स्त्रिायों की माहवारी पर असिस सेठी कृत फिल्म ‘अ ब्लडी मेस’ ने मचाई धूम!

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Asis Sethi's film 'A Bloody Mess' made a splash on the menstruation of women! (1)

सुलेना मजुमदार अरोरा

इन दिनों स्त्रियों की महावारी (पीरियड्स) पर सुप्रसिद्ध एशियन कनाडियन फिल्म मेकर असिस सेठी की बनाई शॉर्ट फिल्म ‘अ ब्लडी मेस’ की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है, इस फिल्म ने पूरे विश्व में कई इंटरनेशनल अवाॅर्ड जीते है, असिस सेठी आने वाले समय में रुपहले पर्दे पर और भी कई अचम्भित करने वाले प्रोजेक्ट्स ले कर आ रही है, उन्हें एक्सेलेंस इन फिल्म मेकिंग अवार्ड्स (इंटरनेशनल फिल्म मेकर्स फेस्टिवल न्यू यॉर्क) भी हासिल हुआ!

असिस इससे पहले कई इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट्स का लेखन, निर्देशन और निर्माण कर चुकी है, जैसे ‘द कलरफुल क्राउन’ जिसे कई फिल्म फेस्टिवल्स में स्क्रीन किया गया था। मायापुरी से असिस सेठी की  बातचीत के मुख्य अंशः-

आपने मासिक धर्म जैसी एक टैबू विषय पर काम करना क्यों और कैसे चुना?

आपके प्रश्न के भीतर ही उत्तर निहित है, माहवारी महिलात्व का एक अनिवार्य हिस्सा है, इसलिए इसे वर्जित क्यों माना जाता है? जब मेरे दोस्तों और मैंने शुरू में अपना दिमाग लड़ाया, तो हमने अपने खुद के अनुभवों के बारे में सोचा और यह जानने की कोशिश की कि हम ‘पीरियड’ शब्द को जोर से क्यों नहीं कह सकते, जब हमने किशोरा वस्था की महिलाओं की फीलिंग्स के बारे में सोचा कि आज भी हम उसी तरह महसूस करते हैं हमने अपने साक्षात्कारों के माध्यम से महसूस किया था, तो हमें पता था कि हमें इस विषय को संबोधित करना ही होगा।

आपके काम को देखते हुए, मैं समझती हूं कि आप केवल मुद्दे आधारित प्रोजेक्ट्स (लघु फिल्में, फिल्में, वृत्तचित्र और श्रृंखलाएं) बनाती हैं। कृपया विस्तृत विवरण दें!

मैंने जो डॉक्यूमेंट्री बनाई ‘द कलरफुल क्राउन’ वो निश्चित रूप से पगड़ीधारी सिखों पर 9ध्11 के प्रभावों का पता लगाने के लिए बनाना चाहती थी मेरी 16 एपिसोड की धारावाहिक-श्रृंखला ‘दर्शन देख दीवान’ किसी खास मुद्दे से आधारित नहीं थी, लेकिन कई ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारा में जाने के माध्यम से मैं सिख धर्म के बारे में जानकारीपूर्ण बातचीत सामने लाने कि कोशिश कर रही थी। मेरा प्रयास था कि कनाडा में हमारे आने वाली पीढ़ी को सिख विश्वास के बारे में पता चले। अपनी लघु फिल्मों के संदर्भ में, मैं कहूंगी  कि मैं एक आवश्यक बातचीत को शुरू करने या फिर से विजिट करने के लिए फिल्में बनाना पसंद करती हूं, जो आमतौर पर महिलाओं या वंचित समूह के संबंध में होती है, चाहे वो ‘अ ब्लडी मेस’ या फिर ‘स्टिल’ के माध्यम से हो। मेरी आने वाली फिल्म ‘स्टिल’ एक जोड़े की गर्भावस्था यात्रा की कहानी है।

Asis Sethi's film 'A Bloody Mess' made a splash on the menstruation of women! (1)

क्या आपको लगता है कि आपके ये प्रयास बेहतर समाज के लिए भविष्य में फल दे सकते हैं?

मेरी इनिशियल इंस्टिंक्ट हाँ कहती है- लॉकडाउन के दौरान, मेरे दोस्तों और मैंने अलग से एक छोटा वीडियो भी शूट किया और फिर मैंने इसे संपादित किया, ये वीडियो ‘फ्यूचर सुपरहीरो’ कहलाता है, यह एक वीडियो है जिसे 6 साल के लेखन के माध्यम से, एक पेनहोम से, एक पेन पाल को लिखा गया था, जिसमें उसे उन सभी तरीकों की जानकारी दी गई थी, जिसमें वह और उसके दोस्त दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे थे कोविड-19 के दौरान, अभी हमारे पास उम्मीद है, तो क्यों न ऐसी फिल्में बनाई जाएं, जो लोगों को सोचने, समझने, का मौका देती है।

आपकी लघु फिल्म ‘अ ब्लडी मेस’ (‘मासिक धर्म’) आपके अन्य प्रोजेक्ट्स से अलग कैसे है?

‘अ ब्लडी मेस’ मेरी पहली नैरेटिव शॉर्ट है, मेरे पहले की प्रोजेक्टज वृत्तचित्र थी, मैं दो अन्य लघु फिल्मों पर काम कर रही हूं, जिनका विषय मासिक धर्म से कोई लेना-देना नहीं है और वर्तमान में एक फीचर फिल्म के विकसित कर रही हूँ, मैं उन सभी प्रोजेक्टस में तल्लीन हो जाती हूँ जो मेरे लिए मायने रखती हैं, खासकर एक कहानी बताने के लिए और बातचीत में दर्शकों को संलग्न करने के लिए, लेकिन हर प्रोजेक्ट केवल कहानी से ही नहीं बल्कि दृश्य द्वारा भी एक दूसरे से काफी अलग है।

आपकी ये फिल्म ‘अ ब्लडी मेस’ हमारे आज के आधुनिक समाज में कैसे प्रासंगिक है?

‘अ ब्लडी मेस’ अभी भी प्रासंगिक है क्योंकि हम माहवारी को लेकर जब पैड की आवश्यकता होती है तो आज भी कानाफूसी करते हैं। हम अभी भी अपने पुरुष रिश्तेदारों को ये नहीं बता सकते है कि हमे पीरियड्स हैं, यदि इसे मानदंड के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है, तो मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों तक पहुंच के आसपास की बड़ी बातचीत कैसे आदर्श बन जाएगी?

‘अ ब्लडी मेस’ ने कई पुरस्कार प्राप्त किए है आप इसपर कैसा महसूस करती हैं?

हमें बहुत अच्छा लग रहा है, मैं ‘हम’ कह रही हूं क्योंकि वास्तव में इसे बनाने के लिए अद्भुत कलाकारों और क्रूमेट की एक टीम लगी। हम इसकी प्रतिक्रिया से अभिभूत है, हम 53वें ह्यूस्टन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में त्म्डप् पुरस्कार जीतने के लिए बहुत उत्साहित थे- और हम वास्तव में जश्न मनाना चाहते थे, लेकिन कोविड-19 प्रॉब्लम की वजह से हम सभी ने अपने निजी स्थानों में जश्न मनाया!

आप एक एशियाई कनाडाईन फिल्म निर्माता हैं, आप बॉलीवुड फिल्मों के बारे में क्या महसूस करती हैं और क्या आप भविष्य में फुल ऑन एंटरटेनमेंट बॉलीवुड मसाला फिल्म बनाएंगी?

मैं बॉलीवुड फिल्मों में जीकर बड़ी हुई हूं और जब तक मुझे लगता है कि किसी ‘मसाला’ फिल्म में एक कहानी है, जो मुझसे कुछ बोलती है तो मैं निश्चित रूप से उसमें दिलचस्पी लेती हूं, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ या ‘3 इडियट्स’ जैसी फिल्में मनोरंजन पर आधारित है, लेकिन फिर भी यह आपके दिल और दिमाग में अद्भुत हलचल मचाती है।

आप अपने सभी कार्यों की कल्पना कैसे करती हैं?

मुझे कहना होगा कि एक टीम के साथ काम करना या स्वतंत्र रूप से असाधारण महिलाएं के साथ काम करना वास्तव में बहुत मददगार हैं। मैं अपने चारों ओर जीवन को देखती हूं और उन क्षणों को आत्मसात करती हूं। मुझे सिनेमा देखना भी बहुत पसंद है, और मैं हमेशा शॉट्स के संदर्भ में प्रेरणा के स्रोत ढूंढती रहती हूँ। जब मैं अपने विचारों को तालिका में लाती हूं, तो मेरे पास उन महिलाओं की व्यावहारिकता, रचनात्मकता और कार्यक्षमता का सही मिश्रण होता है जिन पर मैं हमेशा राय के लिए भरोसा करती हूं-आर्मिन, अमरीन, डेजी और श्वेता!

लघु फिल्म या फीचर फिल्म और टीवी श्रृंखला बनाने के बारे में आपकी भविष्य की क्या योजनायें है?

मैं दो अन्य लघु फिल्मों पर काम कर रही हूं, एक जो कि पोस्ट-प्रोडक्शन पर है, एक प्री-प्रोडक्शन में है और मैं इस समय एक फीचर फिल्म पर भी काम कर रही हूं।

क्या आपने कभी हमारी वीकली पत्रिका मायापुरी पढ़ी हैं जो भारत की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय हिंदी फिल्म पत्रिका है?

ऑफकोर्स शुक्र है, मैंने बड़ी होकर हिंदी पढ़ना लिखना सीख लिया, मायापुरी पढ़ते हुए, मैंने हाल ही में आपके कुछ डिजिटल इशूज को पढ़ना शुरू कर दिया है। इतनी अच्छी सामग्रियों से भरी हुई है मायापुरी जो किसी और पत्रिका में मिलना मुश्किल है!


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