एक्टर आदित्य सील से उनकी आने वाली फिलम के बारे में करी खास बातचीत

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Indoo Ki Jawani

यह फिल्म मेरे करियर का टर्निंग पाॅइंट साबित होगी

लिपिका वर्मा

“हर फिल्म की शूटिंग शुरू होने के पहले मै छुटिटयों पर चला जाया करता हूँ” आदित्य सील

aditya seal

एक्टर आदित्य सील, ‘एक छोटी सी लव स्टोरी’ इस में आदित्य मनीषा कोइराला के अपोजिट कास्ट हुये थे फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा नहीं दिखाया था। खैर आदित्य अब बेहद ही हॉट हीरोइन किआरा आडवाणी के साथ फिल्म, ‘इंदू की जवानी’ में जल्द नजर आने वाले है। आदित्य के लिए यह फिल्म जिस में वह बतौर सोलो हीरो नजर आएँगे उनके लिए करियर के इस मोड़ पर यह टर्निंग पॉइंट है। ऐसा उनका भी मानना है।

बहुत ही मजेदार एवं एंटेरटिनिंग ट्रैलर है, ‘इंदू की जवानी’ में क्या खास बात थी जो इस फिल्म का हिस्सा बने आप?

यह एक बहुत अलग फिल्म है खासकर उन फिल्मों से जिनका मैं हिस्सा रह चुका हूँ। जब मुझे यह कहानी सुनाई गई तो यह किरदार मैं बहुत आसानी से कर पाउँगा। पर जब मैं नरेशन सुनने निर्देशक के साथ बैठा तब मुझे यह एहसास हुआ कि शायद यह किरदार करना इतना आसान नहीं है जितना मैं सोच रहा था। यह किरदार अमूमन साधारण व्यक्ति से कुछ अलग ही है। जो कुछ भी बचपन से हमारे मस्तिष्क में बिठाया जाता है उससे अलग सोचना बेहद कठिन और हॉट है। जैसे जैसे मैं स्क्रिट निर्देशक के साथ बैठकर रीडिंग कर रहा था मुझे लगा यह रोल बेहद चैल्लेंजिंग और कठिन है। किन्तु निर्देशक ने मुझ से कहा आप अच्छा कर रहे है। किन्तु मैं उन्हें यही कहा कि दरअसल में मैंआपको कॉपी ही कर रहा हूँ। जब मुझे फिल्म, इंदू की जवानी की शूटिंग शुरू करनी थी उससे पहले मैं होलिडे पर चला गया। ऐसा मैं हमेशा ही करता हूँ। हर फिल्म की शूटिंग शुरू होने के पहले मै छुटिटयों पर चला जाया करता हूँ और फ्रेश होकर सेट पर लौटता हूँ।

‘इंदू की जवानी’ सेट्स पर काम करने का अनुभव कैसा रहा?

जिस समय हमारी शूटिंग चल रही थी, मै मेंटली एक बुरे समय से गुजर रहा था। मुझे यह फिल्म करने में किसी तरह की आशंका नहीं थी। किन्तु जो कुछ भी सेट्स पर हो रहा था वह मेरे मनोकुल ही था। क्योंकि मेरे पिताजी का देहांत हुआ था, सो सेट पर सभी मेरा सहज तरीके से ख्याल रख रहे थे। सभी ने मुझे बहुत कम्फर्टेबल फील करवाया यदि मैं क्राउड में करना चाह रहा था तो उन्होंने क्राउड कम करवा दिया था। पुरे सेट को सेनेटाईज भी किया था। सो शूटिंग बहुत ही अच्छी तरह से सम्पन हुई।

आपके पिताश्री भी एक्टर रहे है, क्या अभिनय उनसे ही आपके अंदर आया है?

यह मुझे नहीं पता है किन्तु हाँ यह अभिनय मेरे अंदर उन्होंने ही ड्रिल जरूर किया है मुझे क्रिकेटर बनने का चाव था उसके लिए भी उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। मुझे कुछ चोट लगी तभी से मैंने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया। उन्होंने हमेशा ही मेरा हाथ पकड़ कर मुझे आगे चलाया है। उन्होंने मुझे सही मायने में ट्रेन्ड जरूर किया है। उनकी शिक्षा ने मुझे जीवन के उतार-चढ़ाव को झेलना सिखलाया है। अपने पिताजी के बारे में आगे आदित्य कुछ सोच कर, जी हाँ मेरे पिताजी बंगाली है सो हमारी बंगाल से जुड़ा कल्चर अंदर कूट कूट कर भरा हुआ है। जैसे चावल और मच्छी का झोल खाना हम सभी को बहुत पसंद है। हम हर वर्ष दुर्गा पूजा भी धूम धाम से मनाते है। मेरे दादाजी बंगला बोलते थे सो उनसे थोड़ा बहुत बांग्ला भी सीखा है मैंने। दरअसल में, मैं कोलकाता में पला बढ़ा नहीं हूँ पर बंगला कल्चर बेहद पसंद है।

अपनी फिल्मी जर्नी के बारे में क्या अंदाजा लगता है आपका?

बहुत ही दबाव रहा मेरे फिल्मी करियर में यह तो मैं जरूर बोलूंगा। लेकिन मैं भी पीछे नहीं हटा। दरअसल में, उतार-चढ़ाव इतना अनुभव दे गया की मेरे अपने अनुभव ने मुझे बहुत सारी सीख भी दे दी। जो कुछ भी मैं इस फिल्मी सफर से सीखा उससे, मैं बेहद प्रभावित हुआ और खुश भी। इस सफर से प्राउड भी फील कर रहा हूँ।

क्या- इंदू की जवानी फिल्म आपके करियर का टर्निंग पॉइंट माना जा सकता है?

आशा करता हूँ यह फिल्म, ‘इंदू की जवानी’ मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट साबित होगा। मैं इस फिल्म में मेन लीड प्ले कर रहा हूँ बहुत प्रेशर भी है। मैं मेन लीड पहली बारी ही निभा रहा हूँ तो थोड़ा प्रेशर तो होगा ही।

‘इंदू की जवानी’ फिल्म थिएटर में रिलीज हो रहे है, क्या कहना चाहेंगे आप?

जी हाँ यह फिल्म सिनेमा घरो में रिलीज हो रही होगी। यह एक लाइट हर्टेड फिल्म है सभी को पसंद भी आयेगी और मनोरंजन भी देगी। बड़े फिल्म को एन्जॉय करना अब एक अलग अनुभव प्रदान करेगा। यह फिल्म जितना समय लोग बैठ कर देखेगे उतने समय के लिए बाहर के वातावरण को भूल जायेगे।

 


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Mayapuri

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