ज़ी टीवी के आगामी शो ‘भाग्य लक्ष्मी’ में अपने टाइटल रोल के लिए एक्टर ऐश्वर्या खरे ने ली कोविड हीरोज़ से प्रेरणा; भेंट की उन्हें देवी लक्ष्मी की मूर्ति

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हम पांच, पवित्र रिश्ता, जोधा अकबर, कुमकुम भाग्य, कुंडली भाग्य और ब्रह्मराक्षस जैसे सफलतम शोज़ देने के बाद ज़ी टीवी और बालाजी टेलीफिल्म्स मिलकर एक बार फिर दर्शकों को जिंदगी, प्यार, कर्म और भाग्य की एक और रोमांचक कहानी ‘भाग्य लक्ष्मी‘ दिखाने जा रहे हैं, जो 3 अगस्त से, हर सोमवार से शनिवार रात 8:30 बजे, ज़ी टीवी पर शुरू हो रहा है। मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित ज़ी टीवी का नया शो ‘भाग्य लक्ष्मी‘, लक्ष्मी नाम की एक निस्वार्थ लड़की की कहानी है, जिसके पास सीमित साधन हैं, लेकिन अपनी गरीबी और जिंदगी के संघर्षों के बावजूद वो हमेशा अपनी जरूरतों से पहले दूसरों की जरूरतों का ख्याल रखती है। इस किरदार को कोई और नहीं बल्कि पॉपुलर टेलीविजन एक्ट्रेस ऐश्वर्या खरे निभाएंगी, जो अपने नए रोल का यह सफर शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। असल में ऐश्वर्या ने अपने रोल की तैयारी भी शुरू कर दी है और उन्होंने अपने किरदार में ढलने का एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है।

लक्ष्मी के किरदार से गहराई से जुड़ने और इसके लिए सच्ची प्रेरणा लेने के लिए ऐश्वर्या ने देशभर के कुछ असाधारण कोविड हीरोज़ से मिलने का फैसला किया, जो उनके किरदार लक्ष्मी की तरह ही निस्वार्थ भाव रखते हैं और जिन्होंने महामारी के दौरान अपनी जरूरतों से पहले दूसरों की जरूरतों को रखा, खुद को जोखिम में डाला और प्रभावी ढंग से मानवता की मदद की। अपनी तलाश में लक्ष्मी की मुलाकात भोपाल के जावेद खान, लखनऊ के अभिषेक गुप्ता, मुंबई के हर्ष और उनकी मां हीना मांडविया और दिल्ली के सौरव और उनकी मां लक्ष्मी दास से हुई। उन्होंने इन सभी लोगों के निस्वार्थ सफर को लेकर उनसे बात की और अपना यह विश्वास मजबूत किया कि इंसानियत अब भी मौजूद है!

ऐश्वर्या भोपाल के बहादुर कोविड हीरो जावेद खान से मिलीं और उनकी कहानी सुनने के लिए बेहद उत्सुक थीं। जावेद खान एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं, जिन्होंने ऐसे कोविड मरीजों को लाने ले जाने के लिए अपनी ऑटो को एम्बुलैंस में बदल दिया, जिनके पास आपातकालीन इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचने का कोई साधन नहीं था। जावेद ने ऐश्वर्या को बताया कि उन्होंने अपनी ऑटो को एम्बुलैंस में बदलने के लिए अपनी बीवी के गहने बेच दिए थे। उन्होंने अपने ऑटो में एक सैनिटाइज़र, एक ऑक्सीजन सिलेंडर, एक पीपीई सूट और कुछ दवाइयां रखी हैं। ऐसे समय में, जब हर कोई एक दूसरे की शारीरिक रूप से मदद करने में कतरा रहा था, तब जावेद की यह हिम्मत 300 से ज्यादा मरीजों की जानें बचाने में काम आई। ऐश्वर्या से मिलने के बाद इस युवा कोविड हीरो ने कहा, ‘‘किसी ना किसी को तो मरीजों को हॉस्पिटल ले जाना ही था, इसलिए मैंने सोचा क्यों ना मैं ही ले जाऊं?‘‘

ऐश्वर्या लखनऊ के अभिषेक गुप्ता से भी मिलीं, जिन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मृत कोविड मरीजों के अंतिम संस्कार करने में मदद की। ऐसे समय में जब मेडिकल प्रोटोकॉल्स के चलते परिवारों को अपने चहेते लोगों की कोविड से मौत हो जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार करने की अनुमति नहीं थी, तब अभिषेक और उसके दोस्तों ने आगे बढ़कर खुद अपने खर्च पर उनके अंतिम संस्कार कराए और खुद अपनी जिंदगी जोखिम में डाली। इसी वजह से लखनऊ शहर के बहुत-से परिवार अभिषेक और उसके दोस्तों के हमेशा आभारी रहेंगे।

इस सफर में ऐश्वर्या की मुलाकात मुंबई के हर्ष मांडविया और उनकी मां श्रीमती हीना मांडविया से भी हुई, जिन्होंने महामारी के दौरान अपनी टिफिन सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों को 27000 मील्स, 65000 तवा रोटियां, घर की बनीं 8000 मिठाइयां और 1000 इम्यूनिटी बूस्टर बॉल्स बांटे और अब भी वे रोज नहीं, तो कम से कम हफ्ते में एक बार जरूरतमंदों को खाना जरूर खिलाते हैं। तब से ही ये दोनों मां-बेटे अपनी निस्वार्थ सेवा से बहुत-से लोगों का दिल जीत रहे हैं। असल में, उन्होंने उस वक्त ऐश्वर्या खरे का दिल भी जीत लिया, जब वे उनके और उनकी पूरी टीम के लिए घर की बनीं स्पेशल शुगर फ्री मिठाइयां लाए।

ऐश्वर्या दिल्ली के निस्वार्थ कोविड हीरो सौरव दास से भी मिलीं, जिन्होंने अपनी मां लक्ष्मी दास के साथ मिलकर समाज के वंचित लोगों की मदद करने के लिए मास्क का निःशुल्क वितरण करने का फैसला किया। लॉकडाउन के शुरुआती चरण के दौरान सौरव को लगा कि समाज के वंचित लोगों के लिए वाजिब और अच्छी क्वालिटी के आरामदायक मास्क की बेहद कमी है। तभी उन्हें निःशुल्क मास वितरण का ख्याल आया और उन्होंने दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर संपर्क-रहित मास्क डिस्पेंसर स्थापित किए। उनकी मां लक्ष्मी ने घर पर ही खुद ये मास्क तैयार किए और सौरव ने इसके वितरण का काम संभाला। ऐश्वर्या के साथ अपने अभियान ‘पिक वन, स्टे सेफ‘ की चर्चा करते हुए सौरभ ने कहा कि उन्होंने और उनकी मां ने दो महीनों से कम समय में 2200 मास्क का निःशुल्क वितरण किया और यह आंकड़ा हर महीने बढ़ता जा रहा है। उन्होंने अपने सफर के दौरान आईं चुनौतियों के बारे में भी बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि कोई भी चुनौती इतनी बड़ी नहीं थी, जो उन्हें अपने आसपास के लोगों की मदद करने से रोक सके।

उनकी दिल छू लेने वाली कहानियों और मुश्किल दौर में लोगों की मदद करने के जज़्बे से प्रभावित होकर ऐश्वर्या ने इन कोविड हीरोज़ की प्रशंसा में उन्हें लक्ष्मी की मूर्तियां भेंट कीं और एक खुशहाल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

इन कोविड हीरोज़ से मिलने और उनसे प्रेरणा लेने का अपना अनुभव बताते हुए ऐश्वर्या ने कहा, ‘‘बचपन से ही हमने हमेशा सुपरमैन, स्पाइडरमैन और शक्तिमान जैसे सुपरहीरोज़ के बारे में पढ़ा और उनसे प्रभावित रहे। लेकिन कोविड महामारी जैसी चुनौती के दौरान जावेद, अभिषेक, हर्ष और सौरव जैसे रत्न ही जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आए। मुझे लगता है कि ये असली हीरोज़ हैं, जिनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके निस्वार्थ गुणों को अपनाना चाहिए। उनकी कहानियां सुनने के बाद मैं करती हूं ‘नेकी पर यकीन!’ मैं लक्ष्मी के निस्वार्थ सफर से गहरा जुड़ाव महसूस करती हूं और ये मानती हूं कि दूसरों के प्रति उदारता इन रियल लाइफ लक्ष्मियों की जिंदगी का तरीका है, जिनसे मैं अपने रोल की तैयारी के लिए मिली थी। अब मुझे वाकई लगता कि हर कोविड योद्धा का सफर लक्ष्मी की जिंदगी की तरह है, जिसका बड़ा सादगीपूर्ण विचार है कि नेकी कर, दरिया में डाल। मुझे यह देखकर वाकई बहुत खुशी होती है कि उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें उनके आसपास के लोगों से इतना सारा आशीर्वाद मिला। मैं उम्मीद करती हूं कि उनकी कहानियां ऐसे और लोगों को प्रेरित करे, जिस तरह से उन्होंने मुझे प्रेरित किया। मैं पूरी ईमानदारी से यह मानती हूं कि हमें अपने देश में ऐसे बहुत-से और लोगों की जरूरत है।“

औरों की खातिर जीना है जिसकी तासीर, कुछ खास ही लिखी होगी रब ने उसकी तकदीर।

देखिए भाग्य लक्ष्मी, शुरू हो रहा है 3 अगस्त से, सोमवार से शनिवार रात 8:30 बजे, सिर्फ ज़ी टीवी पर।

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Mayapuri