ऐश्वर्या अरोड़ा लौटी पंजाबी फिल्म ‘वैर मेले दा’ की शूटिंग पूरी करके

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बॉलीवुड और वेब सीरीज़ में एक चर्चित युवा नाम बनती जा रही ऐश्वर्या अरोड़ा ने कुछ ही वर्षो की अपनी अथक संघर्ष और प्रयासों से इस बात को साबित कर दिया कि  सब्र, मेहनत और भाग्य से हर प्रतिभाशाली एक्टर को मुंबई की मायानगरी में जगह मिल सकती है। लॉक डाऊन के खुलते ही ऐश्वर्या शूटिंग में व्यस्त हो गई और देहरादून में एक कंटेंट ओरियेंटेड पंजाबी फ़िल्म ’वैर मेले दा’  की शूटिंग करने लगी। वहां से मुंबई लौटकर उन्होंने मुझे  फ़िल्म की शूटिंग, का ब्यौरा देते हुए बताया, “  हम लोग अपनी पंजाबी फिल्म ’वैर मेले दा’ की शूटिंग देहरादून के विकास नगर, लांघा तथा कई अन्य काफी खूबसूरत जगहों  में कर के लौटे हैं। पिछले लगभग पच्चीस दिनों से यहाँ शूटिंग चल रही थी। मैं इस फ़िल्म में नायिका की भूमिका निभा रही हूँ और  मेरे साथ थे बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध एक्टर और हिंदी फिल्मों के मशहूर विलन रंजीत जी तथा नायक देव कुमार तथा कई अन्य एक्टर्स। इस फ़िल्म के निर्देशक हैं राकेश जग्गी जी और निर्माता दुर्गा जी तथा को-प्रोड्यूसर उत्तम जी हैं।“ फ़िल्म के बारे में बताते हुए ऐश्वर्या ने कहा, “ बहुत ही अलग स्टोरी है, अक्सर रिश्तेदारी में जैसा लोग आपस में झगड़ा क्लेश करके पीढ़ियों की पीढ़ियां दुश्मनी कर लेते हैं उसी पर आधारित है यह मूवी और इसमें यही संदेश दिया है कि आपस में दुश्मनी या बैर रखने से मिलना कुछ नहीं है, सब बर्बाद ही होना है। रिश्ते भी खत्म हो जाते हैं। इसलिए मिलजुल के, हंस खेलकर रहो और मेरा किरदार (प्रीत)  ऐसा है कि मैं अपने भाईयों से बहुत प्यार करती हूं और एक दिन खानदानी दुश्मनी की वजह से मेरे एक भाई को मार दिया जाता है तो मैं बदला लेने की ठान लेती हूं। मेरे दादाजी (रंजीत जी) भी मुझे समझाते हैं कि यह बदला वदला हम मर्द लोग ले लेंगे, क्योंकि यह काम लड़कियों का नहीं है पर मैं अपनी जिद्द में उनकी नहीं सुनती और ऐलान कर देती हूं जंग का। मैं अपने चारों भाइयों से भी कह देती हूं कि मेरे रास्ते में जो आएगा मैं उसे भी मार दूंगी। यह बदला मेरा अकेले का है और मैं ही इस बदले को उस इंसान को मार के पूरा करूंगी जिसने मेरे भाई को मारा है।”

देहरादून में शूटिंग करने का अनुभव बताते हुए वे बोली, “काफी मारा मारी वाले एक्शन दृश्य मैनें किए। काफी संघर्ष रहा शूटिंग के दौरान, चोट लग जाना, गिर जाना, रियल में ही हो रहा था क्योंकि शूटिंग के दौरान काम करते वक्त होश ही नहीं होता था कि ओरिजिनल क्या है और कैमरे के सामने क्या है, बस किरदार में मैं डूब जाती थी और ऐसा किरदार निभा के मुझे खुद पर गर्व महसूस हो रहा था। इसी तरह की भूमिका मैं हमेशा चाहती थी जो कि चैलेंजिंग हो,  मुझे इस मूवी के लिए जब ऑफर आया तब मैं एक वेब सीरीज के लिए हां कर चुकी थी पर यह ऑफर मैं छोड़ना नहीं चाहती थी इसलिए मैंने वेब सीरीज छोड़ दी।“ वेटेरन बॉलीवुड स्टार एक्टर विलेन रंजीत के साथ काम करने के अनुभव को लेकर वे बोली, “ रंजीत जी के साथ काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा, वे  मेरे दादा जी का रोल प्ले कर रहे हैं, उन्हें भी काफी अच्छा लगा मेरे साथ काम करके। फ़िल्म में मैं अपने दादाजी यानी रंजीत जी को जंग का ऐलान करती हूं और कसम पूरी करने की धमकी देती हूं कि यह मेरी कसम है और मैं ही पूरी करूंगी। सेट पर मैं रंजीत जी के साथ हिंदी और पंजाबी दोनों भाषाओं में बात कर रही थी।”

ऐश्वर्या से जब शूटिंग के दौरान कोई मजेदार घटना बताने को कहा तो वे बोली, “रंजीत जी बहुत ही मजाकिया इंसान है। बहुत ही अच्छे हैं। उनसे हमेशा सीन के वक्त ही मुलाकात होती थी  और वे शॉट के  बीच- वक्त मिलते ही अपने पुराने एक्सपीरियंस शेयर किया करते थे। शूटिंग के दौरान  एक दृश्य में  मुझे रंजीत जी को तलवार मारना था तो उस  वक्त वे इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं हो रहे थे। जब डायरेक्टर सर ने मुझे कहा थोड़ी दूर से आना तो तब भी रंजीत  जी कहने लगे कि नहीं, नहीं मैं यह सीन नहीं करूंगा। किसी डबल को बुला लीजिए। फिर बाद में 2 फीट की दूरी से तलवार मारने का दृश्य किया मैंने रंजीत जी के साथ। वाकई तलवार से चोट लगने के बहुत चांसेस थे और फिर मुझे भी तो तलवार चलाना नही  आता था, नौसिखिया होने से कुछ भी हो सकता था, पहली बार मैं दादाजी पर तलवार चला रही थी।”

“क्या  खुद आपको तलवार बाज़ी से चोट का डर नहीं लगा?” इस प्रश्न पर ऐश्वर्या ने कहा, “हां मुझे भी डर लगा खासकर मुझे डर तब लगा जब सीन में मेरा सेकंड भाई, हीरो को तलवार मारने जाता है और मैं बीच में आ जाती हूं। तब हाथ में मुझे थोड़ा  लग भी जाता है।  बंदूक चलाने वाले सीन में जी  मुझे बहुत अनोखा अनुभव हुआ।  इसमें जब बंदूक चलानी पड़ी तो मेरा वो फर्स्ट एक्सपीरियंस था क्योंकि इतनी बड़ी बंदूक मैंने कभी छुआ भी नहीं, वह भी बहुत भारी थी और मैंने कई बार बंदूक उठाई, कभी हीरो को मारने के लिए तो कभी किसी और को मारने के लिए।“ जब ऐश्वर्या से पूछा गया कि शूटिंग के दौरान कोई अच्छी घटना या डरावनी घटना घटी थी? तो वे बोली, “ अच्छी घटना में तो यही कहूँगी कि पूरी मूवी मेरे लिए अच्छी घटना रही है  जो जिंदगी भर याद रहेगी और ऐसा किरदार निभा कर मैं खुद पर गर्व करती हूं। डरावनी घटना  यह थी कि एक दृश्य में भागते हुए मुझे डिसबैलेंस हो  जाना था और नीचे गहरी खाई में गिरना था इतने में हीरो मेरा हाथ पकड़ लेता है। यह दृश्य शूट करने के दौरान, कई बार मैं सचमुच गिरते गिरते बची।”

पंजाबी फिल्म की शूटिंग पंजाब में ना करके देहरादून में क्यों की गई, इस प्रश्न पर वे बोली, “फ़िल्म के निर्माता उत्तराखंड के हैं इसलिए वहीं शूटिंग हुई, और फिर देहरादून बहुत ही खूबसूरत जगह है। कभी बहुत कड़ाके की धूप में हमनें शूटिंग की, तो कभी बारिश की वजह से शूटिंग रोकना पड़ा। अब तो वहाँ जबरदस्त बारिश हो रही है। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बादल ही फट गया है। वहां के लोग बहुत अच्छे हैं। बहुत सीधे और मासूम। बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग, सबने मुझे बहुत प्यार दिया। सबने मुझे अपने घर पर इनवाइट किया। सभी लोग परेशान हो जाते थे जब कभी मुझे सीन करते हुए चोट लग जाती थी और सीन खत्म होने के बाद सभी लोग मेरे पास आ के पूछते कि ज्यादा तो नहीं लगी है ना? हल्दी वाला दूध पीने को देते , दवाई देते, बहुत ही प्यार मिला इसलिए सब के साथ वहां मुझे काफी अच्छा लगा। खैर अब फ़िल्म पूरी हो गई है और अक्टूबर में रिलीज़ करने की प्लानिंग हो रही है। सितम्बर में प्रोमो और सांग्स रिलीज़ किया जाएगा हर चैनल पर। वापस मुंबई आकर मुझे कई साउथ और कई हिंदी फिल्म्स तथा वेबसीरिज़ के लिए ऑफर आए हैं। स्क्रिप्ट पढ़ रही हूं। जैसे ही शूटिंग शुरू होगी मैं आपको बताऊँगी।”

ऐश्वर्या ने अब तक कई फिल्मों में सशक्त भूमिका भी निभाई है जैसे, ’मांझी द माउंटेन मैन’, एक गुलेलबाज़, उम्मीद,  बियॉन्ड द क्लाउड्स, मैनु एक लड़की चाहिए , हंसा एक सहयोग, दे इज़ाज़त मुझे, (ये सभी हिंदी), थ्री फेसेस, प्रेक्षाकुडु (दक्षिणी फिल्में) और सीरियल्स, ’सुहानी सी एक लड़की (स्टार प्लस), मेरे साई (सोनी), ’वानी रानी’ (- टीवी), उम्मीद नई सुबह की (डीडी) ऐश्वर्या ने अमिताभ बच्चन के साथ सरकारी विज्ञापन भी की है।

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Mayapuri