भंवरः प्रभावहीन पटकथा पर साइंस फिक्शन

1 min


स्टारः 2 स्टार

निर्माताः के वी बी इंटरटेनमेंट

निर्देशकः करणवीर बोहरा

कलाकारः करणवीर बोहरा,प्रिया बनर्जी,तीजय सिद्धू,मंत्रा अन्य.

अवधिः लगभग डेढ़ घंटा, आठ एपीसोड

ओटीटी प्लेटफार्म जी 5

18 अगस्त से ‘‘जी 5’’ पर प्रसारित हो रही साइंस फिक्शन वेब सीरीज ‘‘भंवर’’ के आठ एपीसोड हैं। हर एपीसोड दस से पंद्रह मिनट के बीच का है।

कहानीः

 एक जुलाई 2020 को रणवीर (करणवीर बोहरा) अपनी पत्नी कनिका (प्रिया बनर्जी) के साथ बीस करोड़ रूपए के साथ एक फ्लैट के लिए पांच करोड़ रूपए देकर उसकी चाभी लेने जा रहे होते हैं, तभी सी पी शर्मा फोन कर रणवीर को कनिका से सावधान रहने के साथ ही यह जानकारी देते हैं कि वह पुलिस की नजरो में हैं। रणवीर एक आफिस में जाकर सैम (तीजय सिद्धू )को पांच करोड़ रूपए देकर एक आलीशान फ्लैट की चाभी हासिल कर उस फ्लैट में रहने जाते हैं.वह अपने साथ लाए दो सूटकेस में बीस करोड़ रूपए छिपा देते हैं। वैसे इनमें से आधी रकम सी पी शर्मा को देनी है। शाम को घर की पार्टी में सैम, उसकी दोस्त जो और जो का भाई राॅड्रिक्स (मंत्रा) भी आता है। पता चलता है कि कनिका और राॅड्क्सि के बीच प्रेम का चक्कर है और वह राॅड्क्सि की योजना के अनुसार ही काम कर रही है। पार्टी खत्म होने के बाद अचानक फ्लैट के हाल में मौजूदविंड मिलघूमना शुरू करती है और रणवीर कनिका को अपनी तरफ खीचती है,फिर उन्हे वापस फेंक छोड़ देती है। उसके बाद उनकी जिंदगी में कई अजीबोगरीब घटनाएं होने लगती हैं फोन और टीवी का रीचार्ज खत्म हो जाता है। कनिका रणवीर को लगता है कि घर में कोई भूत है। इस बीच टीवी पर खबर आती है कि पूरे छह माह बाद रणवीर कनिका का शव विरार मे पाया गया। तब इन्हे अहसास होता है कि वह तो तीन जनवरी 2021 में रह रहे हैं। अब उनकी समझ में नही आता कि यह कैसे संभव है। फिर रणवीर को एक कागज मिलता है.जिसके माध्यम से वह भूत से बात करता है, तो पता चलता है कि उसे वापस अपने समय में जाना है और पाॅंच जुलाई को रात साढ़े आठ बजे इन दोनों की हत्या होनी है,पर इन्हे अपनी सुरक्षा के लिए अपने समय में जाना ही पडे़गा। दोनो सोचते हुएविंड मिलके सामने पहुँचते हैं, पुनः वही होता है  और फिर से वह वापस अपने समय पर पहुॅच जाते हैं। अब रणबीर कनिका आपस में बात करते हैं कि उन्हे अपना भविष्य पता चल चुका है,पर इससे कैसे बचा जाए। अंततः नाटकीय घटनाक्रम के बाद वैसा ही होता है,जैसा वह देख चुके थे। 

लेखन निर्देशनः

साइंस फिक्शन के साथ धन की हवस पर यह एक अति कमजोर कहानी है.कमजोर पटकथा के चलते पूरी फिल्म बर्बाद हो गयी.

लेखक और निर्देशक ने कहानी के परे जाकर बेवजह के बोल्ड दृश्य भर दिए हैं। काश पटकथा लिखते समय साइंस फिक्शन को गहराई से समझा गया होता। इसमें एक भी दृश्य ऐसा नही है,जो रोमांच पैदा करे। कमजोर पटकथा निर्देशन के चलते पहले एपीसोड में ही पता चल जाता है कि कौन किसकी क्यों हत्या करने वाला है। साइंस फिक्शन टाइम  ट्रावेल  हानी को परदे पर साकार करने में वीएफएक्स का बहुत बड़ा योगदान होता है। पर यहां वीएफएक्स भी काफी घटिया है। कम पैसे मे बनायी गयी फिल्म है,जिसे जबरन आठ एपीसोड में विभाजित कर वेब सीरीज के रूप में ‘‘जी 5’’पर दिखाया जा रहा है। 

अभिनयः

 करणवीर बोहरा और कनिका ने अच्छा अभिनय किया है। कुछ दृश्यों में इन दोनो के बीच की केमिस्ट्री लाजवाब है। यही इस वेब सीरीज का सकारात्मक पक्ष है, अन्यथा सब कुछ कमजोर है। मगर करणवीर बोहरा और प्रिया बनर्जी का बेहतरीन अभिनय फिल्म को अच्छी बनाने में सुल नही होता। इसमें करणवीर बोहरा की निजी जिंदगी की पत्नी तीजय सिद्धू ने भी सैम का छोटा सा किरदार निभाया है, पर वह अपने अभिनय से कोई प्रभाव नही डाल पाती। मंत्रा अन्य कलाकारों के किरदार भी ठीक से गढ़े नहीं गए हैं।


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Mayapuri

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