कैसी थी ओमपुरी की आखरी रात…..

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अब जब ओमपुरी दुनिया में नहीं है। उनकी फिल्में टीवी पर खूब दिखाई गई हैं और दोनों पत्नियों ने अपने अपने बयान सुनाये है। पर हम अपने पाठकों को बताना चाहेंगे कि ओम जी की दुनियां को अलविदा कहने वाली रात कैसी थी। ओम घर में अकेले थे…. तनाव ग्रस्त। उस रात अपने बेटे से मिलने के लिये पत्नी नंदिता पुरी के घर गये थे। बेटा घर नहीं था, कहीं पार्टी में था। वह फोन पर बेटे से बात किए-‘घर आओ बेटा… आ जाओ। आखरी समय में ओमपुरी के साथ रहे फिल्म प्रोड्यूसर खालिद किदवई बताते है कि बेटे से न मिलपाने से काफी दुखी थे। उनके पैर में थोड़ी तकलीफ थी। वह बार बार बेटे को फोन कर रहे थे और मायूस होकर घर लौटे थे। फिर वह मनोज पाहवा के घर गये थे। वहां से भी इताश भाव में ही कार में बैठकर अपने घर पहुचे थे। उनका पर्स किदवई की कार में रह गया था। सुबह पर्स वापस करने के लिए किदवई ने उनको फोन किया… पर तब तक वह दुनिया छोड़ चुके थे। अकेले और निराश हो चुके ‘अर्ध सत्य’ के नायक की आखरी रात का यह पूर्ण सत्य था।


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Mayapuri

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