्तों के साथ जुड़ी और इंस्टा पर लाइव आई। मुझे एहसास नहीं था कि समय कैसे बीत गया, मैं अपने आप को इतना व्यस्त रखा, घर पर काम करना, आम तौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल पर ध्यान दिया। मुझे पूरा यकीन था कि मैं इस समय का सकारात्मक उपयोग करुगी। मुझे लगा कि यह समय फिर कभी नहीं आएगा। यह चुनौतीपूर्ण था और मेरा दिल उन सभी लोगों को देख दुखी था जो पीड़ित थे। मैंने इस समय का सकारात्मक रूप से उपयोग करने का फैसला किया और यह मेरे लिए पीसफुल्ली समाप्त हुआ है।

आपने इतने वर्षों में इंडस्ट्री के अंदर क्या बदलाव पाया?

मुझे लगता है कि हाल के दिनों में सबसे बड़ा बदलाव ओटीटी प्लेटफॉर्मों में आया है, जिसने बहुत सारे लोगों को अभिनय में मौका दिया है। यह एक सकारात्मक बदलाव रहा है क्योंकि आर्टिस्टों, तकनीशियनों, क्रिएटिव लोगों और सभी के लिए बहुत व्यापक स्कोप रहे है। दूसरा, मुझे लगता है कि कंटेंट में वास्तव में बहुत सुधार हुआ है क्योंकि जो कंटेंट ओटीटी प्लेटफार्मों और विभिन्न अन्य चैनलों पर दिखाए जा रहे है वह बहुत अच्छे है। हम मनोरंजन के संपर्क में हैं, जो विश्व स्तर पर है, पहले हम केवल इंडियन प्रोग्राम और हॉलीवुड फिल्मों को देखते थे लेकिन अब हमारे पास दुनिया भर की सभी प्रकार की सीरीज और फिल्में हैं इसलिए दर्शकों के टेस्ट में सुधार आया है।

मुंबई जैसे शहर में रहने के पक्ष और विपक्ष क्या हैं?

मेरा जन्म और रहन-सहन मुंबई शहर में ही हुआ है, मैं इसे दिल से पसंद करती हूं। मैं मुंबई की लड़की हूं और इसके बारे में जानती हूं, इसलिए मैं इसके पक्ष और विपक्ष दोनों को देखती हूं। भले ही मैंने विभिन्न देशों और स्थलों की यात्रा की हो, लेकिन मुझे लगता है कि मेरा दिल मुंबई से जुड़ा है। मुंबई शहर में जिस तरह की आजादी है, खासकर लड़कियों के लिए ऐसा किसी दूसरे शहर में नहीं है। अवसर, चीजों की पहुंच, सब कुछ बहुत अच्छा है। केवल एक चीज जो यहाँ मुश्किल है वह यह है कि यहाँ का ट्रैफिक बहुत ज्यादा होता है, लेकिन मुझे लगता है कि यह उन अवसरों और लाभों के लिए एक छोटी सी कीमत है जो यह शहर हमें प्रदान करता है।

अनु- छवि शर्मा

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