पर्दे के पीछे: अमिताभ बच्चन शशिकपूर छोटे भाई बड़े भाई

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मायापुरी अंक, 56, 1975

अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की एक साथ दो फिल्में ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और दीवार क्या हिट हुई हैं अब कई निर्माताओं ने उन्हें साथ-साथ साइन किया है और फिर हमारी इंडस्ट्री में शशि कपूर और संजीव कुमार ही ऐसे अभिनेता है जो दूसरे हीरो के रूप में आने को तैयार है और उनकी पॉजीशन में कोई फर्क नही पड़ता बल्कि यह कहना चाहिए जी ‘मल्टी-स्टार’ पिक्चरें बनना शुरू हुई है, उसका श्रेय किसी हद तक शशि कपूर को ही जाता है क्योंकि सबसे पहले उन्होंने ही दूसरे हीरो के रूप में आना स्वीकार किया था।

अमिताभ बच्चन के दिल में शशिकपूर के लिए बहुत ही इज्जत है। वैसे तो राजेश खन्ना ने फिल्म ‘आनंद’ में अमिताभ की बहुत मदद की थी लेकिन अमिताभ की राजेश खन्ना के साथ पटती नही है लेकिन शशिकपूर के बारे में उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया जब वह नये नये थे और शशिकपूर एक बड़े स्टार थे फिर भी शशिकपूर एक बड़े भाई की तरह पेश आते थे। बीच में जब फिल्में बुरी तरह से पिटने लगीं तो घबरा कर मैंने दो-तीन उल्टी-सीधी पिक्चरें पकड़ने की कोशिश की तो शशि ने एक दम से रोक दिया और समझाया कि इस तरह मैं सिर्फ घटिया फिल्मों के लिए ही रह जाऊंगा। मुझे संयम से काम लेना चाहिए, फिल्म ‘बॉम्बे टॉकी’ में पैसे की खातिर एक छोटा – सा रोल करना मंजूर कर लिया जब शशिकपूर सेट पर आए और मुझे देखा तो वह हैरान-से रह गए।

amitabh shashi kapoor 1
तुम इतना छोटा-सा रोल क्यों कर रहे हो?
पैसों के लिए…!

शशि कपूर बड़ी दुखी हुआ। वह मुझे एक कोने में ले गया और समझाने लगा। मैंने उसकी बातों पर अमल किया। जिसका नतीजा अच्छा ही निकला। जब ‘बॉम्बे टॉकी’ रिलीज होने का समय आया तो मैं स्टार बन चुका था। मेरा छोटा सा रोल मेरी प्रसिद्धि को जरूर धक्का पहुंचाता। इस बात को समझते हुए शशि कपूर ने मेरे सारे सीन फिल्म में से कटवा दिये। फिल्म ‘दीवार’ में भी शशि कपूर ने मेरे कारण ही वह रोल किया था।


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Mayapuri

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