जाली नोटों का फिल्म फाइनेंस

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मायापुरी अंक 15.1974

फिल्मों का सारा ब्लैक जाली नोटों में होने लगे तो कैसा रहे। ऐसा एक दिलचस्प मामला सामने आया है।

घटना है 1 दिसम्बर की। जब मुम्बई पुलिस ने 20 रुपये के नकली नोट छापने और उन्हें काम में लाने के सिलसिले में जमालुद्दीन मोहम्मदइशाक, अतुल्ला इनायतुल्ला, समुल्ला रहीमतुल्ला और प्रेम सुन्दर शर्मा को गिरफ्तार किया। कहते है, मोहम्मद इशाक जाली बीस रुपये का नोट लेकर ब्लैक में एक फिल्म के टिकट खरीदने गया था। पहली बार कामयाब होने के बाद जब वह दूसरी बार भी उसी नम्बर का दूसरा नोट लेकर उसी व्यक्ति के पास से और टिकट लेने के लिए गया तो ब्लैक में टिकट बेचने वाले को शंका हुई। उसने तुरंत पब्लिक की मदद से उस व्यक्ति को पकड़ कर भायखला पुलिस को सुपर्द कर दिया। पुलिस के बड़े अधिकारी मामले की तहकीकात कर रहे है कि जाली नोट छापने वालों ने आंखें मूंद कर हजारों रुपये के जाली नोट मुम्बई मार्केट में फैला दिये है। यह भी पत चला है कि बीस रुपये के नोट प्रचलित करने के पहले उन्होनें सौ-सौ के भी जाली नोट मार्केट में फैला दिये थे।

यह भी सुनने में आया है कि जाली नोट बनाने वालों में से एक व्यक्ति ने एक फिल्म निर्माता को जाल में फंसा कर उसके लिये जाली नोटों का ही फाइनेंस कर दिया। जिस फिल्म का फाइनेंस किया गया उसका निर्माता पूरे कांड से घबराया हुआ है। सुनते है फिल्म के निर्माता ने ब्लैक में हासिल किये हुए वे जाली नोट कुछ कलाकारों को ‘साइनिड’ अमाउंट के बतौर बांट दी है।

‘मिसा’ और आयकर विभाग की गिद्द नजरों से बचने के लिए फिल्म की हस्तियां अब दिल खोलकर सार्वजनिक पार्टियां करने की बजाय गुप्त और प्राइवेट पार्टियां करने लगे है। फिल्म की सार्वजनिक पार्टियां में बिना बुलाये जाकर मुफ्त की शराब पाने वाले फिल्म चमचे और आवारा लोग अब दिल खोलकर मिसा को कोसने लगे है। वे अब बड़े-बड़े होटल सूंघते फिरते है पर फिल्म पार्टियों की उन्हें कही गंध नही आती। राजेश खन्ना ने दिवाली पर बड़ी पार्टी करने की बजाय केवल अपने लोगों की पार्टी की, और बाकी के यहां ‘मालमत्ता’ भिजवा दिया। अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार तो इस मामले मे पहले से ही कंजूस है इसलिए उन्हें यह कहने का मौका मिल गया है कि शानदार पार्टियां करेंगे तो सरकार की नजरों में आ जायेगें। सुनील दत्त अब अपने दोस्तों को चुपचाप घर बुलाकर दावत दे देते है। इतना ही काफी है धर्मेन्द को इस बात की खुशी है कि उसे अब ज्यादा पार्टियों में खाना नही पड़ रहा है। पिछले दिनों जब निर्माता निर्देशक केवल मित्रा मे प्रेमनाथ की बर्थडे के मौके पर सन एण्ड सैंड होटल में पार्टी दी तो सभी लोगों को डर था कि इंफासमेंट वाले छापा न मार बैठे ‘कोरा कागज’ की जुबली मनाने का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया गया है। रामानंद सागर की ओर से ‘हमराही’ की जुबली समारोह मनाने का पूरा कार्यक्रम बना लिया था पर सरकार के रूख को देखते ही समारोह स्थगित कर दिया गया है। अब अधिकांश फिल्म कलाकारों की बर्थडे पार्टियां सैट पर ही होने लगी है। पिछले दिनों हेलन ने ‘आखिरी डाकू’ के सैट पर ही अपनी बर्थडे पार्टी मनायी। उसके बाद रात को उसने अपने किन खास दोस्तों को कहां ‘प्राइवेट’ में बुलाया कोई नही जानता। पार्टियां देने के शौकीन शंकर बी.सी. भी कुछ घबराये हुए से लगते है इसलिए वे अब बीस की जगह केवल पांच आदमियों को खाने पर बुलाते है और वह भी चुपके से ओ.पी. रल्हन और प्रमोद चक्रवर्ती विदेश से लौटने के बाद फिल्म पार्टी आयोजित करना चाहते थे। पर वे पार्टियां भी स्थगित हो गयी है। फिल्म पार्टियां देने के शौकीन अब फिल्मी पत्रकारों को बुलाकार बियर शियर पिला कर ही संतोष कर लेते है।


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Mayapuri

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