बाबूजी ने बापूगिरी पर शिक्षा दी!

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‘‘चिडि़या घर‘‘ एक जिंदादिल परिवार की कहानी है, जिसके विभिन्न सदस्यों की कुछ विशिष्ट आदतें हैं। अपने अलग-अलग नाम के अनुसार सभी सदस्य विशिष्ट आदतों को दर्शाते हैं, जो कि उनके व्यक्तित्व और व्यवहार को परिभाषित करते हैं।

चिडि़या घर में आगामी ट्रैक में दर्शकों को कई दिलचस्प मोड़ देखने का मौका मिलेगा। चिडि़या घर परिवार के सभी सदस्यों को उनके खूबसूरत घर से बाहर निकाल दिया जाता है। शादी से घर वापस आने के बाद वे देखते हैं कि उनके घर का सारा सामान चिडि़या घर के बाहर पड़ा है। उन सभी को चिंता होती है और यह सब देखकर वे दंग रह जाते हैं। वे घर की ओर भागते हैं, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जाता। उन्हें पता चलता है कि घर पर गैरकानूनी रूप से एक बिल्डर ने कब्जा जमा लिया है। जब बाबूजी (राजेन्द्र गुप्ता) बिल्डर से इस बारे में पूछते हैं, तो वह उन्हें बताता है कि खुद बाबूजी ने उन्हें घर बेच दिया था।

इस स्थिति में, कपि गुस्सा हो जाता है और बिल्डर तथा उसके आदमियों से लड़ने के लिये कुछ गुंडों को नियुक्त करता है, लेकिन इससे समस्या को कोई समाधान नहीं निकलता और हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं। तभी बाबूजी दखल देते हैं और परिवार के सभी सदस्यों को बताते हैं कि वह समस्या का समाधान निकालने के लिये खुद ही इस मामले से निपटेंगे। बाबूजी बताते हैं कि हिंसा एकमात्र उपाय नहीं है और इस समस्या का दूसरी तरह भी समाधान निकाला जा सकता है।

बाबूजी का किरदार निभा रहे राजेन्द्र गुप्ता ने कहा, ‘‘हमारे राष्ट्रपिता ने हम सभी को बेहद महत्वपूर्ण पाठ सिखाया है। हमारे ट्रैक में हमने संघर्ष की समान प्रेरणा का इस्तेमाल किया है और हम बिना हिंसा के अपना घर वापस लेते हैं। हम सभी को अपने महान नेता से सीख लेनी चाहिये और उनकी शिक्षा को अपने दैनिक जीवन में लागू करना चाहिये।‘‘ चिडि़याघर में इस सप्ताह बाबूजी को बापूगिरी का पाठ पढ़ाते देखें।

मस्ती और काॅमेडी के लिये देखते रहिये चिडि़या घर, सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे सिर्फ सब टीवी पर!


Mayapuri