बेगम साहिबा करीना कपूर खान को कुछ कहना है – अली पीटर जॉन

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बीस से अधिक वर्षों से वह केवल एक ग्लैमर डॉल रही, यह ग्लैमर्स डॉल जब बड़ी हुई तो इन्हें बेबो के नाम से बुलाया जाने लगा। जब तक वह हिंदी फिल्मों की ग्लैमरस स्टार बनी करीना को जो भी नाम दिया गया उससे वह खुश थी। करीना ने वो मुकाम हासिल किया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पिछली ज्यादातर फिल्मों में वह सिर्फ आकर्षक ज्वैलरी के रूप में ही नजर आई। लेकिन इसके बाद करीना का जादू चल पड़ा। करीना को लेकर उनके करीबी लोगों का विश्वास था कि वह एक दिन जरूर एक सफल अभिनेत्री बनेंगी और हुआ भी वहीं करीना सबकी उम्मीदों पर खड़ी हुई। उन्होंने अपने करियर के शुरू के दस सालों में सम्पूर्ण अभिनेत्री का रूप दर्शाया व यह भी साबित किया कि एक इस इंडस्ट्री में एक अभिनेत्री के विचार की भी महत्त्वता है। उन्होंने राष्ट्रीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में अपनी राय भी रखी। साथ ही उनके लिए महिलाओं से संबंधित मुद्दें वास्तव में मायने रखते है, करीना अभी भी ग्लैमर दुनिया का हिस्सा है, वो ग्लैमर दुनिया जिन्होंने करीना को वो स्थान दिया जिसकी वह हकदार रही है। लेकिन 35 की उम्र में आने के बाद, उन्होंने ग्लैमर गर्ल के अलावा एक सफल अभिनेत्री के रूप में भी पहचान बनाई। दुनिया का अनुभव होने के बाद उनका सिर्फ एक ही उद्देश्य रहा कि उनकी आवाज को सुना जाए व गंभीरता से लिया जाए, जिस तरह से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई उससे तो यही लगता है कि जल्द ही उस उद्देश्य को पूरा कर लेंगी करीना कपूर खान ।

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जब करीना कपूर से यह पूछा गया कि वर्तमान में सरकार के अधीन ‘बढ़ती असहिष्णुता’ के विरोध में फिल्म निर्माताओं के पुरस्कार लौटने को लेकर आप क्या कहेंगी ? तब करीना कपूर खान ने लेखकों व फिल्म निर्माताओं के ‘‘देश में बढ़ रही असहिष्णुता को लेकर’’ पुरस्कार लौटने पर विरोध जताया व लेखकों व फिल्म निर्माताओं को सुझाव दिया कि इन मुद्दों पर परेशान होने के बजाय इनका समाधान निकालें व यह भी कहें कि ‘पुरस्कार लौटाना किसी समस्या का सामाधान नहीं होता। हमें पुरस्कार लौटाने के बजाए असहिष्णुता के इस मुद्दे से सीखना चाहिए। यह निजी मामला नहीं बल्कि राष्ट्र का मुद्दा है। मैं अपने पुरस्कार वापस नहीं लौटाऊंगी, पर देश में जो भी हो रहा है जैसे कि विभिन्न मुद्दों पर युवकों का प्रतिशोध जाहिर करना इत्यादि, यह सब मुझे वास्तव में प्रेरित कर रहा है।

Kareena kapoor with Saif Ali Khan
Kareena kapoor with Saif Ali Khan

मिसेज कपूर खान ने रायपुर यूनिसेफ, स्कूल शिक्षा और महिलाओं और छत्तीसगढ़ सरकार के बाल विकास विभागों के कार्यक्रमों श्रृंखला में भाग लिया। यह प्रसिद्ध लोकप्रिय स्टार यूनिसेफ भारत एजुकेशन की ‘सेलिब्रिटी एडवोकेट’ है। उन्होंने बच्चों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूनिसेफ और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। बाल अधिकार कन्वेंशन वीक के द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के स्तर में सुधार की जरूरत पर बल दिया। हालांकि, स्कूलों में छात्रों के नामांकन काफी बढ़ गये है, लेकिन गुणवत्ता की शिक्षा अभी भी चिंता का एक मुद्दा है। बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना हमारे लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक है। गुणवत्ता की शिक्षा और उन्नत तकनीक के लिए बच्चों को शिक्षा देनी चाहिए ताकि उनका भविष्य बेहतर बन सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय की सुविधा, छात्रों के लिए स्वच्छ पीने के पानी की सुविधाएं होनी चाहिए।

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करीना कपूर इस तरह के विषयों को गंभीरता से लेती है, दिल्ली में 4 व 5 दिसंबर को हुए दो दिवसीय नेतृत्व शिखर सम्मेलन के आयोजन का हिस्सा बनी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, इयान चैपल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, निकोल किडमैन, अरविंद केजरीवाल और लॉरेंस एच समर्स भी मौजूद रहे। तो यह वो करीना कपूर खान है जिसे ‘मुझे कुछ कहना है’ की लड़की से आज एक परिपक्व औरत बनी जो वास्तव में अपनी बात को गंभीरता से कहती है और वो कभी भी सही बात को सबके सामने रखने से नहीं डरती।

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Mayapuri