INTERVIEW!! इतने दिनों में भी किसी की ज़िन्दगी बदल सकती है- साहिल आनंद

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-लिपिका वर्मा 

बिग बॉस में -‘वाइल्ड कार्ड एंट्री साहिल आनंद जिन्हें  बहार किया गया  अपना मत देते हुवे  कहते है -“मैं केवल दस दिनों के लिये  ही बिग्ग बॉस  में रहा  पर  मेरा  मानना है कि -इतने दिनों में भी किसी की ज़िन्दगी बदल सकती है । “

 साहिल आनंद ने लिपिका वर्मा  के कुछ सवालो के जवाब सीधे- सीधे दिए –

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आपको घर  से निकल गया , आपको  ताज्जुब नहीं हुआ?

जी हाँ! मुझे ताज्जुब लगा। किन्तु इस बात की  ख़ुशी भी  है मुझे। जब मैं घर से बाहर आया, तब मुझे इस बात का एहसास हुआ -कि मुझे ज्यादा दिखलाया भी नहीं गया  था। एक एपिसोड में तो मैं जरा सा ही नजर  आया था। ऐसा भी नहीं है कि , मैंने बिग बॉस के घर में  कुछ काम नहीं किया था। मैं जैसा हूँ- वैसा  ही घर में रहा। क्योंकि ,मैं शान्ति प्रिये हूँ सो मैंने घर में भी शान्ति बनाये रखने की कोशिश की थी। बानी,लोपा और ओमजी के लड़ाई झगडे सुलटाया करता था मैं। ज्यादातर जितने भी लोग घर में लड़ाई -झगडे करते है उन्हें ही अत्याधिक  फुटेज मिलता है। शायद इस लिए मुझे ज्यादा दिखलाया भी नहीं गया था। सो अब घर से बाहर हूँ तो अच्छा ही है मेरे लिए।

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इस बात से आप को कुछ दुखी है  क्या?

ऐसी बात नहीं है। दरअसल , मुझे कुछ अनुभव ही मिला है बिग बॉस के घर में जा कर। अपने  बारे में भी कुछ अलग पहचान  मिली है मुझे। ऐसी स्तिथि में भी मैं  वैसे का वैसा ही रहा . अपने अंदर सहनशक्ति का अनुभव हुवा है मुझे। सो कभी यदि ,ऐसी स्थिति आये तो मैं बिलकुल  भी नहीं बदलूंगा। यदि लोग किसी शांतिप्रिय बन्दे को देखना पसन्द करे तो जाहिर  सी बात है मैं भी  पर्दे पर शो में  ज्यादा दिख पड़ता। ।  मैंने घर के अंदर जाकर  खाना बनाना भी सिखा। बाथरूम और अन्य जगहों की सफाई भी करनी सीखी मैंने। जिस वक़्त मेरा  घर  में प्रवेश हुवा तब तक सब प्रतियोगी नफरत का खेल -खेल रहे थे। कई प्रतियोगी, मेरा- उनके साथ बातचीत में  भाग लेना नापसन्द भी कर रहे थे।मुझे एक अजनबी की तरह भी नहसूस हो रहा था ऐसे वक़्त  में।

घर में रहने के दौरान आपको और कैसा  महसूस हुआ  ?

हम सब एक कटपुतली की तरह ही होते है घर के भीतर। पता नहीं जो कुछ तनाव मेरे अंदर भरा हुआ है ,यह कितने दिनों बाद मेरे जेहन से बाहर निकलेगा

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आपने लोपा और बानी के बीच तनाव खत्म करने की कोशिश की , किसकी गलती मानते है प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ?

लोपा को यही  समझाया मैंने -कि बानी सवालो का उतर दे रही थी , उस वक़्त आपका बीच में बोलना गलत ही था। लोपा ने पलट कर मुझे यह बतलाया –बानी मेरे ही बारे में बोल रहे थी अतः मुझे बीच में बोलना पड़ा। किन्तु , जब मैंने यह समझया कि -बानी के बोलने के तुरन्त बाद भी लोपा अपना वक्तव्य उसके सामने रख सकती थी ,तब उसे यह बात  अच्छी तरह समझ में आयी और उसने बानी से माफ़ी मांगने की बात की थी मुझसे।

बानी के साथ आपने ,”रोडीज़” शो  में  भी भाग लिया था. उस के बारे में अब क्या कहना है आपका ?

शारीरिक तौर से  एवम मेंटली वह काफी थक  चुकी है अब। घर का माहौल  ही कुछ ऐसा हो गया था कि-बानी को भी कुछ स्पेस  चाहिए थी जिस तरह मुझे भी कोई शान्त करने वाला चाहिए  था।  कोई भी किसी भी  तरह से  एक्शन करने लगा था। रोडीज़ में उनके साथ काम किया है , तो उनके क्रोध की सीमा  का ज्ञान है मुझे। उम्र के साथ साथ वह कुछ इमोशनल भी हो चुकी है।

ओमजी के साथ कैसा अनुभव रहा आपका ?

ओमजी ने एक टास्क में मेरी सहायता भी की थी। और यह मुझे इमोशनल कर गया था। जब कभी भी महिलाओ के बारे में उनकी मंशा बदलना  चाही मैंने इस से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्हें वही सब सही लगा जो वह करते है और सोचते है। वह बिलकुल भी बदलना नहीं चाहते  है।  वह यही  कहते है -मै सब कुछ फुटेज पाने के लिए ही करता हूँ और ऐसा ही करता रहूँगा। उन्हें किसी की शिक्षा  न तो लेनी है और ना ही उन्हें उसे समझना है। … फिर चाहे सलमान ही क्यों न उन्हें कुछ बोल रहे हो? ओमजी को कोई फर्क नहीं पड़ता है।

आपके हिसाब से सबसे गन्दा खेल कौन खेल रहे है। 

ओमजी। चाहे  उनके पास कोई मुद्दा हो या न हो ,उन्हें तो बस कॉन्ट्रोवर्सी ही करनी होती है। कभी कभी तो वह ओवर एक्टिंग ही करती है।

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घर में रहे,  इन थोड़े दिनों में क्या कुछ सीख मिली आपको अपने जीवन हेतु?

यह सही एक गेम शो ही है जो आपके जीवन में बदलाव ला सकता है। बस इस बात की ख़ुशी है  कि- बानी के साथ मेरी दोस्ती दोबारा  कायम हो पायी।

आपके हिसाब से विनर विजेता कौन हो सकता है ?

मनवीर और गौरव ही जीतेगे हमारे सबके हिसाब से।


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Mayapuri

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