एक असामान्य यात्री  के डायरी से कुछ अनसुनी कहानियां

अली पीटर जॉन राजेश खन्ना धीरे-धीरे अपनी स्टारडम की ऊंचाइयों से  नीचे आ रहे थे जो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। उनकी सुपरस्टारडम अमिताभ बच्चन के आने से कम होती जा रही थी और उनके पास कोई फिल्म भी नहीं थी। राजनीति के क्षेत्र में भी उनको…
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क्या कोई इस रौशनी को बुझाने की ख्वाहिश भी कर सकता है?  हेमा मालिनी 

अली पीटर जॉन बहुत से लोग हेमा मालिनी के बारे में जानते हैं और उनको यह पता है कि हेमा मालिनी ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 40 साल पूरे कर लिए हैं और उनकी पहली हिन्दी फिल्म  राज कपूर के साथ थी 'सपनों का सौदागर' पर बहुत कम लोगों को पता है या…
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योग्य बेटे द्वारा पिता को श्रद्धांजलि- अली पीटर जॉन

(अमिताभ बच्चन ने बलराज साहनी की जीवनी का अनावरण किया जो कि उनके बेटे परीक्षित साहनी द्वारा लिखी गई है) पिछले 50 सालों में मैं बहुत सी घटनाओं का हिस्सा रहा हूँ। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं महान लोगों के जीवन का हिस्सा बनूँगा…
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साबुन की ऐड से लेकर पिता सुरेश ओबेरॉय के लिए नरेंद्र मोदी बने विवेंक ओबेरॉय

मैंने पहली बार उन्हें एक विज्ञापन में देखा, जो मुझे लगता है कि लाइफबॉय या सनलाइट सोप का था। वह कई अन्य प्रसिद्ध उत्पादों के मॉडल भी नहीं थे, लेकिन वह बहुत ही हैंडसम थे जिसकी बहुत ही रिच वौइस् थी। वह विनोद पांडे की फिल्म "एक बार फिर" में…
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क्या करण जौहर खुद को एक हेड कुक समझने लगे जो खुद का ही सूप खराब कर रहे हैं

यह निश्चित रूप से आसान नहीं है कि करण जौहर आज अपनी सिर्फ 47 की उम्र में भी कही ज्यादा आगे हैं। करण, यश जौहर के इकलौते बेटे हैं, जो उद्योग में सबसे लोकप्रिय और प्रिय लोगों में से एक रहे हैं, एक व्यक्ति जो उद्योग का एक हिस्सा था और जिसने…
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दो अच्छे इन्सान राजकुमार बड़जात्या और मुशीर आलम की मृत्यु एक ही दिन हुई

पिछले चार दशकों के दौरान जो भी इस इंडस्ट्री में रहा है, वह मुझसे सहमत होगा कि राजकुमार बड़जात्या और मुशीर आलम (मुशीर-रियाज़ की निर्माता टीम) को कभी-कभी मिसफिट माना जाता था, क्योंकि उनके पास ऐसी कोई विशेषता नहीं थी जिससे हिंदी फिल्म निर्माता…
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एक बच्चे की सपने की खोज आखिर कामयाब हो गयी

अली पीटर जॉन ये लखनऊ के छोटे से लड़के की एक छोटी सी कहानी है, जिसका नाम त्रिनेत्र बाजपेयी था। वो जब सिर्फ 11 साल के थे तो अपनी जानी- मानी लेखिका माँ ’शान्तिकुमारी बाजपेयी’ के साथ फिल्म ’प्रोफेसर’ देखने गए थे जिसमें शम्मी कपूर हीरो और उस समय…
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‘एक जिंदगी जी कर हज़ारों दिलों में रहना है हमेशा के लिए’कनिका बाजपेयी

अली पीटर जॉन मेरा विश्वास है कि कोई सुपर मैग्नेटिक पॉवर है जो हमारे एसोसिएशन और लोगों के साथ रिलेशनशिप को प्लान करती है। वरना, मेरी माँ केवल मेरी माँ कैसे हो सकती थी, वरना मेरे पास जो भाई थे, वे क्यों होते, वरना मैं, मेरे गाँव का एक लड़का…
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अब की बार चुनावों में कौन-कौन से सितारे उतरेंगे?

फिल्म उद्योग (अब बॉलीवुड के रूप में बेहतर जाना जाता है) हमेशा संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष करता रहा है। वे हमेशा आवाजें उठाना चाहते थे जो इंडस्ट्री द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों को उठाएंगे। उनकी अपील को पहली बार…
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एक तनहा सा बंगला देव साहब का

पचास साल पहले, इस क्षेत्र में केवल एक बंगला था जिसमें आर्मी कैंटोनमेंट के रूप में एकमात्र अलग ज्ञात स्थान था। देव आनंद जो पंजाब के गुरदासपुर से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री लेकर अन्य कई युवकों की तरह मुंबई आए थे। वह भी एक अभिनेता बनना चाहते…
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