बिंदास चैनल पर मैडिकल पर आधारित धारावाहिक‘ जिन्दगी विन’ ‘पेशे और प्यार के बीच का अंर्तद्वंद’

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एक बार फिर टीवी सास बहू की गिरफ्त में हैं । कितने ही यदाकदा कुछ अलग से शो सास बहूओं पर से दर्शक की नजर घुमाने की कोशिश करते नजर आते हैं । इन्हीे में एक शो का नाम ‘जिन्दगी विन’। बिंदास चैनल दर शनिवार शाम सात बजे इसका प्रसारण हो रहा है ।

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मेडिकल और डाॅक्टरी पेशे का लेकर इस धारावाहिक में बताने की कोशिश की गई है कि प्रोफेशनल लाइफ में भावनाओं या इमोशन की कोई जगह नहीं होती लेकिन जब बात किसी किसी जिन्दगी को लेकर हो तो और उसे बचाया जा सकता हो तो उस वक्त कितना प्रोफेशनल हुआ जा सकता है । शो में लव स्टोरी के अलावा डाॅक्टरी पेशे की ढेर सारी दुश्वारियों को दिखाने की कोशिश की गई है ।
धारावाहिक के मुख्य पात्र हैं डाॅक्टर मालविका यानि सारा खान जो पूरी तरह से प्रोफेशनल है लिहाजा उसके सारे डिसिजन प्रोफेशनल होते हैं । डाॅक्टर आलिया यानि अबिगेल पांडे एक हद तक इमोशन हैं और ज्यादातर दिमाग की नहीं दिल की सुनती है । इनके अलावा डाॅक्टर इैशान शनि किरण श्रीनिवास काफी पापूलर हस्ती रहा है ।एक वक्त वो डाॅक्टर मालविका के साथ रिलेशनशिप में भी रह चुका है लेकिन बाद में उसका झुकाव डाॅक्टर आॅलिया की तरफ होने लगता है । ओर यहीं से तीनों के बीच प्यार को लेकर एक अंर्तद्वद भी शुरू हो जाता है । इस परिस्थति में बेशक इनके पेशे में भी व्याधान पैदा होता है । जंहा तक धारावाहिक की बात की जाये तो एक तरफ तो डाॅक्टरी पेशे को लेकर एक जद्दोजहद है दूसरी तरफ मरीजों के लिये उनके दायित्व को लेकर भी कश्मकश है ।

 

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जब धरावाहिक की पात्र डाक्टर आॅलिया यानि एबिगेल पांडे से डाॅक्टरी पेशे के बारे में पूदा गया तो उसका कहना था कि उसे तो शुरू से ही ये पेशा लुभावना लगता रहा है ।उाक्टर को मोम के गुडडे नहीं होते मेरा निजी अनुभव कि डाॅक्टर बहुत मेहनत करते हैं ।मेने देखा है कि जूनियर डाॅक्टर दो तीन दिन तक अपने घर तक नहीं जाते । सारा खान का कहना है कि शुरू में उसे डाॅकअर बनना था लेकिन बात नहीं बन पायी । डाॅक्टरी पेशे के बारे में उसका कहना है कि डाॅक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है लेकिन मेरा कहना है कि डाॅक्टर सिर्फ कोशिश कर सकता है लेकिन जिसकी मौत आई है उसे कौन बचा सकता है ।

एबीगेल से जब डाॅक्टर के अभिनय के बारे में पूछा गया तो उसका कहना था कि हम डाॅकटर तो नहीं बन सकते लेकिन उनकी नकल जो अचछी तरह से कर ले वही अच्छा एक्टर है ।यहां एक डाॅक्टर हैं जो हमें हर सीन के बारे में बताते रहते हैं हम उन्हें आब्जर्व करते रहते हैं जैसे वे कैसे किसी मरीज को चैकअप करते हैं नब्ज किस प्रकार पकड़ते है उनकी लिखाई कितनी खराब होती हैं वगैरह वगैरह । इससे पहले भी कुछ शो इसी सब्जेक्ट को लेकर आ चुके हैं । देखिये शो हो या फिल्म, अगर उनमें किसी चीज को प्रभावशाली और नये तरीके से दिखाया जायेगा तो बेशक उसे दर्शक पसंद करेगें । अगर फिल्मों की बात की जाये तो इस पेशे पर आधारित फिल्म मुझे मुन्ना भाई एम बीबीएस पंसद है ।

धारावाहिक के प्रोडयूसर सिद्धार्थ पी मल्हौत्रा का कहना है कि बेशक इस शो मे कहानी के साथ एक लव स्टोरी भी चलती है जिसे लव ट्रायगंल कहा जा सकता है ।परन्तु मुख्यता कहानी पेशेन्ट और मरीज की ही होगी ।इसके अलावा आज इस पेशे में जो भ्रष्टाचार चल रहा है दवाओं की कालाबाजारी जैसे मुद्दों को भी शो में प्रभावशाली ढंग से पेश करने की कोशिश की जायेगी ।तथा सीनियर और जूनियर्स डाॅक्टर्स के बीच के रिश्तों को भी बारीकी से दिखाया गया है । अब देखना हैं कि काॅमेडी,रीयलिटी शोज तथा सास बहूओ के बीच ये धारावाहिक अपनी कितनी जगह बना पाता है ।

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Mayapuri