INTERVIEW!! ‘हमारा एकजुट परिवार ही हमारी सबकी ताकत है’ – राकेश रोशन

1 min


-लिपिका वर्मा

फिल्म, ‘काबिल’ राकेश रोशन, द्वारा निर्मित एक बहुचर्चित फिल्म है। इस फिल्म के निर्देशक संजय गुप्ता है, तो लीड रोल में रितिक रोशन एवमं यामी गौतम नजर आने वाले है। यह एक नेत्रहीन चरित्रों की एक ऐसी इमोशनल कहानी है जो सब के दिलों को छू जाएगी। राकेश रोशन का यही मानना है- कहानी में भरभूर इमोशन्स होना अत्यंत जरुरी है। और फिल्म, ‘काबिल’ भी ऐसे नेत्रहीनों की कहानी हैं जिसे देख सब मंत्रमुग्ध हो जायेगे।

पेश है राकेश रोशन के साथ लिपिका वर्मा की गुफ़्तुगू

आपको कहानी में ऐसा क्या नजर आया जो आपने ने संजय गुप्ता से यह फिल्म डायरेक्ट करवाई ?
आज भी मेरे हिसाब से फ़िल्में वही हिट होती है जिन में एक दर्द हो, और कोई भी मार्मिक विषय को लेकर कहानी का ताना-बाना बुना गया तो ऐसी फ़िल्में सब को पसन्द आती है। अब फिल्म ‘सुल्तान’, ‘दंगल’, ‘पिंक’ और ‘पीकू’ भी देखें तो उसमें इमोशन्स भरे हुये है। कोई भी आम आदमी इमोशन्स से अछूता नहीं रहना चाहता है। ऐसी ही फ़िल्में बाॅक्स आॅफिस पर अपना जलवा दिखला पाती है जिनमें कुछ दर्द हो और आपकी आत्मा तक पहुँच पाने की क्षमता हो उस कहानी में। इतने वर्षों से फ़िल्में बना रहा हूँ मुझे यही कहना है कि ‘काबिल’ फिल्म भी ऐसे पुरुष (नेत्रहीन) की कहानी है जो अपनी प्रियतमा को किसी कारणवश खो देता है और उसे ढूंढने की कोशिश में किस तरह सब अप्रिय लोगों से सामना करता है।बस कहानी मेरे दिल को ही नहीं अपितु मेरी आत्मा को छू गई और मुझे विश्वास है कि लोगों को भी यह कहानी पसन्द आयेगी।

yami-gautam_rakesh-roshan_hrithik-roshan__992229

आज की पीढ़ी से किस तरह आप नजदीकियां बनाये रखते है?
मैं रोज सुबह आॅफिस आ कर फ़िल्में देखता हूँ। नई पीढ़ी के अभिनेताओं की फ़िल्में देखता हूँ, आपको यह बतला दूँ मैं हर शुक्रवार को हर किसी की फिल्म देखने थियेटर जाता हूँ। नई नई तकनीकियों को जानने की कोशिश करता हूँ और तो और कर्मशियल फिल्म्स पर भी अपनी नजर बनाये रखता हूँ।

रितिक और आप में दूरी न हो इसके लिए क्या कुछ करते है आप?
वैसे तो रितिक ने मुझे शुरुआती दौर में डायरेक्शन में मुझे असिस्ट किया है। और वह भी यह बात अच्छी तरह से जानता है, कि कहानी में रुझान पैदा करने के लिए इमोशन्स होने बहुत जरुरी है। रितिक का म्यूजिक सेंस भी बहुत अच्छा है। बस कभी कभी मुझे काॅन्टेम्पोररी म्यूजिक को भी कहीं-कहीं अपनाने की सलाह देता है। मुझे अपने से छोटे लोगो से अच्छी सलाह लेने में कोई भी एतराज नही होता कभी। फिर चाहे वह हमारी टीम का कोई भी बन्दा हो। फिल्म एक टीम वर्क से ही अच्छी बनती है। और हेल्थ में रितिक की तरह फिट रहूँ उसके लिए रोजाना जिम भी जाता हूँ। यदि वह मुझ से 10 कदम आगे है तो मैं उससे कुछ कदम ही पीछे रहता हूँ।

56352916

आप ज्यादा सोशल नहीं है। इसका क्या कारण है?
मेरे ढेर सारे मित्र है लेकिन वह इंडस्ट्री से बाहर के होते है। अमूमन मैंने यह एहसास किया है कि-यहाँ के लोग सामने कुछ बोलते है और पीठ पीछे छुरी भौंकने में भी परहेज नहीं करते है। मौका मिलने पर ट्विटर पर भी भला बुरा लिख देते है। सो मेरे ऐसे मित्र है जिनकी सलाह मेरे लिए लाभदायक होती है, यह ऐसे मित्र है, जो मेरा भला चाहते है। इस लिए मैं उनके साथ नजदीकियां बनाये रखता हूँ।वैसे भी हम पार्टी में ज्यादा नहीं जाया करते है। हम लोग अपने काम से काम रखते है। आॅफिस से सीधे घर जाता हूँ और अपने हुनर को बनाये रखने के लिए फ़िल्में देखा करता हूँ। और नये फिल्म मेकिंग के अविष्कारों की जानकारी समय समय पर जुटाता रहता हूँ।

अपनी फिल्म में यदि कुछ फेर बदल करना हो तो आप किसी की बात तुरन्त सुन कर फेर बदल को अंजाम देते है क्या ?
मैं अपने दिल का राजा हूँ! जैसा कि मैंने पहले कहा है, यदि जरूरत हूँ फेर बदल की तो मैं सब से सलाह मशवरा करके जरूर उसे अंजाम देता हूँ।

अभी अपने ने कहा इंडस्ट्री में पीठ में छुरा भौंकने वालों की कमी नहीं है?
ऐसा नहीं है कि फिल्म इंडस्ट्री में ही ऐसा होता है। छुरा भौंकने वाले तो हर प्रोफेशन में दिखलाई देते है। यह हर आम इंसान का अलग व्यक्तित्व होता है। हमें इसकी परवाह नहीं करनी चाहिए अपना काम कीजिये और आगे बढ़िए।

रितिक के लिए 2016 कुछ खास नहीं रहा और जब कभी कुछ अच्छा समय न हो तो उसका किस तरह साथ देते है आप?
हमारा एकजुट परिवार ही हमारी सबकी ताकत है। न केवल रितिक और हमारे परिवार के लिए किन्तु इस रोशन परिवार ने बतौर निर्माता, निर्देशक, म्यूजिक डायरेक्टर और अभिनेता सब कुछ इस फिल्म इंडस्ट्री को दिया है। सो यही हमारी ताकत भी है। सब समय अच्छा होता है उसे झेलने की ताकत हमारा एक साथ एकजुट परिवार होना ही है।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये