मीसा के चक्कर में भारतीय सिनेमा हताहत

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Haji Mastan

 

मायापुरी अंक 7.1974

यह बात सब जानते है कि फिल्मोद्योग में अधिकतर काला धन चलता है। और यह काला धन काले धन्धे वालों ने ही लगा रखा है। इन काले धन्धों में तस्कर सर्वप्रथम आते है। यही कारण है कि एक के बाद एक जो तस्कार पकड़े जा रहे है उनसे फिल्मोद्योग के घनिष्ठ संबंधों का भी परदा फाश हो रहा है।

हाजी मस्तान “दिल और पत्थर” व ‘मेरे सरताज’ फिल्मों के तथाकथित गुप्त फायनेन्सर, एस. एन. बाखिया (निर्माता एन. एन. बाखिया के बड़े भाई) अप्सरा सिनेमा और मैट्रो (कलकत्ता व बम्बई) के मालिकान के बाद अब जो लोग पकड़े गए है उनमें ‘पांच दुश्मन’ फिल्म के निर्माता व हीरो मनु नारंग के बड़े भाई राम लाल नारंग और फिल्म’ अंगार’ के निर्माता पी.के राना उल्लेखनीय है। ‘राना’ फिल्मों और सब्जी की तस्करी किया करता था।

हीरो-निर्माता मनु नारंग इस समय भारत में नही है। वह इंग्लैण्ड गया हुआ है। वह ‘वान्टेड लिस्ट में है> इसीलिए भारत आते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

देखे मीसा और किस-किस को घिसता है।


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Mayapuri

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