अमिताभ बच्चन का बयां हो रहा है हाल-ए-दिन

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अमिताभ बच्चन हमेशा से अच्छी फिल्मों के रसिया रहे हैं। जब भी उन्होंने कोई अच्छी फिल्म देखी, उसकी दिल खोलकर तारीफ की, पिछले दिनों उन्होंने एक बेहद संजीदा बंगाली फिल्म देखी, ‘बैला सेरो’ जिसका अर्थ है जिन्दगी के अंतिम पहर में, जिसमें जिन्दगी की साधारण सच्चाईयाँ और संबंधों को खूबसूरती के साथ दर्शाया गया है। अमिताभ जी इस फिल्म के बारे में बताते हैं ‘‘फिल्म में कई दृश्य ऐसे हैं जो आपके अस्तित्व को तोड़ मरोड़ती है, घुमाती है, भिगोती है और जैसे किसी कपड़े सुखाने की मशीन में निचोड़ कर आपको एकदम साफ सुथरा निखार दे देती है। मुझे यह फिल्म देखकर ऐसा ही लगा, इतना सेन्सिटिव प्रस्तुतिकरण, इमोशन की इतनी गहराई, इतनी जाहिर सच्चाई जो सबके मन में है सबकी चाहत है। इतनी सादगी जो आपको जकड़ लेती है, छोड़ने में इंकार करती है…और जब इस फिल्म को देखकर, मैं इसे अपने वजूद में दौड़ने की अनुमति देता हूं मैं अपने अंदर एक खालीपन महसूस करता हूं, एक ऐसी समझ मुझे घेर लेती है हमारे जीवन में एक छुपी सच्चाई की तरह तारी है।’’ यह फिल्म एक ऐसे शादीशुदा जोड़े पर बनी है जो अपने शादीशुदा जीवन के पचास वर्ष के बाद अलग होने का फैसला करते हैं और उनका यह फैसला किस तरह उनके बच्चों की जिन्दगी बदल देता है। अमित जी के इस फिल्म को देखकर हाल-ए-बयां से अब हमें भी यह फिल्म देखने की आतुरता बढ़ गयी है।

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Mayapuri