आँखें मूंदकर, हाँ में हाँ मिलाने वाली नहीं है कृति

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दिल्ली जैसे मेट्रोपोलिटन सिटी की एक और ब्यूटी, कृति सेनन जब अपनी हाल ही में रिलीज हुई  फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ में पहली बार, एक छोटे शहर की बिंदास लड़की की भूमिका निभा रही है तो उन्हें क्या क्या परेशानियां झेलनी पड़ रही है?? यह पूछने पर कृति बोली, “यह ऐसा चरित्र है जिसे मैंने अब तक प्ले नहीं किया है, यस, मेरे लिए यह काफी नया है। इस फिल्म में मेरी भूमिका एक मुँहफट, डेयरिंग, बिंदास, टॉमबॉय  टाइप की लड़की का है जो काफी तेजतर्रार है।” पर प्रश्न फिर से यही उठता है कि एक बड़े शहर की लड़की कृति, छोटे शहर की लड़की के इस रोल को करते हुए कैसा महसूस कर रही है? इस पर कृति कहती हैं, “यह सही है कि मेरी लाइफ स्टाइल और मेरे फिल्म के उस कैरेक्टर की लाइफ स्टाइल एकदम अलग है लेकिन उसकी जो सोच है वह काफी कुछ मेरे सोच के आस पास है। वह करैक्टर छोटे शहर की है लेकिन वह काफी ब्रॉड माइंडेड है, वह कोई भी बात आंखें बंद करके फॉलो नहीं करती, वह हर बात को प्रश्नों के तराजू में तौलती है, लॉजिक ढूंढती है और जीवन अपने शर्तों पर जीती है, मैं भी हकीकत में बिल्कुल ऐसी हूं। मैं भी हर बात को देख- परखती हूं, पूछती समझती हूं, सिर्फ आंखे मूंदकर हां में हां मिलाने वालों में से मैं नहीं हूँ। मुझे जो करने को कहा जाए उसे तभी करती हूं जब मुझे उसे करने का लॉजिक समझ में आ जाए।  कृति, ‘बरेली की बर्फी’ के अपने रोल बिट्टी के बारे में आगे बताते हुए कहती है, ” बहुत ताजगी से भरा है वह चरित्र,  जिसे बेहतरीन ढंग से  लिखा गया है। इसमें काफी फन है, कॉमेडी है और सचमुच बहुत अच्छी भूमिका है।”

 


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Mayapuri

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