स्टार प्लस ने लॉन्च किया वीकेंड शो ‘आरंभ’, ‘बाहुबली’ के लेखक ने लिखी है कहानी

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‘बाहुबली‘ और ‘बाहुबली 2‘ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लेखक के.वी. विजयेन्द्र स्टार प्लस पर एक महान शो लेकर आ रहे हैं। इस धारावाहिक की कहानी दो सभ्यताओं के बीच होने वाले टकराव को बयां करती हैं, जिसकी शुरूआत अस्तित्व से संबंधित दो अलग-अलग जरूरतों के कारण होती है; इसमें से एक सभ्यता उस चीज को पाना चाहती है जो दूसरे के पास है तो वहीं दूसरी सभ्यता अपनी धरोहर को बचाने के लिए युद्ध करती है।

यह कहानी उस समय की है जब द्रविड़ भारतीय उपमहाद्वीप पर राज करते थे और आर्य, जोकि पश्चिम की खानाबदोश जाति थी, उस उपजाऊ भूति सप्तसिंधु की तलाश में थे, जिसके बारे में वे हमेशा से सुनते आये थे। द्रविड़ों के पास उपजाऊ भूमि से लेकर फल-फूल रही सभ्यता सब कुछ थी, जबकि आर्य अभी भी उस भूमि की तलाश में थे जहां उनका वंश अपना अस्तित्व जमाकर विकास कर सके।

Producer Srishti Arya with brother and co-producer-director Goldie Behl

आर्यों को भाग्य से कुछ भी नहीं मिला। वे जन्म से ही कठिन परिस्थितियों एवं क्षेत्रों में अपना अस्तित्व बरकरार रखने के लिए संघर्ष करते आये थे। उनकी भूख ने उन्हें शिकार, रोमांच और मुकाबला करना सिखाया। नई आर्य सभ्यता ऐसी भूमि की तलाश कर रही थी, जहां वह सब कुछ-भोजन, पानी, अच्छा मौसम और पूरे साल उपजाऊ रहने वाली भूमि उपलब्ध हो जिसके लिए उन्होंने हमेशा संघर्ष किया। हालांकि, उन्हें यह भूमि मिल जाती है पर वह किसी और की होती है। पर इतिहास में किसी को भी इस पाने के लिए डराया-धमकाया नहीं गया था। और यही कारण है कि वे आर्यवर्त की तलाश के लिए आगे आये और इसे जीतने के लिए मुकाबला किया।

Goldie Behl

दूसरी ओर, द्रविड़ हमेशा से भाग्यशाली थे। उन्होंने ऐसी भूमि में जन्म लिया था जहां अपना अस्तित्व बरकरार रखने के लिए सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध थीं। उनके भगवान ने उनके लिए जो निश्चित किया, उनके पास सब कुछ था। उन्होंने एक महान सभ्यता का निर्माण किया। उनका समाज काफी सख्त था, क्योंकि वे उसे कतई खोना नहीं चाहते थे, जिसे भगवान ने उन्हें दिया था।

द्रविड़ पक्ष में, हमें देवसेना को देखने का मौका मिलेगा, जिसने मातृसत्तात्मक समाज में जन्म लिया और उसे एक रानी की तरह पाला गया। पर वह सरल, जिंदादिल जिंदगी को पसंद करती है, क्योंकि उसे लगता है कि ताज उसके पिता से उसे दूर कर देगा। भावी महारानी के रूप में, वह आर्य से अपने वंश की रक्षा करने के लिए कर्तव्य में बंध जायेगी। हालांकि, वरुणदेव जोकि आर्य वंश से था, एक योद्धा है और अपने पिता का सम्मान वापस पाने तथा द्रविड़ों की समृद्ध भूमि पाने हेतु आर्य के लिए लड़ाई लड़ने के लिए संघर्षरत था।

Tanuja Mukerji

देवसेना (कार्तिका नायर) जिसने मातृसत्तात्मक समाज में जन्म लिया और वह द्रविड़ वंश की प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी एवं बेमिसाल योद्धा के रूप में नजर आयेगी। वह द्रविड़ वंश की अगुवा है, जो अपने लोगों को आर्य के हमले से बचाते हुये नजर आयेगी। आर्य सप्त सिंधु की तलाश में हैं और इसे पाने में वे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। युद्धस्थल पर देवसेना का सामना आर्य वंश के एक प्रशंसनीय योद्धा वरुणदेव (रजनीश दुग्गल) से होता है। वरुणदेव ने अपनी सहनशीलता से प्रजातांत्रिक समाज में अपना रुतबा कायम किया है। यह युद्ध दो सभ्यताओं के बीच सिर्फ सबसे बड़े टकराव की शुरूआत भर नहीं है, बल्कि ऐसे दो योद्धाओं की कहानी है जो विपक्षी पक्षों की ओर से लड़ाई लड़ रहे हैं और इस सच्चाई से अनजान हैं कि भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही लिखकर रखा है। यह धारावाहिक दर्शकों को निश्चित रूप से ऐसे रहस्यवादी युग में लेकर जायेगा जहां जो दिखता है वैसा होता नहीं है।

कार्तिका ने अपनी भूमिका के बारे में संक्षेप में बताया, ‘‘विजयेन्द्र जी का देवसेना का किरदार अत्यंत खूबसूरत और मजबूत लड़की का है। वह साथ ही सुंदर एवं बहादुर भी है।‘‘

Karthika Nair

हर वीकेंड पर प्रसारित होने वाले इस धारावाहिक में तनुजा मुखर्जी हहुमा के रूप में टेलीविजन की दुनिया में कदम रख रही हैं। हहुमा द्रविड़ों की आध्यात्मिक नेता हैं, जोकि समय से परे है और उन्हें द्रविड़ एवं आर्यों के भविष्य की भविष्यवाणी करते हुये दिखाया गया है। इस महान अदाकारा ने कहा, ‘‘यह भूमिका कई मायनों में विशिष्ट है। वह जो कुछ करती है, उसे बहुत खूबसूरती से तैयार किया गया है और मुझे खुशी है कि मैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हूं।‘‘

Karthika Nair

आरंभ में मानवीय भावनाओं के सभी पहलुओं को दिखाया गया है। इसमें प्यार, ईर्ष्या, गर्व, घृणा, लालच आदि जैसे सभी रंग देखने को मिलेंगे। इसलिए यह धारावाहिक दर्शकों को उनके टेलीविजन सेट से बांधकर रखने तथा और देखने की चाहत पैदा करने के लिए तैयार है।

Director Goldie Behl, Joy Sen Gupta, Tanuja Mukerji, debutant Karthika Nair, Hannssa Singh and Producer Srishti Arya

इस प्रोजेक्ट के बारे में लेखक विजयेन्द्र प्रसाद ने कहा, ‘‘यह पराक्रम की समानांतर दुनिया का निर्माण है। देवसेना की मेरी कहानी इतनी ताकतवर महिला का पहला और एकमात्र चित्रण होगी, जोकि अपने ज्ञान एवं तलवार से अपने पितृसत्तात्मक दुनिया पर शासन करेगी। यह एकमात्र प्रोजेक्ट है जो मुझे छोटे पर्दे पर लेकर आया है।‘‘

आरंभ में दर्शकों की कल्पनाओं को विभिन्न स्तरों पर ले जाने का सामर्थ्य है। इसकी विजुअल उत्कृष्टता देखने लायक होगी। यदि थोड़ी गहराई से गौर करेंगे तो धारावाहिक में मानवीय भावनाओं एवं नाटकीय विषयवस्तु को देखने का मौका मिलेगा। साथ ही आपको एक दार्शनिक स्तर नजर आयेगा जिसमें पता जायेगा कि यह टकराव क्यों और कैसे होता है। हालांकि, यदि हम इन सबको एक ओर रख देते हैं, तो आमातौर पर यह दर्शकों के लिए सिर्फ एन्टरटेनमेंट, एन्टरटेनमेंट, एन्टरटेनमेंट होगा।

 


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Mayapuri

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