फिल्म ‘अलीगढ़’ का ‘अ’ फैक्टर

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हटकर फिल्में बनाने के लिए मशहूर हंसल मेहता के लिए उनकी फिल्म ‘ALIGARH’ का ‘A’ कष्टप्रद बन गया है। जब फिल्म शुरू हुई थी, नाम का चुनाव ‘A’ अक्षर से रखे जाने के चलते भी फिल्म का टाईलट ‘अलीगढ़’ किया जाना एक कारण था। अब यही ‘A’ उनके लिए सरदर्द हो रहा है। सेन्सरबोर्ड ने फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया था- जिसके विरोध में वह ट्रिव्यूनल में जाने की तैयारी किए हैं। अब फिल्म के ‘प्रोमो’ को भी ‘।’ श्रेणी में रख दिया गया है। फिल्म में कुछ अंग्रेजी के गालीनुमा संवाद हैं और हीरो मनोज वाजपेयी कोर्ट में सोते हुए दिखाई पड़ते हैं। इन पर आपत्ति करते हुए बोर्ड ने आदेश दिया है कि ये ‘प्रोमो’ भी किसी एडल्ट (यानि ‘A’) फिल्म के साथ ही दिखाया जा सकता है। इतना ही नहीं, फिल्म के प्रमोशन के लिए प्रोमो का प्रदर्शन रात 11 बजे (After फिर ‘A’) के बाद ही किया जा सकता है। हटकर फिल्म बनाने की सोच वाले हंसल मेहता के लिए ‘A’ कष्टप्रद बन गया है।

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Mayapuri