रामायण में रावण का अमर किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी नहीं चाहते थे ये किरदार करना , आखिर कैसे मिला ये रोल ?

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अरविंद त्रिवेदी रावण

कैसे मिला अरविंद त्रिवेदी को रामायण में रावण का किरदार ? असल में है राम भक्त नहीं चाहते ये किरदार करना

लॉकडाउन के बीच एक बार फिर दूरदर्शन पर रामानंद सागर की ‘रामायण’ और’ महाभारत’ प्रसारित की जा रही है। बड़ी बात है कि इस बार भी रामायण और महाभारत को दर्शकों का वहीं असीम प्यार मिल रहा है। और लगातार ये शोज़ सोशल मीडिया पर चर्चा में बने हुए हैं। ‘रामायण’ में राम, सीता और लक्ष्मण के अलावा जिस किरदार ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा वो कोई और नहीं रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी थे। शो में रावण की चाल-ढाल से लेकर डायलॉग बोलने और हंसने का तरीका भी दर्शकों को काफी रास आया था। ‘रामायण’ में भले ही रावण राम के खिलाफ थे लेकिन असल जिंदगी में वो रामभक्त हैं।

रामायण के ‘रावण’ हैं राम भक्त

अरविंद त्रिवेदी रावण

Source – Fityclub

पॉपुलर शो रामायण में अरविंद ने रावण का सशक्त किरदार इतना बखूबी निभाया था कि वो जीवंत हो गया था। इसके बाद उन्हें कई सारी फिल्मों में निगेटिव रोल प्ले करने के ऑफर आए थे। मगर असल जीवन की बात करें तो अरविंद रावण के किरदार से ठीक उलट हैं। अब उन्हें देखकर पहचान पाना मुश्किल है, सारा दिन राम भक्ति में लीन रहते हैं। वे बड़े चाव से दूरदर्शन पर रामायण देखते हैं, उनके वीडियोज टिकटॉक पर खूब वायरल हो रहे है। वे काफी उत्साह के साथ रामायण देखते हैं, कई बार भावुक भी हो जाते हैं।

रावण का किरदार नहीं चाहते थे निभाना

अरविंद त्रिवेदी रावण

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एक इंटरव्यू के दौरान अरविंद ने बताया था कि उन्हें रावण की जगह केवट का रोल करने में ज्यादा दिलचस्पी थी और किस तरह उन्हें रावण का रोल मिला था। अरविंद त्रिवेदी ने इंटरव्यू में किस्सा शेयर करते हुए कहा था- ‘मेरी इच्छा सीरियल में केवट का रोल करने की थी। इसलिए मैंने रामानंद सागर से इस किरदार को करने की गुजारिश की थी। वो इससे सहमत नहीं थे।’

रामानंद सागर ने कहा था – ‘ उन्हें ऐसा रावण चाहिए जिसमें बुद्धि-बल हो और मुख पर तेज हो ‘

अरविंद त्रिवेदी रावण

Source – Pinterest

‘उन्होंने मुझे स्क्रिप्ट पढ़ने को कहा। मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी। इसके बाद थोड़ी देर के लिए सन्नाटा पसर गया। जब मैं स्क्रिप्ट वापस देकर जाने लगा तो रामानंद सागर ने रोककर बोला कि उन्हें अपना लंकेश मिल गया। उनकी इस बात को सुनकर मैं हैरान हो गया था। ऐसा इसलिए क्योंकि मैंने कोई डायलॉग ही नहीं पढ़ा था।’

अरविंद त्रिवेदी ने बताया- ‘जब मैंने रामानंद सागर से कहा कि मैंने कोई डायलॉग ही नहीं पढ़ा। जवाब में उन्होंने कहा- ‘वो मेरी चाल ढाल देखकर समझ गए थे कि वही उनके रावण बनने योग्य हैं। उन्हें रामायण के लिए ऐसा रावण चाहिए जिसमें बुद्धि-बल हो और मुख पर तेज हो।’

बता दें , कि लॉकडाउन की वजह से पब्लिक डिमांड पर दूरदर्शन के पुराने सीरियल्स दिखाए जा रहे हैं। इनमें से रामायण, महाभारत और शक्तिमान जैसे सीरियल्स प्रमुख हैं।

 

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