अदनान सामी

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संगीत की दुनिया के सम्राठ अदनाम सामी को जन्मदिन मुबारक 

अदनान सामी खान इंडिया के एक ऐसे सिंगर हैं,जो एक म्यूजिशियन, म्यूजिक कंपोजर, पियानिस्ट होने के साथ साथ एक एक्टर भी हैं जिन्होंने अपने म्यूजिक एल्बमस और अपनी मदहोश कर देने वाली आवाज़ से हिंदुस्तान और अनगिनत लोगों के दिलों में अपनी एक खास जगह बना ली है । इनका जन्म 15 अगस्त 1971 को लन्दन में नौरीन (माँ ) और अरशद सामी खान (पिता) के यहाँ हुआ था। अगर इनकी एजुकेशन की बात की जाए और फॅमिली बैकग्राउंड की बात की जाए तो शायद आप हैरान होंगे की ये इनकी फॅमिली में इनके पिता दादा सभी का सम्बन्ध आर्मी से था वो इनकी पढ़ाई भी नॉन म्यूजिकल ही थी जैसे इन्होंने अपनी स्कूलिंग रग्बी स्कूल जो की वेस्ट मिडलैंड्स यूके के शहर रग्बी से की थी, व ग्रेजुएशन जर्नलिज्म और पॉलिटिकल साइंस में यूनिवर्सिटी ऑफ़ लन्दन से की, उसके बाद ये एलएलबी की पढाई के लिए किंग’स कॉलेज लन्दन गए व वहां से इंग्लैंड बैरिस्टर बनने के लिए “लिंकन ‘स  इन्”  चले गए और घूम फिर कर इन्होंने ये निश्चय किया की इन्हें म्यूजिशियन बनना है।

अदनान ने ऐसे ही म्यूजिशियन बनने का फैसला नहीं किया बल्कि ये उनका पैशन था जिसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हो की ये संगीत की दुनिया के अकेल ऐसे म्यूजिशियन हैं जो इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को पियानो पर बजा सकते व इनका नाम वर्ल्ड के फास्टेस्ट कीबोर्ड प्लेयर में आता है इसके अलावा इन्हें 35 म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स बजाने आते हैं। इन्होंने 5 साल की उम्र से पियानो बजाना शुरू किया था और 9 साल की उम्र में अपना पहला म्यूजिक कंपोज़ किया था। इन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा पंडित शिवकुमार शर्मा से अपने स्कूल की छुट्टियों में ली थी व आशा भोसले इनसे लन्दन में आर.डी. बर्मन कॉन्सर्ट के दौरान मिली और इतनी प्रभावित हुई की इन्होंने अदनान सामी को म्यूजिशियन बनने की हिदायत दी उस समय इनकी उम्र कुछ 10 साल की थी। अदनाम सामी एक बहुत ही अच्छे कॉन्सर्ट पियानिस्ट म्यूजिक कंपोजर और सिंगर हैं जो की हर तरह का संगीत फिर चाहे वो इंडियन और वेस्टर्न हो क्लासिकल सेमि-क्लासिकल म्यूजिक हो, या फिर जैज़, रॉक पॉप म्यूजिक हो वो हर तरह के म्यूजिक में निपुर्ण हैं। इनकी पहली एल्बम, “दी वन एंड ओनली” जो की 1989 में आई थी जो की एक इंडियन क्लासिकल एल्बम थी और जिसमें उनके साथ टेबल पर संगत देने वाले थे ग्रेट तबला प्लेयर ज़ाकिर हुसैन । व फिर इनकी पहली वोकल सोलो एल्बम राग 1991 में आई जिसमे “तेरी याद” टाईटल सांग था ये एल्बम पाकिस्तान की बहुत बड़ी हिट थी। उसके बाद इन्होंने पाकिस्तानी फिल्म सरगम में संगीत दिया और उसके नायक भी रहे जिसमे आशा भोंसले इनके साथ प्लेबैक सिंगर थी। ये एल्बम भी सुपर हिट रही उसके बाद 2000 में आशा भोसले और अदनाम सनी ने मिलकर इंडिया में एक रोमांटिक सांग्स का कलेक्शन निकाले जैसे कभी तो नज़र मिलाओ, जो की इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सुपर हिट एल्बम थी जिसकी 4 मिलियन कॉपीज़ सिर्फ इंडिया में ही बिकी थी। उसकी पॉपलैरिटी देख कर बॉय कपूर यश राज सुभाष गई ने उन्हें एक्टिंग, म्यूजिक कंपोज़ और सिंगिंग के कई ऑफर दिए उसके बाद इन्होंने इंडिया में कई एलबम्स निकाली और फिल्मो में सॉन्ग कम्पोज किए। और वो अब तक 14 देशो में परफॉर्म कर चुके हैं उनकी भारत में कुछ प्रमुख एलबम्स हैं बदलते मौसम, ऑलवेज योर्स, तेरा चेहरा, कभी तो नज़र मिलाओ, तेरी कसम, किसी दिन, एक लड़की दीवानी सी, प्रेस प्ले आदि। जिसके लिए इन्हें कई अवार्डस से भी नवाज़ा जा चुका है इन्होंने हाल ही में बजरंगी भाईजान का सॉन्ग ”भर दे झोली” भी गया और कम्पोज किया है।


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Mayapuri

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