अलाया फर्नीचरवाला के साथ मायापुरी की एक्सक्लूसिव बातचीत

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अलाया फर्नीचरवाला  का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

अलाया फर्नीचरवाला ब्यूटीफुल एवं सेक्सी पूजा बेदी की बेटी है। अलाया फ़र्नीचरवाला फिल्म,” जवानी जानेमन” से फिल्मी दुनिया में पदार्पण कर रही है। इस फिल्म में सैफ अली खान ,४० वर्ष के पिता का रोल अदा कर रहे है। तब्बू एक बेहद ही रोचक किरदार में नजर आने वाली है. जैसा की यह फिल्म में, सैफ अली खान की बिटिया की माँ का रोल कर रही है।” जी हाँ, यह मेरी माँ का रोल अदा कर रही है। हालाँकि मेरे नाता-पिता दोनों ही अलग-अलग रहते है। मैं उनकी वन  नाईट स्टैंड का नतीजा हूँ। “

क्या यह डेब्यू आसानी से मिला आपको ?

यह फिल्म मुझे कैसे मिली? दरअसल, में मैंने ढेर सारी दो साल ट्रैंनिंग की है न्यूयॉर्क इंस्टिट्यूट से । मैंने निर्देशन की ट्रैनिंग पहले की है. दरअसल, मुझे निर्देशन की बाग डोर संभालने का भूत सवार था। कि न्यूयॉर्क पहुंच वहां की एक्टिंग क्लासेज देख मुझे एक्टर बनने का शौक चढ़ गया। वापस आकर मैंने घरवालों को एक्टिंग की ट्रैंनिंग लेने की मंशा जाहिर की, तब मुझे एक्टिंग क्लासेज में प्रवेश लेने की अनुमति मिल गयी. मैंने हर प्रकार के डांस सीखे। उसके बाद में डांस एवं जिमनास्टिक्स क्लासेस भी ज्वाइन की। बस यह सब खूब मजे लेकर मैंने अपना कोर्स पूरा किया। इसके बाद ऑडिशन दिया और मुझे ,” जवानी-जानेमन ” फिल्म मिली.

इस फिल्म को दिलवाने में आपकी फैमिली का कितना प्रभाव रहा ?

डायरेक्टली तो कुछ प्रभाव नहीं रहा। मैंने इस फिल्म के बारे में अपनी एजेंसी से जानकारी पायी। और उन्होंने मुझे इस फिल्म के लिए ऑडिशन देने के लिए तैयार किया। इस बारे में मेरी मां [पूजा बेदी] एवं नाना जी [कबीर बेदी] सभी को यह मालूम था की मैं फिल्मों में काम करने के लिए ऑडिशंस दे रही हूँ। जब मैंने उन्हें यह जानकारी दी की मैंने अपना पहला ऑडिशंस पास कर लिया है तो उन्हें बहुत ख़ुशी हुई। जैसे ही मैं इस फिल्म के लिए शार्ट लिस्टेड की गई ,उसके बाद मैं निर्देशक नितिन सर [[निर्देशक नितिन कक्कड़] को मिलने कश्मीर गयी बस वहां उनसे बातचीत कर मुझे जब उन्होंने कहा, कि तुम इस फिल्म के लिए सेलेक्ट हो गयी हो ,तब मेरी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा और सभी घर वालों ने मुझे बधाई दी।

आगे अलाया ने कहा ,”मेरे परिवार से न मेरी माँ और ना ही कोई भी परिवार का सदस्य कभी भी मेरे सेट पर आया। दरअसल, मैं अपना काम खुद. हाँ यह जरूर है की परिवार क्यूंकि फिल्मों से जुड़ा है तो परोक्ष रूप से  इसका हमें फ़ायदा जरूर मिलता है। किन्तु सीधे सीधे मेरी फैमिली का मुझे डेब्यू फिल्म मिलने में कोई मदद नहीं मिली है।

क्या आप अपनी नानी प्रोतिमा बेदी से कभी मिली थी ?

जी, मैं उनसे जरूर मिली थी ,किन्तु उस वक़्त मैं बहुत छोटी थी। अतः उनके बारे में ज्यादा कुछ याद नहीं है। मेरी ऊँगली में यह जो अंगूठी है यह मेरी नानी की है जो की मेरी माँ ने मुझे दी यह कहकर कि यह बहुत ही पावरफुल रिंग है।

यह रिंग आप कब से पहन रही हैं और कैसा रहा अनुभव जबसे यह अंगूठी आपने पहनी?

न्यूयॉर्क से ग्रेजुएशन पूर्ण की तभी मेरी माँ ने यह रिंग मुझे दी शायद कुछ समय हो गया है, मुझे यह रिंग पहने हुए। मैंने तभी से यह अंगूठी कभी नहीं उतारी।

जिस दिन से अपने यह अंगूठी पहनी सब कुछ अच्छा रहा क्या? यह आपके लिए लकी चार्म साबित हुई?

जी हाँ, यह अंगूठी लकी चार्म तो साबित हुई. किन्तु पहले दिन जब मैंने इस अंगूठी को पहना तो सभी कुछ उल्टा पुल्टा हुआ. तब मैंने उसे निकाल कर रख दिया। लेकिन मेरी माँ ने थोड़ा पूजन करके मुझे वापस यह अंगूठी पहना दी. मैंने उनसे कहा मैं इसे केवल एक हफ्ते पहनूंगी और अगर कुछ गड़बड़ हुआ तो फिर इसे उतार दूंगी। अब यह अंगूठी मैं कभी नहीं उतारती क्यूंकि इसे पहन मेरे जीवन में बहुत अच्छा समय आया है और चलता जा रहा है।

फ़िल्म में सैफ अली खान की बेटी का किरदार निभा रही है, विस्तार में किरदार के बारे में और कहानी के बारे में कुछ बताइए?

जी हाँ फिल्म,” जवानी जानेमन” में ,मैं सैफ सर की बेटी का रोल निभा रही हूँ। यह मेरे ऐसे पिताजी है जो 40 साल के हो चले है लेकिन आज भी यह मानने को तैयार नहीं है की वो 40 साल के बाप बन चुके है । उन्हें जबरदस्ती का बाप बनाया गया है, ऐसा उन्हें लगता है। वह आज भी पार्टी पसंद करते है और लड़कियों के साथ  फ़्लर्ट करना पसंद करते है. फिल्म में लगभग ९५% बाप बेटी का ही काम है । दरअसल, मेरी माँ का किरदार तब्बू  मैम निभा रही हैं। यह दरअसल, दोनों की नाईट स्टैंड की कहनी है। दोनों माता-पिता ,अलग-अलग ही रहते है। शायद मुझे ज्याद कुछ बतलाने की अनुमति नहीं है।

सैफ और तब्बू के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

पहले दिन मुझे सेट पर बहुत डर लगा। और मैंने यह बात सैफ सर को जब बताई तो उन्होंने कहा -पर ऐसा लगा नहीं की तुम डरी हुई थी। दरअसल, मैं डरी हुई जरूर थी लेकिन ऐसा किसी को एहसास नहीं हुआ। सैफ सर और तब्बू मैम बहुत ही अच्छे कलाकार तो है ही लेकिन अच्छे इंसान भी है। तब्बू मैम अपने अभिनय कौशल के लिए मानी जाती है और उनके साथ काम कर मैंने बहुत कुछ सीखा भी। वो एक बहुत अच्छी व्यक्तित्व की धनि भी है। दोनों के साथ काम कर के मजा आया और उन्होंने मुझे बहुत कम्फर्टेबले भी महसूस करवाया।

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Mayapuri