विधु विनोद चोपड़ा

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अपनी कहानी के फिल्मों के द्वारा जो हर बार छा जाते हैं-विधु विनोद चोपड़ा

बॉलीवुड के फिल्म निर्देशक, स्क्रीनराइटर और निर्माता विधु विनोद चोपड़ा का जन्म 5 सितम्बर 1956 कश्मीर में हुआ था लेकिन वे पले-बढ़े श्रीनगर में थे। उनके पिता का नाम डी एन चोपड़ा है और फिल्ममेकर रामानंद सागर उनके हाफ-ब्रदर थे। उनका हिन्दी सिनेमा से प्यार और परिवार से मिले सर्पोट ने ही उन्हें फिल्म डायरेक्शन की पढ़़ाई के प्रेरित किया। फिल्म डायरेक्शन की पढ़ाई के लिए वे पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया गए ।

विधु विनोद चोपड़ा बॉलीवुड के ऐसे निर्देशक हैं जिनकी कहानियाँ दिल को छु जाती हैं और जिनकी चाप दर्शकों के मन पर सालो साल बनी रहती है उनकी फिल्म की कहानियाँ जितनी खूबसूरत और हटकर होती हैं उससे जड़ उस कहानी को प्रेजेंट करने का इनका तरीका सबसे हट कर होता है। विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मो की एक और खास बात होती है की वो हर कहानी के बाद एक मेसेज जरूर देते हैं वे शुरू से ही अपने काम को लेकर काफी समर्पित रहे हैं जिसका सबसे बड़ा उदहारण है कि उनकी पहली शार्ट फिल्म मर्डर एट मंकी हिल ने बेस्ट शार्ट एक्सपेरिमेंटल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता और बेस्ट स्टूडेंट फिल्म का गुरू दत्त मेमोरियल अवार्ड भी जीता। इसके बाद बच्चों पर आधारित उनकी एक अन्य शार्ट डाॅक्युमेंट्री एन एंकाउंटर विद फेसेस को 1979 के एकेडमी अवार्ड के डाॅक्युमेंट्री शार्ट सब्जेक्ट की श्रेणी में नामांकित किया गया। इसने 1980 में टैम्पर फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड पिक्स भी जीता।

शार्ट फिल्म बनाते बनाते एट लास्ट उनकी पहली हिन्दी फीचर फिल्म जिसे ब्लैक एंड व्हाइट में शाॅट किया गया आई , वह थी सजा-ए-मौत। यह एक थ्रिलर फिल्म थी। फिल्म में नसीरूद्दीन शाह और एडिटर रेनू सलूजा थीं जो कि उनके एफटीआईआई, पुणे में साथी विद्यार्थी थे। उनकी परिंदा, मुन्नाभाई एमबीबीएस, 3 इडियटस जैसी फिल्में क्रिटिकली अक्लेम्ड फिल्में रहीं। उनकी 3 इडियटस तो हिन्दी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक रही जिसने कमाई के सारे रिकाॅर्ड तोड़े और यह फिल्म भारत के साथ साथ विदेशों में भी खूब पसंद की गई। उनकी लगन और हुनर को हर कोई उनकी फिल्मो द्वारा मान गया और उनकी कुछ फिल्मो ने तो सुनहरे अक्षरों में बॉलीवुड के सीने पर अपना नाम लिख दिया जिसे लोग आज भी याद करते है उनमे से कुछ फिल्मे इस प्रकार हैं -सजाए मौत, जाने भी दो यारों, परिंदा, 1942 ए लव स्टोरी, करीब, मिशन कश्मीर, मुन्ना भाई एमबीबीएस, परिणीता, लगे रहो मुन्नाभाई, एकलव्यःद राॅयल गार्ड, 3 इडियट्स, फरारी की सवारी, पीके, ब्रोकेन हाॅर्सेस, वज़ीर । वैसे तो विधु विनोद चोपड़ा के आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में कोई नहीं जानता किन्तु हाल ही में ये न्यूज़ गर्म है कि वो सुंजय दत्त के जीवन पर फिल्म बनाने जा रहे है।

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Mayapuri