सलमान जैसे लोग तलाशने पर भी नहीं मिलते- बॉबी देओल

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चार साल के बनवास के बाद बॉबी देओल फिल्म ‘रेस 3’ से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं और फिल्म को लेकर काफी खुश और उत्साहित हैं। हाल ही में एक मुलाकात के दौरान बॉबी ने अपने चार साल का अकेलापन, सलमान और फिल्म को लेकर ढेर सारी बातें की। उस मुलाकात का संक्षिप्त सार इस प्रकार रहा।

इस बार आप पूरी तरह से बदले हुए लग रहे हैं ?

 अगर आपको ईशारा मेरी बॉडी की तरफ है तो आज ये सब एक एक्टर के तौर पर जरूरत बन चुकी है। दरअसल आज हर किसी को कंपलीट पैकेज चाहिये। बॉडी बनाने के बाद हर कोई दिल से कह रहा है कि बॉबी बहुत खूबसूरत लग रहे हो। ये सब सुनकर अच्छा लगता है और खुशी भी होती है ये सोचकर कि अभी काफी कुछ करना है।

पिछले चार साल के गुप्तवास को लेकर क्या कहना है ?

उन चार सालों के दौरान मैं सोचता था कि यार मेरे साथ ये क्या हो रहा है, मैं ऐसा क्यों बनता जा रहा हूं। मैने सोचा कि मुझे अपने आपको फिर से तैयार करना होगा, क्योंकि अगर काम आता है तो मैं उसके लिये तैयार रहूं। दरअसल उस दौरान इंटरनेट पर मेरे खिलाफ एक कैंपियन सी चल पड़ी थी कि बॉबी बहुत ज्यादा लेजी है, उसे अपने करियर की जरा भी परवाह नहीं, वो एक बड़े बाप की औलाद है वगैरह वगैरह, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि काम न होने के वजह से मुझ पर क्या बीत रही थी। इन्सान जब काम नहीं करता तो उसका क्या हाल होता है, मैं अच्छा और कौन जान सकता है। फिर भी मैं उन सब का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे इंटरनेट पर क्या कुछ नहीं कहा। बेशक उनका बोलने का तरीका गलत हो सकता है, लेकिन चूंकि वे सब मुझसे प्यार करते थे इसलिये सभी यही कह रहे थे कि बॉबी अपने आपको चेंज कर।

क्या ये सब आपकी इमेज की वजह से हुआ ?

ऐसा नहीं है। इमेज तो बन ही जाती है। इस चार सालों के दौरान मैं जंहा भी जाता था, मेरे फैंस कहते थे कि बॉबी बिच्छू वाला रोल करो, सोल्जर वाला रोल या फिर बादल जैसी भूमिका कीजीये। मुझे मेरे फैंस गरीब या गांव के दहाती के तौर पर नहीं देखना चाहते, मेरी पर्सनेलिटी ऐसी है कि सब मुझे रिच आदमी के रूप देखना चाहते हैं। हालांकि फिल्में उस वक्त भी मिल रही थी, लेकिन वैसी नहीं, जैसी मैं करना चाहता था।

इससे पहले आपकी फिल्म ‘पोस्टर ब्वायज’  आ चुकी है ?

बिलकुल। उस फिल्म में मैने श्रेयस तलपड़े के साथ बहुत मेहनत की थी, क्योंकि वो मेरी इमेज से जुदा रोल था, जो एक हिन्दी के टीचर की भूमिका थी, इसलिये मैने काफी वर्क शॉप्स की। जिसमें मैने खास तौर पर प्यौर हिन्दी सीखी। उस फिल्म के बाद मैने अपने आपमें काफी बदलाव महसूस किये। जब ‘रेस 3’ मिली तो सबसे ज्यादा मेरे फंस खुश हुये और इस दौरान कुछ नये प्रशंसक भी बने।

आपके इस बदले हुये लुक और फिल्म के लिये सलमान कितने जिम्मेदार हैं ?

सो प्रतिशत। दरअसल उन दिनों मैं अपने आपको तैयार कर रहा था। ये बात सलमान ने नोटिस की। करीब एक साल पहले जब मैं दाढी रखता था, तब एक दिन सलमान ने कहा ये क्या हाल बनाया हुआ है। दाढी क्यों रखी हुई है। फिर उसने मुझे बताया कि जब मेरा टाइम्स नहीं चल रहा था तब मैं कभी तुम्हारे भाई सनी देयोल की पीठ पर चढ़ जाता था, तो कभी संजय दत्त की पीठ पर सवार हो आगे बढ़ जाता था। इस पर मैने कहा तो मामू इस बार मुझे अपनी पीठ पर सवार कर ले। उसने तभी से दिमाग में रखा हुआ था कि इसके लिये जरूर कुछ करना है। बीच में कुछ शुरू हुआ भी था लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके बाद रेस 3 का प्लान बना तो फाइनली इस बार उसमें उसने मुझे भी शामिल कर लिया।

यानि आपकी वापसी का क्रेडिट सलमान को जाता है ?

हंड्रेड प्रसेंट। मेरा मानना है कि इन्डस्ट्री में सलमान जैसे लोग तलाशने पर भी नहीं मिलते। मैं उसका मिलान अपने पापा से करता हूं क्योंकि दोनों का स्वभाव लगभग एक जैसा है। सलमान लोगों के लिये कुछ भी करता है। उसकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि उसके आसपास के लोग हमेशा खुश रहें। अपने बारे में वो जरा भी इंसिक्योर नहीं, जबकि उसके साथ वाले बड़े स्टार्स आज भी अपने आपको काफी असुरक्षित समझते हैं।

आखिरी सवाल। फिल्म किस जर्नी की बात करती है ?

इससे पहले दो रेस आ चुकी हैं। लेकिन इसकी थीम कुछ ऐसी है कि पहले इसके किसी भी किरदार को खोल नहीं सकते क्योंकि ये पहली दोनों फिल्मों से बिलकुल अलग है।

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Shyam Sharma

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