ऐसी सालगिरह किसी हो नही सकती – प्रेमनाथ

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मायापुरी अंक 15.1974

जब कभी किसी बड़े आर्टिस्ट की सालगिरह मनाई जाती है फिल्मी दुनिया में कुछ न कुछ रोमांचक हरकत तो होती ही है। और फिर रोमांचक अभिनेता प्रेमनाथ की सालगिरह हो बस समझ लीजिए जमीन आसमान एक होने वाले है।

उस रात 6 बजे से लेकर रात के तकरीबन 2 बजे तक ‘सन एण्ड सैंड’ होटल में प्रेमनाथ रहे। पर कोई खास हंगामा नही। हुआ न अनहोनी बात

यह पार्टी ‘दो यार के’ निर्माता केवल मिश्रा की ओर से बुलाई गई थी खबर थी कि वे अपनी शूटिंग का कार्यक्रम रद्द करके इस पार्टी पर करीब 40 हजार रुपया खर्च करेंगे। आज बड़े से बड़े हीरो से सीधी टक्कर लेने वाले चरित्र अभिनेता प्रेमनाथ की सालगिरह मनाने जा रहे है। वैसे इस पार्टी में करीब 250 व्यक्ति शामिल हुए थे। (आते-जाते रहे थे) पर जैसी उम्मीद थी कोई बड़ा हीरो नही आया। लोगों को पक्का विश्वास था और शायद पार्टी देने वालों को भी उम्मीद थी कि रोज साहब रणधीर कपूर, ऋषि कपूर, शशि कपूर मे कोई न कोई तो आएगा ही। कुछ लोग तो पार्टी में ही चर्चा कर रहे थे कि भले ही कोई आए न आए पर देव आनन्द तो पांच मिनट के लिए ही सही, आयेंगे जरूर, पर सब की आशाओं पर पानी फिर गया। महत्वपूर्ण हस्तियों में वहां मौजूद थे डेविड, के.एन. सिंह, जयराज, सेठी तथा कुछ और चरित्र अभिनेता हीरो में उपस्थित होने का सेहरा शत्रुघ्न सिन्हा ने ले लिया। शत्रुघ्न सिन्हा ने ज्यों ही हाल में कदम रखा। पार्टी में जान आ गई। सिन्हा और प्रेमनाथ करीब पांच मिनट तक गले लिपटे रहे। मैं यह दृश्य देख रहा था तो पीछे से महीन आवाज आयी देखे कौन किसको खाता है ? इसी बीच नशीली आंखों से शत्रुघ्न सिन्हा की ओर देखते हुए प्रेमनाथ ने उसका गाल जंगली चुम्बन के साथ काट खाया।

हीरोइनों में रीनारॉय अपने काफिले के साथ आयी। (मां बहन तथा और भी लोग) और मुस्करा कर पार्टी में आये। चंद निर्माताओं से बातें करती रही। जब देखा पार्टी अधिक नशीली होने लगी तो शायद कोई बात याद कर कर मिश्रा जी से अलविदा लेकर जल्दी ही चली गई। प्रेमनाथ की अपनी हीरोइन कामिनी कौशल तो सात बजे ही वहां आ गई थी। उनके वहां आते ही पार्टी में मुस्कुराहट सी हुई। प्रेमनाथ ने उन्हें बाहुपाश में ले लिया और काफी देर तक उनका माथा चूमते रहे। थोड़ी देर के लिए वे दोनों (न बतायें तो अच्छा है) प्रेमनाथ जी कामिनी कौशल के गालों को भी (गालों पर लगाई हुई लाली को अपने हाथ से साफ करने के बाद) चूमते रहे। उसके बाद आंखे ऊपर चढ़ाकर उन्होनें कामिनी कौशल के कान में कहा ‘आज मेरी कुंडलिनी जागी हुई है। इस पर पास खड़े डैविड ने मजाक में कहा ‘वो तो तुम’ हमेशा कहते हो मैंने तो आज तक तुम्हारी कुंडलिनी को सोते हुए नही देखा (जो पाठक कुंडलिनी का अर्थ नही जानते उन्हें योगशाला की पोथियों को टटोलना चाहिए) नवोदित हीरोइनो में कोमिला विर्क हंसती-नाचती हुई आई और प्रेमनाथ जी से लिपट गई।

देव साहब ने खास आदमी के साथ बधाई पत्र भेजा। उसमें लिखा थाIshk-Ishk-Ishk is hanging on me यानी प्रेमनाथ जी ने खुद ही पास खड़े लोगों से कहा मैं जानता हूं परेशान है इश्क इश्क की नाकायाबी से लोग देव साहब के न आने का मतलब समझ गये और पार्टी को भूल कर ‘इश्क इश्क इश्क’ की चर्चा करने लगे।

रात के करीब 11 बजे कामिनी कौशल ने केक की मोमबतियों को जलाया और उपस्थित लोगों ने तालियां बजा कर हैप्पी बर्थ डे टू यू गाया। कुछ लोग मस्ती में प्रेमनाथ जी के साथ नाचने लगे।

इस पार्टी में एक महात्मा जी भी उपस्थित थे जिन्हें त्यागी बाबा बोलते है। और एक और भी सन्यासी आये थे जो दूर कोने में कई घंटे घूमते रहे पर पार्टी के बीच नही आये। शायद जैनी महात्मा थे।

पार्टी समाप्त होते होते अधिकांश लोग नशे की मस्ती में डोलने लगे थे। कइयों के पैर ठीक से जमीन पर नही पड़ रहे थे। जब लोग धीरें-धीरें खिसकने लगे तब लास्ट टच देने के लिए मनमोहन आये। बाद में सुना प्रेमनाथ जी करीब तीन बजे तक वहां अपने चंद दोस्तों के साथ उनकी गलबहियां लेते हुए नाचते गाते रहें।

 

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Mayapuri