INTERVIEW: ‘‘फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में किसी को भी खलनायक नहीं दिखाया..’’ – आलिया भट्ट

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जिंदगी को शानदार तरीके से जीने की बात करने वाली अदाकारा आलिया भट्ट इन दिनों फिल्म निर्देशक अभिषेक चौबे की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने एक बिहारी लड़की की डिग्लैमरस भूमिका निभायी है।

फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ से आप कैसे जुड़ीं ?

जहाँ तक फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का सवाल है, तो मैंने खुद इस फिल्म को पाने के लिए प्रयास किया। वास्तव में एक दिन मेरी राय जानने के लिए शाहिद कपूर ने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की पटकथा मुझे पढ़ने के लिए दी थी। मैंने इसे पढ़ा, यह मुझे इतनी पसंद आयी कि मैंने शाहिद से कहा कि मैं तो इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहती हूं। मुझे कहानी ने प्रभावित किया इसमें कड़वी सच्चाई का जिक्र था। शाहिद ने मेरे मन की बात निर्देशक अभिषेक चौबे तक पहुँचाई और मुझे यह फिल्म मिल गयी पर इस फिल्म में अभिनय करना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती रही।

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फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में अभिनय करना आपके लिए चुनौतीपूर्ण क्यों रहा ?

इस फिल्म में पंजाब के खेतों में काम करने वाली बिहारी लड़की कुमारी पिंकी का चरित्र निभाना मेरे लिए बहुत कठिन रहा क्योंकि इस चरित्र को लेकर मेरे पास कोई रेफ्रेंस प्वाइंट नहीं था। निजी जिंदगी में मेरा सामना ऐसे किसी चरित्र से नहीं हुआ था। इस लड़की को जिन मुश्किलों से गुजरना पड़ता है, उनसे गुजरने का मेरा कोई अनुभव भी नहीं था। फिल्म ‘स्टूडेंट आफ द ईयर’ में अभिनय करने के दौरान मैंने अपने अंदर की भावनाओं को बाहर निकाला था पर ‘उड़ता पंजाब’ के वक्त मेरे लिए नैचुरल भावनाओं को निकालना मुश्किल था। ऐेसे में फिल्म के निर्देशक अभिषेक चौबे ने मेरी बहुत मदद की।

फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ क्या है?

यह फिल्म ड्रग्स के अवैध कारोबार और ड्रग्स के सेवन के जो साइड इफेक्ट्स हैं, उसकी चर्चा करती है। यह फिल्म बताती है कि ड्रग्स किस तरह लोगों की जिंदगी को बदल सकती है, उनकी जिंदगी को तहस नहस यानी कि बर्बाद कर सकती है। फिल्म में सिर्फ कोकीन या हीरोइन की बात नहीं की गयी है बल्कि इस तरह के नशे की लत पड़ चुके लोगों की जिंदगी में जिस तरह की घटनाएं होती हैं, जिस तरह से बार बार उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता है, जब वह ड्रग्स के नशे में होते हैं, उस वक्त दूसरे उनके साथ किस तरह का दुर्व्यवहार करते हैं। ड्रग्स का सेवन करने की वजह से कम उम्र में ही इन्हें अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ता है और उसके बाद उनके परिवार वालों को किन मुसीबतों से जूझना पड़ता है, उसकी भी बात यह फिल्म करती है।

फिल्म के अपने चरित्र को लेकर क्या कहेंगी ?

मैंने इसमें एक बिहारी माइग्रेंट कुमारी पिंकी का चरित्र निभाया है जो कि पंजाब जाकर वहां के खेतों में काम करती है पर परिस्थिति वश वह ड्रग्स की एक विक्टिम बन जाती है।

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इस फिल्म में आपका गेटअप और लुक बहुत अलग है, लुक को बदलने के लिए किसी खास तरह के मेकअप का उपयोग किया है ?

डी एन दादा नामक एक बेहतरीन मेकअप मैन हैं उन्होंने ही इस फिल्म में मेरा मेकअप किया है। उन्होंने मेरी स्किन को डार्क किया क्योंकि मेरा किरदार धूप में खेत में काम करता है, तो स्वाभाविक तौर पर चेहरे का रंग ढलेगा वजन भी कम करना पड़ा क्योंकि वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है, उसे हर दिन भरपेट खाना नहीं मिलता है।

फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का काफी विरोध हो रहा है, अभिनेत्री नीतू चंद्रा भी खुला पत्र लिखकर विरोध जता चुकी हैं ?

जो भी विरोध हो रहा है, वह गलत है, हमने इस फिल्म में किसी को भी गलत ढंग से नहीं दिखाया है। नीतू चंद्रा महज ट्रेलर देखकर विरोध जता रही है जब वह फिल्म देखेंगी, तो संतुष्ट हो जाएंगी।

पर पंजाब के खेतों में बिहारी मजदूर काम कर रहे हैं ?

यह तो कड़वा सच है, इससे कौन इंकार कर रहा है पर हमने अपनी फिल्म में बिहारियों को निगेटिव यानी कि खलनायक के तौर पर नहीं पेश किया है हमने उन्हें पॉजीटिव ही दिखाया है।

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आपने इस फिल्म में अभिनय करने से पहले रिसर्च किया, तो आपकी समझ में आया होगा कि ड्रग्स की समस्या सबसे ज्यादा पंजाब में ही क्यों है ?

इसकी मूल वजह यह है कि पंजाब की सीमाएं दूसरे देशों की सीमाओं से लगी हुई है इसलिए दूसरे देशों से तस्करी के रास्ते ड्रग्स कारोबार सबसे ज्यादा पंजाब में ही फल फूल रहा है।

निजी जिंदगी में आपको किस चीज की लत है ?

मुझे किसी भी तरह के नशे की लत नहीं है पर मैं बहुत मूड़ी इंसान हूं यदि मुझे काम करना है, तो मैं दिन में दो बार भी जिम जा सकती हूं।

फिल्मों ने आपको कितना बदला ?

हर फिल्म के साथ हम इंसान के तौर पर भी कुछ न कुछ सीखते रहते हैं, जिसकी वजह से हमारी निजी जिंदगी में हर फिल्म के साथ कुछ न कुछ बदलाव आता है यह बदलाव कई बार हमें महसूस होते हैं, कई बार नहीं महसूस होते हैं अब मेरी समझ बढ़ी है मुझे धैर्य रखना आ गया।

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अभिषेक चौबे के साथ यह आपकी पहली फिल्म है, क्या अनुभव रहे?

वह सिनेमा तकनीक के अच्छे जानकार हैं उनके अंदर ड्रग्स जैसे विषय पर इतनी साहसिक फिल्म बनाने का साहस है। वह सेट पर पूरी तैयारी के साथ आते थे उनके दिमाग में यह साफ होता था कि उन्हें कलाकार से किस सीन में क्या चाहिए। फिर भी वह कलाकार की राय पर गौर करते थे। मुझे उनकी यह खूबी बहुत पसंद आयी कि वह हर सीन व हर स्तर की बातचीत में कलाकार को भी जोड़ते हैं।

दूसरी आने वाली फिल्मों को लेकर क्या कहेंगी ?

बद्रीनाथ की दुल्हनिया, अयान मुखर्जी की नई फिल्म भी कर रही हूं। गौरी शिंदे के निर्देशन में एक अनाम फिल्म की शूटिंग पूरी की है, जिसमें मेरे साथ शाहरुख खान हैं। इस फिल्म में मैंने एक ऐसा किरदार निभाया है, जिससे मैं खुद रिलेट करती हूं हर लड़की इस फिल्म के साथ रिलेट करेगी।

 

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Mayapuri