आलिया पर, किस किस का, क्या क्या असर है??

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युवा अभिनेत्रियों में, चोटी पर राज कर रहीं आलिया भट्ट ने अपनी अभिनय प्रतिभा, नेचुरल खूबसूरती और अल्हड़ जवानी में से झांकते चरित्र की गंभीरता के चलते, जो मुकाम हासिल किया है वह बहुत कम नव युवा एक्टर को हासिल होता है। ऐसे में अक्सर कलाकार सातवें आसमान में उड़ने लगते हैं। उनके बर्ताव में नकचढ़ापन आ जाता है। “दुनिया मेरी मुट्ठी में है।” वाली घमंड उन पर तारी हो जाती है, लेकिन आलिया की सफलता में घमंड का कहीं नामोनिशान नहीं है। पहली बात तो यह है कि वे यह मानने को तैयार नहीं कि वे सफलता मे आसमान छूने लगी है। आज भी वे अपने प्रथम फिल्म मेकर, करण जौहर को उन्ही निगाहों से देखती है जिन निगाहों से वे उस वक्त उन्हें देखती थी जब एकदम नई थी। आलिया आज भी करण को अपना ‘इटरनल मेंटर’ मानती है। वे कहती है, “करण मेरे जीवन में एक बहुत अहम प्रेरणा है। मैं अपने बहुत सारे वर्क एथिक्स और बर्ताव का श्रय करण को देती हूं।” आलिया का मानना है कि वे करण की तरह ही पर्सनल जीवन और प्रोफेशनल जीवन में बर्ताव करती है। बतौर अभिनेत्री ही नहीं बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी। आगे वे कहती है, “जब मैंने अभिनय शुरू भी नहीं किया था, तब भी मैं बहुत कुछ, करण से ही सीख लेती थी।’ करण के अलावा आलिया अपने पापा महेश भट्ट से भी प्रभावित है। वे कहती है, “मेरे पापा से भी मुझे प्रेरणा मिलती रही है। मेरे सोचने और राय जाहिर करने का तरीका डैडी की तरह ही है।” आलिया का मानना है कि उन पर अपनी मां सोनी राजदान का भी प्रभाव भी एक अलग रूप से पड़ा है, यानी उनके मां की नरमाई ने आलिया पर असर डाला है। आलिया कहती है, “उन्होंने मुझे दूसरों के प्रति आदर सम्मान और सद्भाव से पेश आना सिखाया है। उन्होंने मुझे कम्पैशन और अंडरस्टैंडिंग के गुण सिखाये है।” यानी आलिया पर उन सब का मिलाजुला प्रभाव है।


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Mayapuri

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