महिला के इर्द-गिर्द घूमने वाली कहानियां दर्शकों को पसंद आती हैं-सई बर्वे

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‘लक्ष्मी सदैव मंगलम,‘काली पीली’, ‘प्रकाष अनन्या,‘भाग्य का लिखा’ जैसे कई सीरियल व वेब सीरीज के अलावा कुछ लघु फिल्मां में अभिनय कर चुकी अभिनेत्री सई बर्वे इन दिनों सोनाली जफर और आमिर जफर निर्मित सीरियल ‘‘आपकी नजरों ने समझा’’ में पारुल रावल की भूमिका निभाते हुए चर्चा में हैं। सई बर्वे को इस बात की खुषी है कि सीरियल की कहानी में लगातार कई नए नए मोड़ आते रहते हैं,जो कि दिलचस्प हैं।

खुद सई बर्वे कहती हैं- ‘‘बिना किसी ठोस वजह के किसी भी सीरियल को लोकप्रियता नही मिलती। कहानी को आगे बढ़ाने के लिए हर बार कहानी के प्लॉट में  अद्भुत ट्विस्ट लाना वाकई मुश्किल होता है। हमारे सीरियल के लेखकों और निश्चित रूप से सोनाली मैम को मैं सलाम करती हॅूं।”

आगे कहानी में क्या बदलाव आने वाले हैं? इस पर वह कहती हैं- ‘‘अब राजवी भाभी का एक्सीडेंट हो गया था, इसलिए पारुल की तरह  मैं बड़े नाटक के बारे में बहुत चिंतित हूं और मुख्य रूप से दर्श के बारे में चिंतित हूं। मुझे चिंता है कि कहीं उनका स्वास्थ्य इस वास्तविकता से प्रभावित न हो जाए। इसलिए उनसे यह घटना छिपाई गई है। मैं चार्मी को लेकर भी चिंतित हूं, क्योंकि वह एक बच्चे को लेकर जा रही है। पारुल देखभाल कर रही है और हमेशा अपने परिवार का समर्थन करती है।”

अभिनेत्री सई बर्वे आगे कहती हैं- ‘‘भारतीय दर्शक दो प्रकार के होते हैं। एक वह जो सीरियल से प्यार करते है,वह सीरियल के साथ सदैव जुड़े रहते हैं। जिसमें चिंता तत्व होते हैं। जबकि भारतीय दर्षक उन सीरियलों को भी देखना पसंद करते हैं? जिनकी कहानी बहुत अलग और मनोरंजक हो… यह सब कहानी और सेटअप पर निर्भर करता है! कुछ भी अच्छा या मनोरंजक दर्शकों को पसंद आएगा।

सई बर्वे को भी लगता है कि किरदार का लुक महत्वपूर्ण है। ग्रामीण के रूप में हो या शाही पोशाक में, सही लुक एक नया आयाम जोड़ता है और प्रदर्शन को बढ़ाता है।

कभी-कभी टीवी सीरियल काफी बोर करते हैं। तो वहीं यह माना जाता है कि विवाहेतर संबंधों या दो महिलाओं या पुरुषों के बीच फंसे रिष्ते अथवा एक पुरुष व महिला के इर्द-गिर्द घूमने वाली कहानियां दर्शकों को पसंद आती हैं। इस पर सई बर्वे कहती हैं- ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ आज हो रहा है। ऐसा हमेषा से होता रहा है। दरअसल, कभी-कभी इसे महिमामंडित और रेखांकित किया जाता था। ऐसी कहानियों को पुरानी फिल्मों में सफलता पूर्वक दिखाया जाता रहा है।यह बात सिर्फ टीवी ही नहीं, बल्कि सभी माध्यमों के लिए सच है।’’

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Mayapuri