बोधिसत्व फिल्म समारोह में जुटेगा देश-विदेश का सिनेमा

1 min


फिल्मों को कला के साथ.साथ संप्रेषण के माध्यम के तौर देखे जाने के प्रति दर्शकों की स्वीकार्यता ने हाल के बरसों में ढेरों फिल्म.समारोहों को भी जन्म दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में भारत के विभिन्न शहरों में किस्म.किस्म के फिल्मोत्सवों की शुरूआत हुई है जिनमें से काफी सारे समारोह खासा नाम भी कमा चुके हैं। इसी कतार में खड़े होने की दमदार कोशिश करता नजर आ रहा है बोधिसत्व अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह जो 16 फरवरी से बिहार की राजधानी पटना में आयोजित होने जा रहा है। आठ दिन तक चलने वाले इस समारोह का ढांचा भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह इफ्फी सरीखा दिखाई देता है। समारोह निदेशक पंकज श्रेयस्कर बताते हैं कि इफ्फी की ही तरह इसमें बहुत सारे खंडों में फिल्मों का प्रदर्शन होगा। उनके मुताबिक दूसरी बार आयोजित किए जा रहे इस समारोह में 122 देशों से 3543 छोटी.बड़ी फिल्में आई थीं जिनमें से करीब 125 फिल्मों को प्रदर्शन के लिए चुना गया है। ये फिल्में प्रतियोगी और गैर.प्रतियोगी वर्गों में विश्व सिनेमाए राष्ट्रीय सिनेमाए वृत्तचित्रए शॉर्ट.फिल्में एशियन सिनेमाए भारतीय पैनोरमाए एनिमेशन फिल्मों जैसे कई खंडों में दिखाई जाएंगी। इनके अलावा फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन की पांच फिल्मों का एक पुनरावलोकन खंड और अभिनेता ओम पुरी की पांच फिल्मों का एक श्रद्धांजलि खंड भी होगा। साथ ही बिहार.एक नजरिया वर्ग में भी पांच फिल्में दिखाई जाएंगी।

Bodhisatva Film Festival
Bodhisatva Film Festival

इस समारोह से बतौर निदेशक जुड़े अभिनेता विनीत कुमार बताते हैं कि बोधिसत्व को महात्मा बुद्ध से न जोड़ें बल्कि यह नाम ज्ञान के सत्व की प्राप्ति की और इशारा करता है। विनीत बताते हैं कि समारोह की ओपनिंग फिल्म लीना यादव निर्देशित पार्च्ड और समापन फिल्म महेश मांजरेकर निर्देशित नटसम्राट होगी। समारोह का आयोजन देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर के रोगियों के बीच सराहनीय काम कर रही संस्था ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन और बिहार सरकार के सहयोग से हो रहा है जिसमें देश.विदेश की ढेरों नामी फिल्मी हस्तियों के अलावा रोजाना कई सारे सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम भी देखने को मिलेंगे।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये