एक बार फिर से साथ काम करने जा रहे अभिषेक चौबे और राॅनी स्क्रूवाला

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राॅनी स्क्रूवाला और अभिषेक चौबे एक बार फिर से कॉलेबोरेट करने जा रहे हैं, इस बार वह प्रेमनाथ राजगोपालन के सह-निर्माता के रूप में हॉकी के दिग्गज ध्यान चंद की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने के लिए तैयार हैं।

ज्योति वेंकटेशMajor Dhyan Chand

सुप्रतीक सेन और अभिषेक द्वारा एक वर्ष से अधिक समय में लिखी गई पटकथा को आखिरकार समाप्त कर लिया गया है। कास्टिंग चल रही है और एक टॉप स्टार को टाइटलर रोल निभाने के लिए कास्ट करने की उम्मीद की जा रही है।

ध्यान चंद ने “द विजार्ड“ के रूप में 1925 से 1949 तक भारतीय हॉकी टीम को रिप्रेजेंट किया, और उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान केंद्र के रूप में खेले गए 185 मैचों में 1500 से अधिक गोल किए हैं।

जिसमें उन्होंने 1928, 1932 और 1936 में 3 ओलंपिक गोल्ड मेडल भी जीते हैं। साथ ही उन्हें 1956 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था और 29 अगस्त को उनकी बर्थ एनिवर्सरी को एक राष्ट्रीय खेल दिवस (नेशनल स्पोट्र्स डे) के रूप में मनाया जाता है।

निर्देशक अभिषेक चौबे कहते हैं कि, “ध्यान चंद हमारे नेशनल स्पोर्ट की हिस्ट्री में सबसे महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं, और हमारे लिए उनकी बायोपिक को निर्देशित करना काफी गर्व की बात है।

ध्यान चंद इंडियन स्पोट्र्स के सबसे बड़े आइकॉन हैं

Abhishek Chaubey

हमारे पास काफी सारे रिसर्च मटेरियल थे, और ईमानदारी से कहू तो, उनके जीवन की हर उपलब्धि अपने आप में ही एक अलग कहानी की हकदार है। मैं रोनी स्क्रूवाला जैसी क्रिएटिव फ़ोर्स का आभारी हूं जो फिल्म का समर्थन कर रहे हैं, और हम इसे अगले साल शुरू करने के लिए इंतजार नहीं कर सकते हैं।”

राॅनी स्क्रूवाला, जिन्होंने हमारे समय की कई कल्ट फिल्मों जैसे “रंग दे बसंती“, “स्वदेस“, “ए वेडनसडे“, “उरी“, “सोनचिरैया“ और “बर्फी“ का निर्माण किया है, वह वादा करते है, ध्यान चंद उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक होगी।

वह कहते हैं, “ध्यान चंद के जीवन की उपलब्धियों की ललक और महानता को देखते हुए, मुझे लगता है कि फिल्म को निर्देशित करने के लिए अभिषेक से बेहतर कोई नहीं हो सकता है और ‘सोनचिरैया’ के बाद एक बार फिर से मैं उनके साथ कोलेबोरेट कर रहा हूँ।

ध्यान चंद इंडियन स्पोट्र्स के सबसे बड़े आइकॉन हैं, जिनके बारे में आज के युवा ज्यादा नहीं जानते हैं। ध्यान चंद की तुलना में इससे बड़ी कहानी और कोई नहीं हो सकती थी और मैं इस फिल्म के दर्शकों के सामने लाने का इंतजार नहीं कर सकता हूँ।”

पद्म भूषण ध्यान चंद के बेटे, अशोक कुमार जो ओलंपिक पदक विजेता और 1975 वल्र्ड कप हॉकी में गोल करने वाले स्कोरर रहे हैं, कहते हैं, “3 बार ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके ध्यान चंद की तरह दुनिया में कोई भी बेहतर हॉकी खिलाड़ी नहीं है।

जब रोहित वैद ने मुझे मेरे पिता पर एक फिल्म बनाने की इच्छा के लिए संपर्क किया, तो मैं उनके जुनून को देखकर तुरंत इस परियोजना के लिए तैयार हो गया। ध्यान चंद की प्रतिभा और उनकी उपलब्धियों को दुनिया और मेरे परिवार ने देखा हैं और मैं इसका हिस्सा बनकर रोमांचित हूं।”

‘ब्लू मंकी फिल्म्स’ के निर्माता प्रेमनाथ राजगोपालन का कहना है कि वह ध्यान चंद को पर्दे पर लाने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं, “ध्यान चंद की कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए रोहित और मैं अशोक कुमार और परिवार के प्रति आभारी हैं।

यह एक विरासत और एक कहानी है जिसे न केवल हमारे देश में बल्कि दुनिया में हर किसी को जानना चाहिए। हम रोनी के साथ अपनी साझेदारी को आगे ले जाने के लिए भी उत्सुक हैं क्योंकि यह उनके साथ हमारा दूसरा प्रोजेक्ट है।” ध्यान चंद की फिल्म 2022 तक सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।


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Mayapuri

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