INTERVIEW: एक्टिंग मेरा पैशन है और राइटिंग मेरा शौक – इंद्रपाल सिंह

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आपको ‘विकी डोनर’ और ‘बेशर्म’ जैसी फिल्मां के इंद्रपाल सिंह तो याद ही होंगे, जी हाँ वो ही इंद्रपाल सिंह जिन्होंने ‘विकी डोनर’ फिल्म में विकी के ताया जी की भूमिका निभाई थी और ‘बल्ब उतारो थल्ले रखो’ जैसा यादगार स्टेप सिखा कर बंगालियों को भी भांगड़ा सिखा डाला था। तो वही ‘बेशर्म’ मूवी में रणबीर कपूर के भूरा पाजी बन खूब चोरी की गाड़ियाँ बेचीं और ऑडियन्स को खूब हँसाया। इंद्रपाल सिंह ने चाहे छोटे रोल किये लेकिन ऐसे किरदार निभाए जिन्हें लोग चाहकर भी नहीं भुला सकते। उन्ही इंद्रपाल सिंह की एक और मूवी आने वाली है ‘रंनिंग शादी डॉट कॉम’ जिसमें उनका छोटा लेकिन बहुत ही अहम रोल है इसी मौके पर हमने उनसे कुछ बातें की।

इंद्रपाल जी जैसा की सब जानते हैं कि आपने अपने करियर की शुरूआत ऐज आ स्क्रिप्ट राइटर शुरू की थी फिर एक्टिंग में आने का कैसे ख्याल आया ?

मैं हमेशा से ही एक एक्टर था और अन्दर से भी मैं पहले एक एक्टर हूँ और बाद में एक स्क्रिप्ट राइटर और इस इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए ये मेरा और मेरे अन्दर के राइटर दोनों का ही फैसला था कि मैं एक्टिंग में जाऊं। क्योंकि एक्टिंग मेरा पैशन है और राइटिंग मेरा शौक।Inderpal-singh_interview

आपको अपने अन्दर के एक्टर के बारे में कब पता चला या यूँ पूछें की आपको कब लगा की मैं एक एक्टर बन सकता हूँ ?

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया कि ‘मैं अन्दर से एक एक्टर ही था’ और वो कहते हैं न पूत के पाँव पालने में ही पता चल जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ जब मैं तीन चार साल का था जितना मुझे याद है तब मेरे पिता ओएनजीसी यानि नेशनल गैस कॉमिशन में काम करते थे और हम सब मुंबई की एक सोसाइटी में रहते थे जहाँ एक दिन बच्चों के लिए एक फैंन्सी ड्रेस कॉम्पिटिशन ऑर्गनाइज किया गया और मेरी माता जी ने उस फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन के लिए मुझे एक कविता याद करवा के भेजा जो हम स्टेज तक जाते जाते भूल गए अब भूल गए तो क्या करे तो उन दिनों ‘शान’ फिल्म आई थी तो मैंने ‘यम्मा यम्मा..’ गाना शुरू कर दिया, और अपने ही मन से कुछ बना कर बोल आए और मजे कि बात ये हुई कि वो लोगों को इतना पसंद आया की हमें फर्स्ट प्राइज भी मिल गया। तो उस दिन मेरे माता पिता को पता चल गया कि बेटा जरूर एक्टर बनेगा तो ये शुरू से ही था ये ऐसा कुछ नहीं था जो मैनें सोचा हो या सीखा हो।Inderpal singh

आपकी जिंदगी या करियर का टर्निंग पॉइंट कौन सा था और अब तक के अपने सफर के बारे में कुछ बताइये ?

मेरी जिन्दगी का टर्निंग पॉइंट था जब मैं एसजीटीबी खालसा कॉलेज में था नार्थ कैम्पस से ग्रेजुएशन की थी मैंने। 1992 में श्रीराम कॉलेज था नार्थ कैम्पस का जहाँ एक कॉम्पिटिशन होता था क्रॉस रोडस जिसमें वन एक्ट प्ले में हमने शिरकत की और हमने हिस्सा लिया और वहां मुझे बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला जो मेरे लिए एक एहसास था जिसने मुझे समझाया नहीं भई इस चीज को हमे और डेवेल्प करना चाहिए था की कुछ करना है लेकिन कहीं अन्दर एक डर भी था क्योंकि इस इंडस्ट्री में कोई सरदार एक्टर ज्यादा नहीं है तो दाल रोटी भी चलनी चाहिए जिसके लिए मैंने अपनी पढाई जारी रखी। और फिर जो मेरा सबसे पहला कदम था इस इंडस्ट्री में वो था 1992 में ‘‘आई गोट अप्रोवड ऐज आ वॉइस ओवर आर्टिस्ट इन आल इंडिया रेडियो ड्रामा सेक्शन और मैं वहां कभी कभी वॉइस ओवर करने लगा जहाँ मुझे शो के 300 रुपए मिल जाते थे। उसके बाद मेरी एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई तब जब मैं दूरदर्शन के एक शो ‘स्कूल डेज’ के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करता था और मुझे वहां उस शो में टीचर का रोल निभाने का मौका मिला फिर 1992 में ईटीसी पंजाबी चैनल के एक टीवी कमर्शियल ने मुझे मशहूर कर दिया जिसमें मैं मिर्च खाता हूँ। फिर ऐसे ही रास्ता मिलता गया और कारवां चलता रहा।’’amit-sadh_inderpal-sing

आपके कुछ यादगार या दिल के करीब प्रोजेक्ट्स कौन से थे ?

बहुत से हैं पहला मेरा वो टीवी ऐड जिसने मुझे मशहूर बना दिया ईटीसी पंजाबी वाला जिसमें मैंने ढेर सारी मिर्चियाँ खाई फिर आमिर खान के साथ इनक्रेडिबल इंडिया का एक एड ‘अतिथि देवो भावो’ वाला जिसमें मैं एक ऑटो ड्राइवर की एक्टिंग करता हूँ और एक विदेशी महिला को कुछ गलत ऑटो ड्राइवर्स से बचाता हूँ। दिव्या दत्ता के साथ आईपीएल 6 का टीवी एड भी बहुत यादगार था। उसके बाद फिर मेरी पहली पंजाबी फिल्म डेब्यू ‘बैड लक गोविन्द’ जिसमें मेरे फनी अवतार को लोगों ने बहुत पसन्द किया। और फिर ‘विकी डोनर’ और ‘बेशर्म’ तो हैं ही जिसने मुझे बॉलीवुड में पहचान दिलवाई जहाँ रणबीर कपूर जैसे नेचुरल एक्टर के साथ और उनकी पूरी टीम के साथ काम कर के बहुत अच्छा लगा बहुत कुछ सीखने को मिला तो ओवरऑल मेरा एक्टिंग का सफर बहुत अच्छा रहा और आगे भी चल रहा है।Inderpal-singh

अब आपके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स कौन से हैं? उनके बारे मे कुछ बताइये ?

वैसे तो कई हैं जिनमें एक पंजाबी मूवी है और एक हिंदी पॉलिटिकल थ्रिलर है जिसमें मेरा एक अलग ही रोल होगा और इस पॉलिटिकल थ्रिलर से मुझे बहुत उम्मीद भी है। इसके साथ मेरी इस महीने एक फिल्म रिलीज हो रही है ‘रनिंग शादी डॉट कॉम’ जहाँ मैं एक वकील का किरदार निभा रहा हूँ जिसे कानून की धाराओं और कानून को छोड़ कर सब कुछ पता है और जो भागे हुए जोड़ों की शादी करवाने में मदद करता है। इस कैरेक्टर का रोल चाहे बहुत छोटा है लेकिन बहुत अहम है इस फिल्म के लिए जो आपको फिल्म देख कर समझ आ जाएगा।

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Mayapuri